कुल और मुंडकारों के लिए कार्य कर रवी नाईक ने रचा इतिहास
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
पूर्व मुख्यमंत्री रवी नाईक को गणमान्य व्यक्तियों की श्रद्धांजलि
पणजी, 19 अक्टूबर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रवी नाईक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, संत तुकाराम महाराज के अभंग ‘जे का रंजले, गांजले त्यासी म्हणे जो आपुले...’ की भावना को साकार करते हुए रवी नाईक ने समाज के वंचित, दबे-कुचले और आवाजहीन वर्ग के लिए काम कर कुल और मुंडकारों के हक में एक स्थायी विरासत बनाई।
पूर्व मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री रवी नाईक का मंगलवार, 14 अक्टूबर की रात निधन हो गया। उनके कार्यों के स्मरणार्थ गोवा सरकार की ओर से आज कला अकादमी में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे, विद्युत मंत्री सुदिन धवलीकर समेत कई मंत्री और विधायक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने रवी नाईक के व्यक्तित्व की दो महत्वपूर्ण विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “गृहमंत्री के रूप में उनकी दृढ़ता और कृषि मंत्री के रूप में उनकी संवेदनशीलता ये दोनों पक्ष जनता के मन में सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने जो विरासत तैयार की, वह लंबे समय तक प्रेरणा देती रहेगी। रवी नाईक एक उत्कृष्ट वॉलीबॉल खिलाड़ी थे और उन्होंने वही खेल भावना राजनीति में भी बनाए रखी। उन्होंने जीवन में कई बार जीत और हार देखी, परंतु कभी भी अपनी खिलाड़ूपन की भावना नहीं छोड़ी। उन्होंने संघर्षमय जीवन जिया, लेकिन कभी किसी से व्यक्तिगत वैर नहीं रखा। वे समाज के दबे-पिछड़े और वंचित वर्ग की आवाज बने।”
बहुजन समाज के संरक्षक और कुशल प्रशासक
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने रवी नाईक को बहुजन समाज का संरक्षक बताया। उन्होंने कहा, “उन्होंने सभी समाजों को एकजुट करने का जो प्रयास किया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। चाहे कुल-मुंडकार हों या कृषि क्षेत्र, उनका योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा है। वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत थे। विभिन्न विभागों का कार्यभार संभालते हुए उन्होंने हमेशा आम जनता के हित को प्राथमिकता दी। विभिन्न क्षेत्रों में जो विकास उन्होंने किया, वह हमेशा लोगों की स्मृतियों में रहेगा।”
तपोभूमि रवी नाईक के कारण ही साकार हुई,ऐसे शब्दों में कुंडई स्थित तपोभूमि के श्री ब्रह्मेशानंद महाराज ने रवी नाईक के योगदान को याद किया।उद्योगपति अवधूत तिंबलो ने रवी नाईक के व्यक्तित्व और नेतृत्व के अनोखे गुणों को याद किया। विद्युत मंत्री सुदिन धवलीकर ने कहा कि भाऊसाहेब बांदोडकर और शशिकला काकोडकर जैसे नेताओं की श्रेणी में रवी नाईक का नाम सम्मानपूर्वक लिया जाएगा।अधिवक्ता रमाकांत खलप ने कहा कि भाऊसाहेब बांदोडकर के बाद रवी नाईक ही सच्चे अर्थों में बहुजन समाज के नेता थे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाईक, सांसद सदानंद तानवडे, सभापति गणेश गावकर, स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे, दामू नाईक तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और रवी नाईक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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