महाराष्ट्र अंतरराष्ट्रीय स्तर का विधि शिक्षा केंद्र बनेगा
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र देश का एकमात्र राज्य है जहां तीन राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के अंतर्गत बनने वाले इस आधुनिक परियोजना के सभी अनुमोदन पूरे हो चुके हैं। यह परियोजना केवल महाराष्ट्र के लिए ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विधि शिक्षा का केंद्र बनेगी, ऐसा मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा।
उन्होंने बताया कि नवी मुंबई में एक ‘एज्यु-सिटी’ विकसित की जा रही है, जहां विश्व के सर्वोच्च विश्वविद्यालय आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि आज उद्योग, व्यवसाय, सामाजिक जीवन और राजनीति इन सभी का शिक्षा से गहरा संबंध है।
मुख्यमंत्री ने कहा, आज मानव संसाधन ही सबसे मूल्यवान पूंजी है। पहले मनुष्य पूंजी के पास जाता था, अब पूंजी मनुष्य के पास आती है। इसलिए महाराष्ट्र में सर्वोत्तम मानव संसाधन तैयार करने का हमारा प्रयास जारी है।
मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर ने कहा कि विधि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने का केंद्र नहीं बल्कि श्रेष्ठ नागरिक तैयार करने का स्थान है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में उत्कृष्टता और मानवीय मूल्यों का विकास करना है। जो व्यक्ति अच्छा इंसान है, वही अच्छा छात्र, शिक्षक या नागरिक बन सकता है, उन्होंने कहा।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण और प्रस्तावना कुलगुरु प्रो. दिलीप उके ने दी, जबकि आभार प्रदर्शन कुलसचिव प्रकाश चौधरी ने किया।
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