उन्होंने कहा कि आपकी नौकरी एआय नहीं लेगा, लेकिन एआय का उपयोग करने वाला व्यक्ति आपकी नौकरी ले सकता है। इसलिए पत्रकारों के लिए एआय कौशल सीखना बेहद जरूरी है। इस उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय की पहल पर पत्रकारों को प्रशिक्षण देने के लिए जल्द ही “एआय इन जर्नलिज्म” नामक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एआय के कारण ग्यान निर्माण, प्रसार और उपयोग की पूरी प्रक्रिया तेजी से बदल रही है। पत्रकारिता के कई कार्य स्वचालित हो रहे हैं और भविष्य में भी कई कार्य स्वचालित हो सकते हैं, लेकिन सत्य प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी अंततः मानव बुद्धि पर ही रहेगी। इसलिए एआय से पत्रकारिता का स्वरूप भले बदल जाए, परंतु विश्वसनीयता, सत्यता और संपादकीय जिम्मेदारी पत्रकारिता के मूल सिद्धांत बने रहेंगे।
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