Sunday, 8 June 2025

महिला सक्षमीकरणात शिक्षणाची भूमिका मोलाची

 महिला सक्षमीकरणात शिक्षणाची भूमिका मोलाची

 -मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

 आरबीएलतर्फे विद्यार्थिनींना सायकल व शालेय  साहित्याचे वितरण

 

नागपूर दि. 7 :  महिला सक्षमीकरणात शिक्षण हा अत्यंत मोलाचा घटक असून यासाठी मुलींना प्रोत्साहित करणाऱ्या अनेक योजना राज्य शासनातर्फे राबविण्यात येत आहेत. या पार्श्वभूमीवर आरबीएलच्या उम्मीद उपक्रमाअंतर्गत गरजू विद्यार्थिनींना सायकल व शालेय साहित्याचे वितरण हा उपक्रम प्रशंसनीय असल्याचे प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज येथे केले. आरबीएल बँकेतर्फे उम्मीद या समाजसेवी (सीएसआर) उपक्रमाअंतर्गत मुख्यमंत्र्यांच्या हस्ते विद्यार्थिनींना सायकल व शालेय साहित्याचे वितरण करण्यात आले.  तसेच धन्वंतरी आरोग्य शिबिराचे उदघाटनही यावेळी करण्यात आले.

आमदार संदीप जोशीप्रवीण दटकेआरबीएलचे कोषाध्यक्ष अशोक चांडक व संचालक मंडळाचे पदाधिकारी यावेळी उपस्थित होते. मनीष नगर परिसरात आयोजित कार्यक्रमात आज उपस्थितांच्या हस्ते 100 सायकलींचे वाटप करण्यात आले. मुख्यमंत्री म्हणालेमुलींच्या शिक्षणातीतील एक मोठा अडथळा म्हणजे त्यासाठी करावा लागणारा लांब पल्ल्याचा प्रवास हा आहे. आरबीएलतर्फे वितरीत करण्यात येणाऱ्या सायकलींमुळे विद्यार्थिनींना शाळेत जाणे सुलभ होण्यासह उपस्थितीत सातत्य राखण्यासाठी मदत होत आहे. विशेषत: ग्रामीण भागातील विद्यार्थिनींच्या शैक्षणिक गुणवत्तावाढीसाठी याची अधिक मदत होत आहे.

समाजातील गरजू व वंचित विद्यार्थिनींच्या शैक्षणिक समस्यांची जाणीव ठेवून आरबीएल आपली सामाजिक जबाबदारी पार पाडत आहे. हे अत्यंत स्तुत्य असल्याचे सांगून मुख्यमंत्री म्हणालेआरबीएलतर्फे दरवर्षी विविध उपक्रम राबविण्यात येतात. धन्वंतरी आरोग्य तपासणी शिबिराच्या माध्यमातून डोळे तपासणीचष्मे वाटप तसेच इतर तपासण्या नि:शुल्क करण्यात येत आहेत. मुलींचे आरोग्य निरोगी राहण्यासाठी याचा निश्चितच उपयोग होईल.

नुकतेच गडचिरोली जिल्ह्यातील अतिदुर्गम भागातील कवंडे या गावी विद्यार्थिनींना सायकलवाटप करण्यात आले. त्यावेळी विद्यार्थिनींच्या चेहऱ्यावरील आनंद बघून समाधान लाभल्याचे मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी आवर्जून सांगितले. अशा सामाजिक उपक्रमांमुळे अत्याधुनिक सुविधा व साधनांपासून वंचित राहणाऱ्या विद्यार्थिनींचे उच्च शिक्षणाचे स्वप्न पूर्ण  होण्यास मदत होईल. आरबीएलने भविष्यातही अशा उपक्रमांचे आयोजन करावे अशी अपेक्षा मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी व्यक्त केली. आरबीएलचे कोषाध्यक्ष अंशुल चांडक यांनी प्रास्ताविक करतानायावर्षी 1800 सायकलींचे वितरण करण्यात येणार असून मागील वर्षी 4800 सायकली विद्यार्थिनींना देण्यात आल्याचे सांगितले. समाजसेवी (सीएसआर) उपक्रमाअंतर्गत चालवण्यात येणाऱ्या विविध उपक्रमांची माहिती त्यांनी दिली. परिसरातील नागरिक यावेळी मोठ्या संख्येने उपस्थित

आदर्श जीवनशैली से मधुमेह को रोका जा सकता है"

 आदर्श जीवनशैली से मधुमेह को रोका जा सकता है"

-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

'हैलो डायबिटीजअंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

नागपुरदिनांक 7: पारंपरिक जीवनशैली से विकसित हुई खानपान की आदतों में शहरीकरण के कारण अनुचित बदलाव हुए हैं। इसका दुष्परिणाम यह है कि कम उम्र में ही विभिन्न रोगों का प्रभाव बढ़ रहा है। यदि हम आदर्श जीवनशैली अपनाएं तो मधुमेह से दूर रहना संभव है,ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यहां किया। डायबिटीज केयर एंड रिसर्च सेंटर तथा डायबिटीज केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 'हैलो डायबिटीजइस 12वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों होटल सेंटर पॉइंटनागपुर में हुआ।

इस अवसर पर सम्मेलन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ताडॉ. रती मक्करपद्मश्री डॉ. शशांक जोशीपद्मश्री डॉ. कमलाकर त्रिपाठीडॉ. ए.के. दासडॉ. बंशी साबूडॉ. विंकी रुघवानीडॉ. कविता गुप्ता सहित अनेक चिकित्सकविशेषज्ञ एवं चिकित्सा क्षेत्र के शोधकर्ता उपस्थित थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में तेजी से फैल रहा मधुमेह और मोटापा एक गंभीर और चिंताजनक विषय है। भारत को मधुमेह की राजधानी बनने से रोकने के लिए आयोजित ऐसे जनजागरूकता सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बदलती जीवनशैली के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'फिट इंडिया मूवमेंटजैसे कई अभियान शुरू किए हैंजिनमें स्वास्थ्य जागरूकता को प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमेह पर गहन अनुसंधान की आवश्यकता है। इस सम्मेलन के माध्यम से मधुमेह के कारणउपाय और आदर्श जीवनशैली जैसे विषयों पर जनजागरूकता होना जरूरी है। यह रोग मनुष्य की शारीरिक क्षमता को क्षीण कर देता है और इसके लिए जनजागरूकता ही पहला और प्रभावी उपचार है। गर्भवती महिलाओं को और उनके कारण नवजात शिशुओं को मधुमेह होने से रोकना विशेषज्ञों के सामने एक चुनौती है। यदि इस सम्मेलन से सकारात्मक निष्कर्ष प्राप्त होते हैं तो अगली पीढ़ी निश्चित ही मधुमेह-मुक्त रह सकेगीऐसा विश्वास मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मधुमेह होने के बावजूद उसे न स्वीकारने की मानसिकता हमारी सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए इस रोग से डरने की बजायऔषधि के साथ-साथ जीवनशैली में सुधार करने की दिशा में इस सम्मेलन से उचित मार्गदर्शन मिलना अपेक्षित है। देशभर के विशेषज्ञों और चिकित्सकों का इस सम्मेलन में विचारमंथन उपचार के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगाऐसा विश्वास भी उन्होंने जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. सुनील गुप्ता मधुमेह रोकथाम हेतु लगातार जनजागरूकता कर रहे हैं। उन्होंने अब तक अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन किया है और विभिन्न माध्यमों से शोध प्रकाशित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके इस कार्य की सराहना करते हुए इसे निरंतर जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की।

डॉ. सुनील गुप्ता ने प्रारंभिक भाषण में बताया कि इस सम्मेलन में मधुमेह के कारणउपाय और आदर्श जीवनशैली जैसे विषयों पर चर्चा होगी और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख मधुमेह विशेषज्ञ इसमें सहभागी हो रहे हैं। यह तीन दिवसीय सम्मेलन है जिसमें मधुमेह से संबंधित विभिन्न प्रस्तुतियां और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।


Diabetes Can Be Prevented Through an Ideal Lifestyle”

 ”Diabetes Can Be Prevented Through an Ideal Lifestyle

-Chief Minister Devendra Fadnavis

Inauguration of the International Conference 'Hello Diabetes'

Nagpur, June 7: Traditional dietary habits developed through conventional lifestyles have undergone improper changes due to urbanization. As a result, various diseases are affecting people at a younger age. By adopting an ideal lifestyle, it is possible to stay away from diabetes, stated Chief Minister Devendra Fadnavis today.

The 12th International Conference 'Hello Diabetes', jointly organized by the Diabetes Care and Research Center and the Diabetes Care Foundation of India, was inaugurated today by Chief Minister Devendra Fadnavis at Hotel Centre Point.

Founder President of the conference Dr. Sunil Gupta, Dr. Rati Makkar, Padma Shri Dr. Shashank Joshi, Padma Shri Dr. Kamalakar Tripathi, Dr. A.K. Das, Dr. Banshi Sabu, Dr. Vinky Rughwani, Dr. Kavita Gupta, along with other physicians, specialists, and medical researchers were present on the occasion.

Highlighting the serious and concerning spread of diabetes and obesity in India, the Chief Minister said that such awareness conferences contribute significantly to ensuring that India does not become the diabetes capital of the world. Prime Minister Narendra Modi has launched several initiatives such as the Fit India Movement to address lifestyle-related diseases, prioritizing health awareness.

Stressing the need for in-depth research on diabetes, the Chief Minister said that public awareness about the causes, remedies, and ideal lifestyle practices to prevent diabetes is essential. He emphasized that awareness is the first and most effective treatment against this disease that weakens human physical abilities. Preventing gestational diabetes in pregnant women and thereby reducing the risk to newborns is a major challenge before medical experts. He expressed confidence that if positive outcomes emerge from this conference, future generations can remain diabetes-free.

He also pointed out that one of the biggest problems is the reluctance to accept the disease after its diagnosis. Hence, such conferences should provide proper guidance on not only medication but also necessary lifestyle changes. The Chief Minister expressed hope that the expert discussions at the conference would offer direction for diabetes treatment in the country.

Dr. Sunil Gupta has been consistently creating awareness to prevent diabetes and has organized numerous programs for this cause.

-Chief Minister Devendra Fadnavis

Inauguration of the International Conference 'Hello Diabetes'

Nagpur, June 7: Traditional dietary habits developed through conventional lifestyles have undergone improper changes due to urbanization. As a result, various diseases are affecting people at a younger age. By adopting an ideal lifestyle, it is possible to stay away from diabetes, stated Chief Minister Devendra Fadnavis today.

The 12th International Conference 'Hello Diabetes', jointly organized by the Diabetes Care and Research Center and the Diabetes Care Foundation of India, was inaugurated today by Chief Minister Devendra Fadnavis at Hotel Centre Point.

Founder President of the conference Dr. Sunil Gupta, Dr. Rati Makkar, Padma Shri Dr. Shashank Joshi, Padma Shri Dr. Kamalakar Tripathi, Dr. A.K. Das, Dr. Banshi Sabu, Dr. Vinky Rughwani, Dr. Kavita Gupta, along with other physicians, specialists, and medical researchers were present on the occasion.

Highlighting the serious and concerning spread of diabetes and obesity in India, the Chief Minister said that such awareness conferences contribute significantly to ensuring that India does not become the diabetes capital of the world. Prime Minister Narendra Modi has launched several initiatives such as the Fit India Movement to address lifestyle-related diseases, prioritizing health awareness.

Stressing the need for in-depth research on diabetes, the Chief Minister said that public awareness about the causes, remedies, and ideal lifestyle practices to prevent diabetes is essential. He emphasized that awareness is the first and most effective treatment against this disease that weakens human physical abilities. Preventing gestational diabetes in pregnant women and thereby reducing the risk to newborns is a major challenge before medical experts. He expressed confidence that if positive outcomes emerge from this conference, future generations can remain diabetes-free.

He also pointed out that one of the biggest problems is the reluctance to accept the disease after its diagnosis. Hence, such conferences should provide proper guidance on not only medication but also necessary lifestyle changes. The Chief Minister expressed hope that the expert discussions at the conference would offer direction for diabetes treatment in the country.

Dr. Sunil Gupta has been consistently creating awareness to prevent diabetes and has organized numerous programs for this cause.

Diabetes Can Be Prevented Through an Ideal Lifestyle”

 Diabetes Can Be Prevented Through an Ideal Lifestyle

-Chief Minister Devendra Fadnavis

Inauguration of the International Conference 'Hello Diabetes'

Nagpur, June 7: Traditional dietary habits developed through conventional lifestyles have undergone improper changes due to urbanization. As a result, various diseases are affecting people at a younger age. By adopting an ideal lifestyle, it is possible to stay away from diabetes, stated Chief Minister Devendra Fadnavis today.

The 12th International Conference 'Hello Diabetes', jointly organized by the Diabetes Care and Research Center and the Diabetes Care Foundation of India, was inaugurated today by Chief Minister Devendra Fadnavis at Hotel Centre Point.

Founder President of the conference Dr. Sunil Gupta, Dr. Rati Makkar, Padma Shri Dr. Shashank Joshi, Padma Shri Dr. Kamalakar Tripathi, Dr. A.K. Das, Dr. Banshi Sabu, Dr. Vinky Rughwani, Dr. Kavita Gupta, along with other physicians, specialists, and medical researchers were present on the occasion.

Highlighting the serious and concerning spread of diabetes and obesity in India, the Chief Minister said that such awareness conferences contribute significantly to ensuring that India does not become the diabetes capital of the world. Prime Minister Narendra Modi has launched several initiatives such as the Fit India Movement to address lifestyle-related diseases, prioritizing health awareness.

Stressing the need for in-depth research on diabetes, the Chief Minister said that public awareness about the causes, remedies, and ideal lifestyle practices to prevent diabetes is essential. He emphasized that awareness is the first and most effective treatment against this disease that weakens human physical abilities. Preventing gestational diabetes in pregnant women and thereby reducing the risk to newborns is a major challenge before medical experts. He expressed confidence that if positive outcomes emerge from this conference, future generations can remain diabetes-free.

He also pointed out that one of the biggest problems is the reluctance to accept the disease after its diagnosis. Hence, such conferences should provide proper guidance on not only medication but also necessary lifestyle changes. The Chief Minister expressed hope that the expert discussions at the conference would offer direction for diabetes treatment in the country.

Dr. Sunil Gupta has been consistently creating awareness to prevent diabetes and has organized numerous programs for this cause.

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हॅलो डायबिटीज आंतरराष्ट्रीय परिषदेचे उद्घाटन,आदर्श जीवनशैलीतून मधुमेह टाळता येणे शक्य

 आदर्श जीवनशैलीतून मधुमेह टाळता येणे शक्य

                                                                     -मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

हॅलो डायबिटीज आंतरराष्ट्रीय परिषदेचे उद्घाटन

नागपूरदि.7 :  पारंपारिक जीवनशैलीतून विकसित झालेल्या आहारविषयक सवयींमध्ये शहरीकरणामुळे अनुचित बदल झाले आहेत. त्याचा दुष्परिणाम म्हणून कमी वयात विविध आजार बळावत आहेत. आदर्श जीवनशैलीचा स्वीकार करून मधुमेहापासून दूर राहता येणे शक्य असल्याचे प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज येथे केले.

डायबिटीज केअर अँड रिसर्च सेंटर व डायबिटीज केअर फाउंडेशन ऑफ इंडिया यांच्या संयुक्त विद्यमाने 'हॅलो डायबिटीजया बाराव्या आंतरराष्ट्रीय परिषदेचे उद्घाटन हॉटेल सेंटर पॉइंट येथे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या हस्ते आज करण्यात आले. परिषदेचे संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुनील गुप्ताडॉ. रती मकरपद्मश्री डॉ. शशांक जोशीपद्मश्री डॉ. कमलाकर त्रिपाठीडॉ. ए.के. दासडॉ. बन्शी साबूडॉ. विंकी  रुघवानीडॉ.कविता गुप्ताचिकित्सकतज्ज्ञ व वैद्यकीय क्षेत्रातील अभ्यासक यावेळी उपस्थित होते.

भारतात मोठ्या प्रमाणात पसरत जाणारा मधुमेह आणि ओबेसिटी ही गंभीर व चिंतेची बाब असल्याचे सांगून मुख्यमंत्री म्हणालेभारत ही मधुमेहाची राजधानी होऊ नये यासाठी आयोजित करण्यात येणाऱ्या अशा जनजागृतीपर परिषदांचे महत्त्वपूर्ण योगदान आहे. बदलत्या जीवनशैलीमुळे निर्माण होणाऱ्या आजारांना दूर ठेवण्यासाठी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यांनी फिट इंडिया मुव्हमेंट या सारखे विविध उपक्रम हाती घेतले असून यातून आरोग्य विषयक जनजागृतीला प्राधान्य दिले जात आहे.

मधुमेह या आजारावर अधिक सखोल संशोधन होणे ही काळाची गरज असल्याचे सांगून मुख्यमंत्री म्हणालेया परिषदेच्या माध्यमातून मधुमेह जडण्याची कारणेउपाय व आदर्श जीवनशैली या विषयांवर जनजागृती होणे गरजेचे आहे. मनुष्याच्या शारीरिक क्षमता क्षीण करणाऱ्या या आजारावर जनजागृती हाच प्रथम व प्रभावी उपचार आहे. गरोदर स्त्रियांना व त्यातून पुढे नवजात बालकांना होणारा मधुमेह रोखण्याचे आव्हान तज्ज्ञांसमोर आहे. या परिषदेच्या माध्यमातून सकारात्मक निष्कर्ष प्राप्त झाल्यास येणारी पिढी निश्चितच मधुमेहमुक्त राहीलअसा विश्वास मुख्यमंत्र्यांनी व्यक्त केला.

डायबिटीस हा आजार झालेला असतानाही तो न स्वीकारण्याची मानसिकता असणे ही आपल्या येथील सर्वात मोठी समस्या आहे. यासाठी या आजाराची भीती न बाळगता औषधोपचार करण्यासोबतच जीवनशैलीत सुधार आणण्याबाबत योग्य मार्गदर्शन या परिषदांमधून होणे अपेक्षित असल्याचे मुख्यमंत्री म्हणाले. या परिषदेतील डायबिटीस आजाराविषयीचे देशभरातील तज्ज्ञ व चिकित्सकांचे विचारमंथन या संदर्भातील उपचारांसाठी दिशादर्शक ठरेल असा विश्वासही त्यांनी व्यक्त केला.

 मधुमेह रोखण्यासाठी डॉ. सुनील गुप्ता सातत्याने जनजागृती करत असून त्यांनी यासाठी आतापर्यंत असंख्य कार्यक्रमांचे आयोजन केले आहे. विविध माध्यमातून ते संशोधन प्रसिद्ध करत आहेत. हे कार्य त्यांनी अविरत सुरु ठेवावे अशा शब्दात मुख्यमंत्र्यांनी त्यांचा गौरव केला.

डॉ. सुनील गुप्ता यांनी प्रास्ताविक केले. या परिषदेत मधुमेहाची कारणेउपाय व  आदर्श जीवनशैली या विषयांवर चर्चा होणार असून राष्ट्रीय व आंतरराष्ट्रीय स्तरावरील नामांकित मधुमेह तज्ज्ञ या परिषदेत सहभागी झाले असल्याचे त्यांनी सांगितले. तीन दिवस चालणाऱ्या या परिषदेत मधुमेहाशी संबंधित सादरीकरण होणार असून विविध कार्यशाळांचे आयोजन करण्यात आले आहे.

बलिराजा योजना से 20 हजार गांवों की बदली तस्वीर मुख्यमंत्री ने बताया कि विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में सिंचाई की कमी एक पुरानी समस्या रही है। "पानी नहीं है इसलिए सिंचाई परियोजना नहीं, और सिंचाई परियोजना नहीं है इसलिए किसान खेती नहीं कर सकते", इस दुष्चक्र के कारण किसान आत्महत्या कर रहे थे। 2014 में मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने ‘बलिराजा योजना’ की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत 90 योजनाएं लागू की गईं। जलयुक्त शिवार योजना के माध्यम से जलसंवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारियों को योजना का प्रमुख बनाकर विभिन्न योजनाओं को एकीकृत किया गया। जनता की भागीदारी से लगभग 700 करोड़ रुपये का निधि जल संरक्षण हेतु जमा किया गया। इस क्रांतिकारी प्रयास से लगभग 20 हजार गांवों में जल स्थिति में परिवर्तन आया है।

 बलिराजा योजना से 20 हजार गांवों की बदली तस्वीर


मुख्यमंत्री ने बताया कि विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में सिंचाई की कमी एक पुरानी समस्या रही है। "पानी नहीं है इसलिए सिंचाई परियोजना नहीं, और सिंचाई परियोजना नहीं है इसलिए किसान खेती नहीं कर सकते", इस दुष्चक्र के कारण किसान आत्महत्या कर रहे थे। 2014 में मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने ‘बलिराजा योजना’ की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत 90 योजनाएं लागू की गईं। जलयुक्त शिवार योजना के माध्यम से जलसंवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारियों को योजना का प्रमुख बनाकर विभिन्न योजनाओं को एकीकृत किया गया। जनता की भागीदारी से लगभग 700 करोड़ रुपये का निधि जल संरक्षण हेतु जमा किया गया। इस क्रांतिकारी प्रयास से लगभग 20 हजार गांवों में जल स्थिति में परिवर्तन आया है


नदी जोड़ परियोजनाओं और गांव स्तर पर जल संरक्षण कार्यों से महाराष्ट्र की जल समस्या पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाएंगे”

 नदी जोड़ परियोजनाओं और गांव स्तर पर जल संरक्षण कार्यों से महाराष्ट्र की जल समस्या पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाएंगे

                 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

तीन दिवसीय विदर्भ जल परिषद का शुभारंभ

बलिराजा योजना के अंतर्गत 20 हजार गांवों की बदली तस्वीर

तापी पुनर्भरण और वैतरणा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना से खेती को मिलेगा स्थायी जल

 

नागपुर, 07 जून: महाराष्ट्र की जल समस्या को हल करने के लिए बड़े बांधों के साथ-साथ नदी जोड़ परियोजनाएंजल संरक्षणजल पुनर्भरणजल पुन:उपयोग और अन्य छोटे-बड़े परियोजनाओं का समन्वय जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से पश्चिमी प्रवाही नदियों के समुद्र में बहने वाले 54 टी.एम.सी. पानी को गोदावरी बेसिन में लाने का हमने संकल्प लिया है। साथ ही नलगंगावैनगंगा नदी जोड़ परियोजना के माध्यम से विदर्भ के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा रहा है। तापी बेसिन का जो 35 टी.एम.सी. पानी गुजरात के रास्ते समुद्र में बह जाता हैवह पानी अब तापी बेसिन में ही रोकने की योजना है। इस परियोजना से भविष्य का महाराष्ट्र एक जलसंकट से उबरने वाला सफल राज्य बनकर उभरेगाऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया।

मुख्यमंत्री श्री फडणवीस वनामती सभागृह में आयोजित तीन दिवसीय विदर्भ जल परिषद के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थेजो राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग और जनकल्याणकारी समिति नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इस अवसर पर विधायक डॉ. परिणय फुकेप्रभारी कुलपति डॉ. माधवी खोडे चवरेगोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रशांत बोकारेपशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नितिन पाटीललक्ष्मीनारायण अभिनव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अतुल वैद्यवनामती के निदेशक डॉ. वसुमना पंतविदर्भ सिंचन विकास महामंडल के संचालक राजेश सोनटक्केभूजल सर्वेक्षण उपसंचालक डॉ. चंद्रकांत भोयरराष्ट्रीय मृदा विज्ञान ब्यूरो के निदेशक डॉ. नितिन पाटीलप्र-कुलपति डॉ. सुभाष कोंडावारकृषि सह-संचालक डॉ. उमेश घाटगेकुलसचिव डॉ. राजू हिवसे आदि मान्यवर उपस्थित थे

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