राज्य में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं
महाराष्ट्र में प्रतिदिन औसतन लगभग 9,000 मीट्रिक टन एलपीजी की मांग होती है। इस मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ा दिया गया है और पिछले दो दिनों में दैनिक उत्पादन 9,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर लगभग 11,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसलिए राज्य में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त उत्पादन तथा भंडार उपलब्ध है।
व्यावसायिक एलपीजी के मामले में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राथमिकता तय की गई है। इसके तहत अस्पताल, स्कूलों की मध्याह्न भोजन योजना, आश्रमशालाएं, सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) तथा सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के मेस जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
घरेलू उपयोग के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसी प्रकार राज्य में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बाजार की मांग पूरी करने के लिए राज्य की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और प्रतिदिन लगभग 15,000 किलोलीटर पेट्रोल तथा 38,000 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति की जा रही है।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की चिंता न करें, क्योंकि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
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