Thursday, 31 August 2023

वेड्या बहिणीची रे वेडी रे माया,

 


आरोग्य संदेश

 


सलाम मुंबई' कार्यक्रम के लिए व्यवस्थित नियोजन करने के मुख्यमंत्री के निर्देश

 सलाम मुंबई' कार्यक्रम के लिए व्यवस्थित नियोजन करने के मुख्यमंत्री के निर्देश


भारतीय सेना के द्वारा होगा आयोजन


 


            मुंबई, दि. 30:- भारतीय सेना के सौजन्य से आयोजित होने वाले 'सलाम मुंबई' कार्यक्रम का नियोजन इस प्रकार किया जाए कि बड़ी संख्या में नागरिक इस कार्यक्रम को देख सकें। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज यहां कहा कि इसके लिए सांस्कृतिक कार्य विभाग और मुंबई की सभी यंत्रणाएं सहयोग करेंगी।            


            'सलाम मुंबई' कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में लेफ्टिनेंट जनरल एच. एस. काहलों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने उन्हें उपर्युक्त आश्वासन दिया।           


            सह्याद्रि राज्य अतिथि गृह में श्री काहलों ने मुख्यमंत्री श्री शिंदे को इस कार्यक्रम की संकल्पना से अवगत कराया। इस अवसर पर कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री तथा मुंबई उपनगरीय जिले के पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा आदि उपस्थित थे।    


            मुंबई शहर में विभिन्न समाजोन्मुखी और नागरिकों के दैनंदिन जीवन में सुविधा प्रदान करने के लिए अथक प्रयास करते रहने वाली सामाजिक इकाइयों और संस्थाओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें भारतीय सेना के साथ-साथ सशस्त्र सेना दल भी भागीदार होते हैं। इसमें सेना के बैंड और टैंक, सैन्य वाहन आदि हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम की योजना इस प्रकार बनाने के निर्देश दिये कि अधिक से अधिक संख्या में नागरिक, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी आदि इस कार्यक्रम को देख सकें।


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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य उच्च शिक्षा एवं विकास आयोग की बैठक

 मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य उच्च शिक्षा एवं विकास आयोग की बैठक


राज्य में नए कॉलेज, परिसंस्था शुरु करने के लिए बृहत् प्रारुप को मंजूरी

            मुंबई : राज्य के गैर-कृषि विश्वविद्यालय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय एवं परिसंस्था शुरु करने हेतु स्थलों का निर्धारण किया जाता है. इन स्थलों के निर्धारण के लिए 2024 से 2029 तक के पंचवार्षिक बृहत् प्रारुप प्लान को आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में राज्य उच्च शिक्षा और विकास आयोग (एमएएचईडी) की बैठक में मंजूरी दी गई. इस प्रारुप के मुताबिक इस साल राज्य में 1 हजार 499 स्थानों पर कॉलेज शुरू किये जा सकते हैं.


            महाराष्ट्र राज्य उच्च शिक्षा एवं विकास आयोग (माहेड) की बैठक आज सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित की गई. उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानसभा विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के साथ-साथ वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन करीर, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव विकास रस्तोगी, चिकित्सा शिक्षा सचिव अश्विनी जोशी, शालेय शिक्षा के प्रधान सचिव रणजीतसिंह देवल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.


            महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम राज्य में उच्च शिक्षा सुविधाओं के व्यापक और न्यायसंगत वितरण के लिए कॉलेजों और संस्थानों के स्थानों को निर्धारित करने की कार्यपद्धति निर्धारित करता है. विश्वविद्यालय द्वारा हर पांच साल में तैयार की जाने वाली व्यापक सम्यक योजना को महाराष्ट्र राज्य उच्च शिक्षा और विकास आयोग द्वारा अनुमोदित किया जाता है. तदनुसार इस बैठक में सम्यक योजना के अनुरूप वर्ष 2024-25 की वार्षिक योजना प्रस्ताव एवं वर्ष 2024-29 की पंचवर्षीय योजना की बृहत्‌ प्रारुप पर चर्चा की गई.


            2024 से 2029 के लिए पंचवर्षीय गंतव्य योजना में 1,537 नई प्रस्तावित स्थान थे. जिनमें से 1,499 स्थान योग्य हैं और इस प्रारुप को आज मंजूरी दे दी गई. 2019 से 2024 तक के पांच वर्षीय मास्टर प्लान में 1059 स्थान शामिल थे. विश्वविद्यालयों द्वारा आयोग को 3193 नये प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये, जिनमें से 2819 स्थल बिंदुओं को 'माहेड' द्वारा मंजूरी दी गई. पिछले पांच वर्षों में 593 नये कॉलेजों को अंतिम मंजूरी दी गयी है.


            बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के राज्य में क्रियान्वयन के संबंध में प्रमुख सचिव श्री. रस्तोगी ने जानकारी दी. शैक्षिक नीतियों के राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने संतोष जताया.


            देश में महाराष्ट्र को सबसे अधिक संख्या में विश्वविद्यालय और कॉलेजों को ‘नॅक’ दर्जा प्राप्त हुआ है. हालांकि, 'स्थायी गैर सहायता प्राप्त' कॉलेजों ने 'एनएसी' दर्जा पाने के लिए राष्ट्रीय मूल्यांकन और अनुमति परिषद के साथ पंजीकरण की कार्यवाही पर भी चर्चा की. जो महाविद्यालय 'नॅक' रेटिंग की प्रक्रिया नहीं करेंगे उन महाविद्यालयों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश बैठक में दिए गए.


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CM Eknath Shinde directs to take effective action


to protect Kandalvan along with Swampy areas


 


      Mumbai, Aug 30: Chief Minister Eknath Shinde today directed the district administration to take effective action for protecting Kandalvan along with swampy areas in the state. According to the National Wetland Atlas, there are 23,000 swamp areas in the state and the Chief Minister directed the administration to get the survey of these areas done by a Central Government recognized institution. He also directed them to present the reports of the survey before the concerned authorities in a year’s time.


      The Chief Minister chaired and addressed the fifth meeting of the Maharashtra Swamp Authority at Sahyadri Guest House here today. Principal Secretary of the Environment Department Pravin Darade made a presentation on this occasion. The meeting was attended by Additional Principal Secretary of Revenue Department Rajgopal Deora, Principal Secretary of Tourism Department Radhika Rastogi, Principal Secretary of Forest Department Venugopal Reddy, and Principal Secretary of Urban Development Department Dr. Govindraj, Principal Secretary of Rural Development Department Eknath Davle and others.


      Protection of swamp areas is done in the country and such areas are given the status of ‘Ramsar’. There are 75 such ‘Ramsar’ areas in the country three of which are located in Maharashtra including Nandur-Madhyameshwar (Nashik), Lonar Lake (Buldana), and the Thane Creek. There are 23,000 swamp places spread over a 2.25 ha area. The Chief Minister asked the administration to get the survey of these areas done by a recognized institution and the report should be prepared. He directed the concerned district collectors to accord priority to this work and collect information about the swamp places in their respective districts with the help of the concerned institution within a year.


      Taking into consideration the importance of the Kandalvans for the protection of the seashores, it becomes imperative to protect these Kandalvans also. The Chief Minister directed the administration to take proper and effective steps to preserve and protect these Kandalvans and take effective punitive action against those indulging in the destruction of the Kandalvan, 

the Chief Minister said.


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मुख्यमंत्र्यांच्या अध्यक्षतेखाली राज्य उच्च शिक्षण व विकास आयोगाची बैठक राज्यात नवीन महाविद्यालये, परिसंस्थासुरु करण्यासाठी बृहत् आराखड्यास मान्यता

 मुख्यमंत्र्यांच्या अध्यक्षतेखाली राज्य उच्च शिक्षण व विकास आयोगाची बैठक

राज्यात नवीन महाविद्यालये, परिसंस्थासुरु करण्यासाठी बृहत् आराखड्यास मान्यता


          मुंबई, दि. ३० : राज्यातील अकृषी विद्यापीठांच्या क्षेत्रामध्ये उच्च शिक्षणासाठी महाविद्यालये आणि परिसंस्था सुरु करण्यासाठी स्थळबिंदू निश्चित केले जातात. या स्थळबिंदू निश्चितीच्या २०२४ ते २०२९ या पंचवार्षिक बृहत् आराखड्यास आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्या अध्यक्षतेखालील राज्य उच्च शिक्षण व विकास आयोगाच्या (माहेड) बैठकीत मान्यता देण्यात आली. या आराखड्यानुसार यावर्षी राज्यात १ हजार ४९९ ठिकाणी महाविद्यालये सुरु करता येणार आहेत. 


          महाराष्ट्र राज्य उच्च शिक्षण व विकास आयोगाची (माहेड) बैठक आज सह्याद्री अतिथीगृह येथे पार पडली. बैठकीस उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानसभा विरोधी पक्षनेते विजय वडेट्टीवार, उच्च व तंत्रशिक्षणमंत्री चंद्रकांत पाटील, वैद्यकीय शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ, कौशल्य विकास व उद्योजकता मंत्री मंगलप्रभात लोढा यांच्यासह वित्त विभागाचे अपर मुख्य सचिव डॉ. नितीन करीर, उच्च व तंत्रशिक्षण विभागाचे प्रधान सचिव विकास रस्तोगी, वैद्यकीय शिक्षण सचिव अश्विनी जोशी, शालेय शिक्षण प्रधान सचिव रणजितसिंह देओल आदी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते.


          महाराष्ट्र सार्वजनिक विद्यापीठ अधिनियमात राज्यात उच्च शिक्षणाच्या सुविधांचे सर्वसमावेशक आणि समन्यायी वाटप करण्यासाठी महाविद्यालये आणि परिसंस्थांची स्थाने निश्चित करण्याची कार्यपद्धती ठरवून देण्यात आली आहे. विद्यापीठाने दर पाच वर्षांनी तयार केलेल्या सर्वसमावेशक सम्यक योजनेस महाराष्ट्र राज्य उच्च शिक्षण व विकास आयोगाची मान्यता घेण्यात येते. त्यानुसार सम्यक योजनेशी अनुरुप २०२४-२५ च्या वार्षिक योजना प्रस्ताव आणि सन २०२४ ते २९ या पंचवार्षिक योजनेच्या बृहत्‌ आराखड्यावर या बैठकीत चर्चा करण्यात आली.


          २०२४ ते २०२९ या पंचवार्षिक स्थळबिंदू आराखड्यामध्ये १५३७ नवीन प्रस्तावित ठिकाणे होती, त्यापैकी १४९९ ठिकाणे पात्र ठरली असून या आराखड्याला आज मान्यता देण्यात आली. २०१९ ते २०२४ या पंचवार्षिक बृहत आराखड्यामध्ये १०५९ स्थळबिंदूंचा समावेश होता. विद्यापीठांकडून ३१९३ नवीन प्रस्ताव आयोगाकडे सादर करण्यात आले होते, त्यातील २८१९ स्थळ बिंदूंना ‘माहेड’ ने मान्यता दिली होती. गेल्या पाच वर्षात ५९३ नवीन महाविद्यालयांना अंतिम मान्यता देण्यात आल्या आहेत.


          बैठकीत राज्यातील राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरणाच्या अंमलबजावणीबाबत प्रधान सचिव श्री. रस्तोगी यांनी माहिती दिली. शैक्षणिक धोरणाची राज्यात प्रभावी अंमलबजावणी करण्यात येत असल्याबद्दल मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी समाधान व्यक्त केले.


          देशात महाराष्ट्रात सर्वाधिक विद्यापीठे आणि महाविद्यालयांना ‘नॅक’ मानांकन मिळाले आहेत, मात्र, ‘कायम विनाअनुदानित’ महाविद्यालयांनी देखील ‘नॅक’ मानांकन मिळविण्यासाठी राष्ट्रीय मूल्यांकन आणि मान्यता परिषदेकडे नोंदणीची कार्यवाही करण्याविषयी चर्चा करण्यात आली. जे महाविद्यालये ‘नॅक’ मानांकनाची कार्यवाही करणार नाहीत त्या महाविद्यालयांविरुद्ध अधिनियमातील तरतुदीनुसार कारवाई करण्याचे निर्देश बैठकीत देण्यात आले.


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मळगंगा अंध - अपंग सेवा संस्थेच्यामहाविद्यालयास अनुदान देण्यास शासन सकारात्मक

 मळगंगा अंध - अपंग सेवा संस्थेच्यामहाविद्यालयास अनुदान देण्यास शासन सकारात्मक


- उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील


     मुंबई, दि.३० : मळगंगा अंध अपंग सेवा संस्थेचे न्यू व्हीजन कला वाणिज्य महाविद्यालय हे देशातील पहिले निवासी अंध - अपंग महाविद्यालय आहे. महाविद्यालयास अनुदान देण्याबाबत शासन सकारात्मक असल्याचे उच्च व तंत्र शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील यांनी सांगितले.


          मंत्री श्री. पाटील यांच्या अध्यक्षतेखाली न्यू व्हीजन कला वाणिज्य महाविद्यालयास अनुदान मिळण्याबाबतची बैठक आयोजित करण्यात आली होती. या बैठकीस आमदार ओमप्रकाश ऊर्फ बच्चू कडू, उच्च व तंत्र शिक्षण विभागाचे प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, मळगंगा अंध अपंग सेवा संस्थेचे अध्यक्ष जाई उत्तम खामकर यांच्यासह संबंधित अधिकारी उपस्थित होते.


          मंत्री श्री. पाटील म्हणाले की, सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठाशी संलग्न असलेले हे महाविद्यालय 'मळगंगा अंध-अपंग सेवा संस्था' मार्फत चालविले जाते. दिव्यांगांना उच्च शिक्षण देण्यासाठी हे महाविद्यालय सुरू करण्यात आले आहे. या महाविद्यालयास अनुदान मिळण्याबाबत उच्च व तंत्रशिक्षण विभागामार्फत पाठपुरावा करण्यात येईल. या महाविद्यालयास अनुदान देण्यासाठी मुख्यमंत्री यांची भेट घेऊन यावर सकारात्मक निर्णय घेण्यात येईल. तसेच दिव्यांग बांधवांच्या उच्च शिक्षणातील अडचणी आणि त्यावर उपाययोजना याबाबत धोरण तयार करण्यासाठी समिती गठित करण्यात येईल,असेही मंत्री श्री. पाटील यांनी सांगितले.


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नाशिक जिल्हा बँकेच्या अडचणी सोडविण्यासाठीशासन सहकार्य करेल

 नाशिक जिल्हा बँकेच्या अडचणी सोडविण्यासाठीशासन सहकार्य करेल


- सहकार मंत्री दिलीप वळसे पाटील


 


          मुंबई, दि. ३० : जिल्ह्याच्या अर्थकारणात सहकारी संस्थांची मातृसंस्था म्हणून जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँकेची ओळख आहे. प्राथमिक विविध कार्यकारी सहकारी संस्था, दुग्ध संस्था, खरेदी-विक्री संघ, नागरी बँका, नागरी पतसंस्था, सहकारी साखर कारखाने, शेतकरी व इतर सर्व प्रकारच्या सहकारी संस्थांच्या उभारणीत नाशिक जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक लि.या बँकेचे योगदान मोठे राहिले आहे. शेतकऱ्यांना आर्थिकदृष्ट्या सक्षम करण्यात बँकेचा मोलाचा वाटा आहे. शेतकरी हितासाठी बँकेच्या अडचणींवर उपाययोजना करणे आवश्यक आहे. यासाठी शासनाचे सहकार्य असेल, असे सहकार मंत्री दिलीप वळसे -पाटील यांनी सांगितले.


          मंत्रालयात नाशिक जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँकेच्या अडचणीबाबत बैठक आयोजित करण्यात आली होती. यावेळी विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरी झिरवाळ,अन्न व नागरी पुरवठा मंत्री छगन भुजबळ, सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री दादाजी भुसे, खासदार हेमंत गोडसे, आमदार हिरामण खोसकर, सहकार विभागाचे अपर मुख्य सचिव राजेशकुमार, दूरदृश्य प्रणालीद्वारे सहकार आयुक्त अनिल कवडे, ‘नाबार्ड’चे जनरल मॅनेजर रश्मी दरक, संबंधित अधिकारी उपस्थित होते.


          सहकार मंत्री श्री. वळसे पाटील म्हणाले की, शेतकऱ्यांना शेती व शेतीपूरक कामासाठी बँकेचे सहकार्य मोठे राहिले आहे. त्यामुळे बँकेच्या अडचणीवर सकारात्मक निर्णय घेणे आवश्यक आहे. बँकेच्या अडचणींवर काय उपाययोजना करता येतील याबाबतचा सुधारित आराखडा महिन्याभरात शासनाकडे सादर करावा, असे निर्देश सहकार मंत्री श्री.पाटील यांनी यावेळी दिले.


           वाढती थकबाकी, एनपीएत तोटा यामुळे सध्या नाशिक जिल्हा बँक अडचणीत आली आहे. बँकेच्या या अडचणी दूर करण्यासाठी ‘नाबार्ड’ने सुद्धा काय उपाययोजना करणे शक्य होईल, याबाबत मार्गदर्शन करावे, असे आवाहनही सहकारमंत्री श्री.वळसे पाटील यांनी यावेळी केले.

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