भारत–ब्रिटेन साझेदारी: वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण स्तंभ
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का संयुक्त बयान
• व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और रक्षा क्षेत्रों में अभूतपूर्व अवसर
मुंबई, 9 अक्टूबर : भारत और ब्रिटेन विभिन्न क्षेत्रों में स्वाभाविक भागीदार हैं। यह संबंध लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून का शासन जैसी समान मूल्यों पर आधारित है। वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत–ब्रिटेन की बढ़ती साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बन गई है, ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत हुए हैं तथा व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और रक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसर उत्पन्न हुए हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। मुंबई के राजभवन में आज उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी संबोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में ब्रिटेन दौरे के दौरान, दोनों देशों ने ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर सहमति व्यक्त की। इस समझौते से व्यापार और रोजगार सृजन में वृद्धि होगी तथा उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के साथ आए अब तक के सबसे बड़े व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति इस साझेदारी में नई ऊर्जा का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उद्योग जगत की शिखर बैठकें, सीईओ मंच और वैश्विक फिनटेक महोत्सव के माध्यम से सहयोग की नई संभावनाएँ खुली हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आज की बैठक में दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक और पश्चिम एशिया में स्थिरता, तथा यूक्रेन में जारी संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन और गाज़ा में शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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