आदिवासी विकास मंत्री, विधायक एवं अधिकारियों की राज्यपाल से चर्चा
आदिवासी कलाकारों, लेखकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं को लोकभवन लाने के राज्यपाल के निर्देश
मुंबई, दि 18 : राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक वूईके के नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों के विधायकों तथा आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से लोक भवन में भेंट कर आदिवासी विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल ने आदिवासी विकास मंत्री को निर्देश दिया कि राज्य के आदिवासी कवियों, लेखकों, गायकों, समाजसेवियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं को लोकभवन लाया जाए, ताकि उनसे संवाद किया जा सके।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य को पहली बार आदिवासी समाज से राज्यपाल प्राप्त हुए हैं, जिससे आदिवासी समाज की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी।
राज्यपाल ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में आदिवासियों का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे सभी आदिवासी क्रांतिकारियों के बारे में जानकारी देने वाली छोटी-छोटी पुस्तिकाएँ तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के सांस्कृतिक विभाग के सहयोग से आदिवासी क्रांतिकारियों के जीवन और कार्य पर आधारित लघु नाटक एवं पथ नाटक तैयार किए जाएँ तथा इस कार्य में आदिवासी गायक, कलाकार और कवियों को शामिल किया जाए। इससे नई पीढ़ी को आदिवासी योगदान और संस्कृति के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त आंदोलन हैं। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग को राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में ऐसे समूहों की संख्या और उनके कार्यों का विस्तृत विवरण एकत्र कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में क्षय रोग उन्मूलन की स्थिति तथा आदिवासी महिलाओं में एनीमिया के संबंध में भी जानकारी प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में विधायक हरिश्चंद्र भोये, राजेश पडवी, भीमराव केराम, केवलराम कावे, राजू तोडसाम तथा पूर्व मंत्री राजेंद्र गावित उपस्थित थे।
इस अवसर पर आदिवासी विकास आयुक्त लीना बनसोड और आदिवासी विकास अनुसंधान परिषद की आयुक्त मंजिरी मनोलकर ने अपने-अपने विभागों का प्रस्तुतीकरण राज्यपाल के समक्ष किया।
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