Sunday, 11 May 2025

Without the conservation of the cow, natural farming cannot progress”,Goshala project will be a guiding force for farmers

 Without the conservation of the cow, natural farming cannot progress”

                                                                    — Chief Minister Devendra Fadnavis

 

Inauguration of the 'Govardhan Goshala Konkan' Project

 

Goshala project will be a guiding force for farmers

                                                                 – Deputy Chief Minister Eknath Shinde

 

Sindhudurg , May 11 – Conservation of indigenous cows is essential for the prosperity of farmers, and without conserving the cow, natural farming cannot gain momentum, stated Chief Minister Devendra Fadnavis. He was speaking at the inauguration of the 'Govardhan Goshala Konkan' project, set up on 70 acres at Karanje–Satamwadi (Taluka Kankavli) in Sindhudurg district.

 

            The event was graced by Deputy Chief Minister Eknath Shinde, former Chief Minister and MP Narayan Rane, Minister for Fisheries and Port Development and Guardian Minister Nitesh Rane, former Ministers and MLAs Deepak Kesarkar and Ravindra Chavan, MLA Nilesh Rane, District Collector Anil Patil, Chairperson of the Sindhudurg Shikshan Prasarak Mandal Neelamatai Rane, Ravindra Pathak, Pramod Jathar, and other dignitaries.

 

            The Govardhan Goshala Konkan project has been implemented through the Late Tatu Sitaram Rane Trust, with the aim of placing the contribution of the cow at the center of village development.

 

            Speaking on the occasion, Mr. Fadnavis said that among all goshalas in the country, the one in Konkan stands out as the best. A new economy can be built through such initiatives. Farmers can receive skill-based training at this goshala. Facilities for various production units and agro-livestock tourism centers have also been developed here. The cow holds great importance in our culture. A goshala is not just about protecting cows, but it is a social, economic and environmentally conscious revolution. Such projects are necessary for village development. Sindhudurg is rich in natural resources and projects like this will provide employment to locals and promote sustainable farming and natural lifestyles.

 

            Deputy Chief Minister Eknath Shinde described the initiative as a model project for cow conservation. He stated that it would serve as a guiding and instructive example for farmers. In Konkan — a region rich in natural beauty and cultural heritage — this project will play a vital role in cow conservation. The primary goal of the project is to ensure the prosperity of farmers. The foundation for a white revolution is being laid in Konkan and local milk collection will also be facilitated, giving a boost to the dairy business, he expressed.

 

            In his introductory speech, MP Narayan Rane shared detailed information about different breeds of cows, their characteristics, and the beneficial products derived from milk, dung and urine. He said the project's goal is to increase the income of local farmers, provide quality education to children, develop capable officers from the district, and generate overall prosperity. He appealed to the youth in the district to participate in agri-allied businesses through cow conservation.

 

            Former Minister and MLA Ravindra Chavan extended his best wishes to the project. Chief Minister Devendra Fadnavis was welcomed with a shawl, coconut and a cow replica (as a token from the goshala). MLA Nilesh Rane welcomed the attendees, while Minister Nitesh Rane delivered the vote of thanks. Various contributors to the establishment of the Govardhan Goshala were honored by the Chief Minister on this occasion.

 

00000

गोवर्धन गौशाला कोंकण’ परियोजना का उद्घाटन गौशाला परियोजना किसानों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी

 गोवर्धन गौशाला कोंकण’ परियोजना का उद्घाटन

गौशाला परियोजना किसानों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी

: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

 

सिंधुदुर्ग, 11: किसानों को समृद्ध बनाने के लिए देसी गायों का संरक्षण आवश्यक हैऔर जब तक गौमाता का संरक्षण नहीं किया जातातब तक प्राकृतिक खेती को गति नहीं मिल सकतीऐसा प्रतिपादन राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। सिंधुदुर्ग जिले के करंजेसाटमवाडी (ता. कणकवली) में 70 एकड़ भूमि पर निर्मित 'गोवर्धन गौशाला कोंकणपरियोजना का उद्घाटन उनके हाथों संपन्न हुआ।

 

            इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेपूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद नारायण राणेमत्स्य व्यवसाय और बंदरगाह विकास मंत्री एवं पालकमंत्री नितेश राणेपूर्व मंत्री एवं विधायक दीपक केसरकरपूर्व मंत्री एवं विधायक रविंद्र चव्हाणविधायक निलेश राणेजिलाधिकारी अनिल पाटिलसिंधुदुर्ग शिक्षा प्रसारक मंडल की अध्यक्ष नीलमताई राणेरविंद्र पाठकप्रमोद जठार आदि मान्यवर उपस्थित थे।

 

            'गोवर्धन गौशाला कोंकणयह परियोजना स्वर्गीय तातू सीताराम राणे ट्रस्ट के माध्यम से संचालित की जा रही हैऔर गांव के विकास में गौमाता के योगदान को केंद्र में रखते हुए यह संकल्पना विकसित की गई है।

 

            इस अवसर पर श्री. फडणवीस ने कहा कि देश की कुल गौशालाओं में से एक उत्तम गौशाला कोंकण में तैयार की गई है। इसके माध्यम से एक आर्थिक व्यवस्था बनाई जा सकती है। किसानों को इस गौशाला के माध्यम से व्यवसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकता हैइस प्रकार की व्यवस्था यहाँ की गई है। विभिन्न प्रकार के उत्पादन केंद्र और कृषि तथा पशुपालन से जुड़े पर्यटन केंद्र के रूप में भी यहां सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हमारी संस्कृति में गौमाता का महत्व बहुत बड़ा है। गौशाला केवल गायों का संरक्षण नहीं हैबल्कि यह एक सामाजिकआर्थिक और पर्यावरणीय क्रांति है। गांव के विकास के लिए ऐसी परियोजनाओं की आवश्यकता है। सिंधुदुर्ग जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध हैऔर ऐसी परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगारटिकाऊ खेती और प्राकृतिक जीवनशैली की दिशा मिलेगीऐसा उन्होंने कहा।

 

            उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस परियोजना को गौमाता संरक्षण के लिए एक मॉडल परियोजना बताया। किसानों के लिए यह परियोजना मार्गदर्शक और प्रेरक सिद्ध होगी। प्रकृति की उदारता और संस्कृति की संपन्नता वाले कोंकण में गौमाता संरक्षण के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। किसानों की समृद्धि प्राप्त करना ही इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। कोंकण में दुग्ध क्रांति की नींव रखी जा रही हैऔर इस क्षेत्र का दूध भी यहाँ एकत्र किया जाएगाजिससे दुग्ध व्यवसाय को भी गति मिलेगीऐसी आशा उन्होंने व्यक्त की।

 

            प्रस्तावना में सांसद नारायण राणे ने गायों के विभिन्न प्रकारउनके विशेषताओं की जानकारी तथा दूधगोबरमूत्र जैसे प्राकृतिक घटकों से प्राप्त होने वाले लाभदायक उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यहाँ के किसानों की आय बढ़ेबच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेजिले से अच्छे अधिकारी बनें और समृद्धि आए — यही इस परियोजना का उद्देश्य है। गौमाता का संरक्षण कर जिले के युवा कृषि-आधारित उद्योगों में भाग लेंऐसा आवाहन उन्होंने इस अवसर पर किया।

 

            पूर्व मंत्री एवं विधायक रविंद्र चव्हाण ने इस परियोजना के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में शॉलश्रीफल और गौमूर्ति (गौशाला का स्मृति चिह्न) देकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का स्वागत किया गया। उपस्थित जनों का स्वागत निलेश राणे ने कियातथा आभार प्रदर्शन नितेश राणे ने किया। 'गोवर्धन गौशालाकी स्थापना में योगदान देने वाले विभिन्न सहभागी व्यक्तियों का सम्मान मुख्यमंत्री के हाथों इस अवसर पर किया गया।

 

गोमातेचे संवर्धन केल्याशिवाय नैसर्गिक शेतीला गती मिळणार नाही,गोवर्धन गोशाळा कोकण’ प्रकल्पाचे उद्घाटन गोशाळा प्रकल्प शेतकऱ्यांसाठी दिशादर्शक ठरणार- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

 गोमातेचे संवर्धन केल्याशिवाय नैसर्गिक शेतीला गती मिळणार नाही

              — मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचे प्रतिपादन

 

गोवर्धन गोशाळा कोकण’ प्रकल्पाचे उद्घाटन

गोशाळा प्रकल्प शेतकऱ्यांसाठी दिशादर्शक ठरणार- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

 

सिंधुदुर्गदि. ११ : शेतकऱ्यांना समृद्ध करण्यासाठी देशी गायींचे संवर्धन महत्त्वाचे असूनगोमातेचे संवर्धन केल्याशिवाय नैसर्गिक शेतीला गती मिळणार नाहीअसे प्रतिपादन राज्याचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी केले. सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील करंजेसाटमवाडी (ता. कणकवली) येथे ७० एकर जागेत उभारण्यात आलेल्या गोवर्धन गोशाळा कोकण प्रकल्पाचे उद्घाटन त्यांच्या हस्ते पार पडले.

 

या कार्यक्रमाला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्यासह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदेमाजी मुख्यमंत्री तथा खासदार नारायण राणेमत्स्यव्यवसाय व बंदरे विकास मंत्री तथा पालकमंत्री नितेश राणेमाजी मंत्री तथा आमदार दीपक केसरकरमाजी मंत्री तथा आमदार रवींद्र चव्हाणआमदार निलेश राणेजिल्हाधिकारी अनिल पाटीलसिंधुदुर्ग शिक्षण प्रसारक मंडळाच्या अध्यक्षा नीलमताई राणेरविंद्र पाठकप्रमोद जठार आदी मान्यवर उपस्थित होते.

 

            गोवर्धन गोशाळा कोकण हा प्रकल्प कै. तातू सीताराम राणे ट्रस्टच्या माध्यमातून राबविण्यात आला असूनगावाच्या विकासासाठी गोमातेचे योगदान केंद्रस्थानी ठेवण्याचा संकल्प या प्रकल्पामागे आहे.

 

            यावेळी श्री. फडणवीस म्हणालेदेशातील एकूण गोशाळांपैकी उत्तम गोशाळा कोकणात तयार झाली आहे. या माध्यमातून एक अर्थव्यवस्था तयार होऊ शकते. शेतकऱ्यांना या गोशाळेच्या माध्यमातून व्यवसायाभिमुख प्रशिक्षण देता येईलअशी व्यवस्था या ठिकाणी आहे. वेगवेगळ्या प्रकारची उत्पादन केंद्रे आणि कृषी व पशुसंवर्धनाचे पर्यटन केंद्र म्हणूनदेखील येथे व्यवस्था करण्यात आली आहे. गोमातेचे महत्त्व आपल्या संस्कृतीत फार मोठे आहे. गोशाळा म्हणजे केवळ गायींचे संरक्षण नव्हेतर ती एक सामाजिकआर्थिक आणि पर्यावरणपूरक क्रांती आहे. गावाच्या विकासासाठी अशा प्रकल्पांची गरज आहे. सिंधुदुर्ग जिल्हा निसर्गसंपन्न असूनअशा प्रकल्पांमुळे स्थानिकांना रोजगारशाश्वत शेती आणि नैसर्गिक जीवनशैलीची दिशा मिळेलअसेही त्यांनी मत व्यक्त केले.

 

            उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी हा उपक्रम गोमाता संवर्धनासाठीचा मॉडेल प्रकल्प असल्याचे सांगितले. शेतकऱ्यांसाठी हा प्रकल्प दिशादर्शक तसेच मार्गदर्शक ठरेल. निसर्गाची मुक्त उधळण आणि संस्कृतीचा मुक्त ठेवा असलेल्या कोकणात गोमाता संवर्धनासाठी हा प्रकल्प महत्त्वाचा ठरेल. शेतकऱ्यांची समृद्धी साधणे हा या प्रकल्पाचा प्रमुख उद्देश आहे. कोकणात धवल क्रांतीचा पाया घातला जात असूनपरिसरातील दूधही येथे संकलित केले जाणार आहे. त्यामुळे दूध व्यवसायालाही चालना मिळेलअशी आशा त्यांनी व्यक्त केली.

 

            प्रास्ताविकामध्ये खासदार नारायण राणे यांनी गायींचे विविध प्रकारत्यांच्या वैशिष्ट्यांची माहितीतसेच दूधशेणमूत्र या नैसर्गिक घटकांपासून मिळणाऱ्या उपयुक्त उत्पादनांबाबत सविस्तर माहिती दिली. ते म्हणालेयेथील शेतकऱ्यांचे उत्पन्न वाढावेमुलांना चांगले शिक्षण मिळावेजिल्ह्यातून चांगले अधिकारी घडावेत व समृद्धी निर्माण व्हावीहा या प्रकल्पामागील हेतू आहे. गोमाता संवर्धन करून जिल्ह्यातील तरुणांनी शेतीपूरक उद्योगात सहभागी व्हावेअसे आवाहन त्यांनी यावेळी केले.

 

            माजी मंत्री तथा आमदार रवींद्र चव्हाण यांनी या प्रकल्पासाठी शुभेच्छा दिल्या. कार्यक्रमात शालश्रीफळ व गोप्रतिमा (गोशाळेचे स्मृतिचिन्ह) देऊन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचे स्वागत करण्यात आले. उपस्थितांचे स्वागत निलेश राणे यांनी केलेतर आभार नितेश राणे यांनी मानले. गोवर्धन गोशाळेच्या उभारणीसाठी आवश्यक योगदान दिलेल्या विविध सहभागी व्यक्तींचा सन्मान मुख्यमंत्र्यांच्या हस्ते यावेळी करण्यात आला.

निवडणूक आयुक्तांचा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पक्षाच्या शिष्टमंडळाशी संवाद

 निवडणूक आयुक्तांचा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पक्षाच्या शिष्टमंडळाशी संवाद

 

मुंबई दि. ११ - मुख्य निवडणूक आयुक्त ज्ञानेश कुमार आणि निवडणूक आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंग संधू व डॉ. विवेक जोशी यांनी आज मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पक्षाच्या (सीपीआय - एम) महासचिव एम.ए. बेबी यांच्या नेतृत्वाखालील शिष्टमंडळाशी दिल्लीतील निर्वाचन सदन येथे संवाद साधला. हा संवाद आयोगाद्वारे राष्ट्रीय आणि राज्यस्तरीय राजकीय पक्षांच्या अध्यक्षांशी सुरू असलेल्या चर्चेच्या मालिकेचा एक भाग असून या संवादाद्वारे पक्षाध्यक्षांना आपल्या सूचना थेट आयोगापर्यंत पोहचविण्याची ही एक महत्त्वाची संधी ठरणार आहे.

 

निवडणूक प्रक्रियेचे बळकटीकरण अधिक प्रभावीपणे करणे हे या उपक्रमाचे उद्दिष्ट असून सर्व संबंधित घटकांच्या सहभागाने विद्यमान कायदेशीर चौकटीत निवडणूक प्रक्रिया अधिक मजबूत बनवण्याचा हा प्रयत्न आहे. याआधीआयोगाने बहुजन समाज पार्टीच्या (बसप) नेत्या कु. मायावती यांच्या नेतृत्वाखालील शिष्टमंडळाशी 6 मे 2025 रोजी आणि भारतीय जनता पार्टीचे (भाजप) अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा यांच्या नेतृत्वाखालील शिष्टमंडळाशी 8 मे 2025 रोजी भेट घेतली होती. आतापर्यंत एकूण 4 हजार 719 सर्वपक्षीय बैठकांचे आयोजन करण्यात आले आहे. यात मुख्य निवडणूक अधिकाऱ्यांनी 40 जिल्हा निवडणूक अधिकाऱ्यांनी 800 आणि मतदार नोंदणी अधिकाऱ्यांनी 3 हजार 879 बैठकांचे आयोजन केले असून या माध्यमातून 28 हजारांहून अधिक राजकीय पक्षांचे प्रतिनिधी सहभागी झाले आहेत.

 

महिला व बालविकास विभाग कार्यालयीन सुधारणा मोहीम व प्रशासकीय गुणांकनात प्रथम

  

महिला व बालविकास विभाग

कार्यालयीन सुधारणा मोहीम व प्रशासकीय गुणांकनात प्रथम  

मुंबई दि ११ शासनाच्या विविध योजनांची माहिती नागरिकांपर्यंत पोहोचवून योजनांचा लाभ उपलब्ध करून देऊन शासन-प्रशासन व नागरिकांमधील विश्वास वृद्धिंगत होण्यासाठी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या दूरदृष्टीतून १०० दिवसांची कार्यालयीन मोहीम मंत्रालय स्तरावर राबविण्यात आली होतीया मोहिमेत महिला व बालविकास विभागाने केलेल्या कार्यालयीन सुधारणा अंतर्गत सर्व विभागात प्रथम क्रमांक पटकाविला आहेमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आणि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्या हस्ते नुकत्याच मंत्रालयात झालेल्या समारंभात मंत्री आदिती तटकरे व सचिव डॉअनुपकुमार यादव यांचा सत्कार करण्यात आला.

विविध विभागांत पहिल्यांदाच राबविण्यात आलेला शंभर दिवसांच कार्यालयीन सुधारणा मोहीम आणि शासन लोकाभिमुख करण्याचा हा उपक्रम आपल्या शासनाची दिशा ठरवणारा महत्त्वाचा टप्पा ठरला आहेप्रशासनात लोकाभिमुखताकामकाजात सुलभता आणि जबाबदारी (अकाउंटेबिलिटीया तीन आधारांवर पुढे जाणे अत्यावश्यक असल्याने हा उपक्रम राबविण्यात आला आहेया कार्यक्रमांर्तगत राज्यातील 12 हजार 500 कार्यालयांना सुधारणा करण्याची संधी देण्यात आल्याने यामध्ये सर्व कार्यालयांनी सकारात्मक सहभाग दर्शवला आहे.

सर्वच विभागाने स्तुत्य कार्य केले असूनमहिला व बालविकास विभागाच्या विविध योजना महिला व बालकापंर्यत पोहोचविण्यासाठी प्रभावीपणे यंत्रणा राबविली. विभागाच्या योजनांची माहिती एका क्लिकवर मिळावी यासाठी विभागाचे संकेतस्थळ युजर फ्रेंडली केले आहे. http://womenchild.maharashtra.gov.in हे संकेतस्थळ मराठी तसेच इंग्रजी भाषेत कार्यान्वित करण्यात आलेमहाराष्ट्र सार्वजनिक सेवा हक्क अधिनियम  आणि आरटीएस कायद्यांतर्गत अधिसूचित सेवांची यादी डाउनलोड करण्यासाठी संकेतस्थळावर उपलब्ध आहे.

राज्यातील १३ हजार ११ मिनी अंगणवाडी केंद्रामध्ये, प्रधानमंत्री जन जाती महान्याय अभियान अंतर्गत १४५ अंगणवाडी कार्यान्वित करण्यात आल्यानऊ हजार ६६४ अंगणवाडी केंद्रामध्ये शौचालय सुविधा उपलब्ध करून देण्याबाबत कार्यवाही सुरू आहे३४५ अंगणवाडीमध्ये पाळणाघर सुरू करण्यासंदर्भात कार्यवाही३३ हजार अंगणवाडी कर्मचाऱ्यांना अन्न व पोषण मापदंड प्रशिक्षण तसेच १० वन स्टॉप सेंटरला मान्यता देण्यात आलीएकात्मिक बाल विकास सेवा योजनेतर्गत सुमारे 64 लाख 5 हजार 998 लाभार्थ्यांना किमान 300 दिवस पुरक पोषण आहार देण्याचे उद्दीष्ट साध्य केले आहे. त्याचप्रमाणे 37 हजार अंगणवाडी ‘पोषण भी पढाई भी’ कार्यक्रमातंर्गत प्रशिक्षण पूर्ण केले आहे. अंगणवाडी सेविकांमार्फत गृह भेटी देऊन 9 लाख 33 हजार 542 लाभार्थ्यांचे समुपदेशन करण्याबाबतचे उद्दीष्ट 100 टक्के साध्य करण्यात आलेअंगणवाडी केंद्रांमधील सर्व 48 लाख 59 हजार 346 लाभार्थी बालकांचे ग्रोथ मॉनिटरिंग करण्यात आले असून १०० टक्के ग्रोथ मॉनिटरिंगची नोंद पोषण ट्रॅकर प्रणालीवर करण्यात आली.

प्रत्येक अंगणवाडी केंद्रामध्ये दरमहा दोन समुदाय विकास कार्यक्रम आयोजित करण्याचे उद्दिष्ट पर्ण करण्यात आले असून ६ लाख ६२ हजार ९१६  समुदाय विकास कार्यक्रम घेण्यात आले आहेतपोषण अभियानमध्ये पोषण माह व पोषण पखवाडा कार्यक्रम यशस्वीरित्या राबवून (उपक्रमांची संख्या 2 कोटी 45 लाख 81 हजार 093) राज्याचा देशात प्रथम क्रमांक आला आहे.  प्रधानमंत्री जीवन ज्योती विमा योजनेअंतर्गत १ लाख २१ हजार १३० अंणवाडी कर्मचाऱ्यांना विमा संरक्षण मिळण्यासाठी प्रिमियमची रक्कम एकण रूपये २.७६ कोटी खात्यावर जमा करण्यात आली आहेप्रधानमंत्री सुरक्षा बिमा योजनेअंतर्गत सर्व पात्र 1 लाख 82 हजार 641 अंगणवाडी कर्मचाऱ्यांना विमा संरक्षण मिळण्यासाठी प्रिमियमची रक्कम एकण रूपये ३६.५२ लाख त्यांच्या खात्यावर जमा केली आहेतसेच १७ हजार २५४ अंगणवाडी केंद्रांना पिण्याच्या पाण्याची सुविधा उपलब्ध करून देण्यात आली असून १३ हजार ५९५ अंगणवाडी केंद्रांचे श्रेणीवर्धन करून सक्षम अंगणवाडी केंद्रामध्ये रूपांतर करण्यात आले आहे.  

राज्यात एकूण ५३७ बालकांना दत्तक प्रक्रियेद्वारे हक्काचे कुटुंब मिळाले असून यामध्ये महाराष्ट्र देशात प्रथम क्रमांकावर आहे. तसेच बालविवाह रोखण्यासाठी जानेवारी २०२५ ते मार्च २०२५ या कालावधीत राबविण्यात आलेल्या मोहिमेतंर्गत 331 बालविवाह रोखण्यात आले असून२७ प्रथम खबरी अहवाल दाखल करण्यात आला.

मुदत बाह्य अभिलेखांचे पुनर्विलोकनजुन्या व निरूपयोगी जड वस्तूंचे निर्लेखन करण्यात आले. आपले सरकार पोर्टलवरील मार्च २०२५ मध्ये 96.70 टक्के तक्रार अर्जांचे निराकरण विभागाचे सचिव डॉअनुपकुमार यादव यांच्यामार्फत करण्यात आले.

विभागामार्फत दरमाह क्षेत्रीयस्तरावर महिला लोकशाही दिन आयोजित करण्यात येतोकार्यालयात स्वच्छ पिण्याच्या पाण्याची व्यवस्था, स्वच्छ प्रसाधनगृहाची सुविधाकार्यालयात स्तनदा मातांकरिता हिरकणी कक्षअभ्यागतांसाठी सुसज्ज प्रतिक्षालयकार्यालयामध्ये सुव्यवस्थित नामफलकदिशादर्शक फलक लावणे व कार्यालयाचे सुशोभिकरण करण्यात आले आहे.

तसेच कार्यालयीन कामकाजासाठी ई-ऑफिसप्रसार माध्यमांमध्ये शासना विषयी नकारात्मक प्रसिद्ध होणाऱ्या बातम्याबाबत आवश्यक ते स्पष्टीकरण तातडीने देणेअधिकारी कर्मचारी प्रशिक्षणसेवा विषयकन्यायालयीन बाबी आणि कृत्रिम बुद्धीमत्ता तंत्रज्ञानाचा वापर करण्यात येतोविभागामध्ये न्यायालयीन प्रकरणांचा वेळेत निपटारा होण्यासाठी उपसचिव (विधी) यांच्या अध्यक्षतेखाली विधी कक्ष निर्माण करण्यात आला.

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजनेत डाटा ॲनालीसेस कार्याकरिता पावर बी डॅशबोर्डचा वापर करण्यात आला आहेमहिला आर्थिक विकास महामंडळ हे १.५० लाख बचतगटाच्या माध्यमातून राज्यातील २० लाख महिलांकरिता काम करीत आहेसाधारण ३० टक्के महिला या उद्योजक या नात्याने विकसित होत आहेतयाचबरोबर व्यापारीकामगार वर्गाच्या संघटनांशी चर्चा करून त्यांच्या अडचणी सोडविणेमाविमने भागीदारी केलेल्या ॲमेझॉनओएनडीसी ऑनलाईन प्लॅटफॉर्म बचतगटांची उत्पादने अपलोड करण्यासाठी विविध संस्थांची मदत घेणेअशा विविध योजनांची प्रभावीपणे अंमलबजावणी आणि जास्तीत जास्त योजनांचा लाभ महिलांपर्यंत पोहोचविण्यासाठी महिला व बालविकास विभाग अव्वल ठरला आहे.

 

माध्यम आणि मनोरंजन क्षेत्रासाठी शासनाचा ऐतिहासिक पुढाकार

 माध्यम आणि मनोरंजन क्षेत्रासाठी शासनाचा ऐतिहासिक पुढाकार

– अभिनेते अमीर खान

मुंबईदि. 2 : राज्य शासनाने माध्यम आणि मनोरंजन क्षेत्राच्या विकासासाठी पुढाकार घेतला आहे. या क्षेत्रासाठी सकारात्मक विचार होत असून भारत या क्षेत्रामध्ये उत्तुंग आघाडी घेईल, असा विश्वास अभिनेते अमीर खान यांनी व्यक्त केला.

जिओ वर्ल्ड सेंटर येथील जागतिक दृकश्राव्य आणि मनोरंजन शिखर परिषद2025 मधील 'भविष्यातील स्टुडिओ : भारताला जागतिक स्टुडिओ नकाशावर नेण्यासाठी पुढाकारया विषयावर आयोजित चर्चासत्रात ते बोलत होतेया चर्चासत्रात पीव्हीआर आणि इनॉक्सचे संस्थापक अजय बिजिलीअमेरिकन चित्रपट निर्माते चार्ल्स रोव्हेनचित्रपट निर्माते दिनेश विजनप्राइम फोकस लिमिटेडचे संस्थापक नमित मल्होत्राआणि चित्रपट निर्माते रितेश सिधवानी सहभागी झाले होते. यावेळी चित्रपट समीक्षक मयंक शेखर यांनी सूत्रसंचालन केले.

अभिनेते अमीर खान म्हणालेमीडिया आणि मनोरंजन क्षेत्रात आघाडी घेण्यासाठी शासन या दिशेने ठोस पावले उचलत आहे. शासन आणि मनोरंजन क्षेत्र यांच्यात पहिल्यांदाच अशा पद्धतीने संवाद सुरु झाला आहे आणि ही सुरुवात निश्चित आशादायक आहे. संवादातून या क्षेत्रासाठी दूरगामी परिणाम करणारी धोरणं निश्चित तयार होऊ शकतील.

वेव्हज २०२५ : कृत्रिम बुद्ध‍िमत्ता आणि सर्जनशीलतेचा मेळ विविध साधने पुरविणारे ‘एआय’ सर्जनशीलतेची जागा

 वेव्हज २०२५ कृत्रिम बुद्ध‍िमत्ता आणि सर्जनशीलतेचा मेळ

विविध साधने पुरविणारे ‘एआय’ सर्जनशीलतेची जागा घेणार नाही

मुंबईदि. २ : ५०० दशलक्षाहून अधिक भारतीय ऑनलाइन आशय वापरत आहेत आणि प्रादेशिक भाषांकडे मोठ्या प्रमाणात वळत आहेत. सर्जनशीलता आणि उत्पादन सशक्त करणेव्यवसाय मॉडेल्समध्ये नावीन्य आणणेएआय-कुशल कार्यबलाचे नेतृत्व करणे आणि उद्योजकता वाढवणे यामध्ये भारत आघाडीवर आहे.  इंटरनेटपासून मोबाइल आणि आता कृत्रिम बुद्ध‍िमत्तेपर्यंतच्या डिजिटल प्रवासात भारताची भूमिका महत्वाची असल्याचे अ‍ॅडोबचे अध्यक्ष आणि मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी  शंतनू नारायण यांनी सांगितले.

बीकेसी येथे सुरू असलेल्या वेव्हज २०२५ मध्ये शिखर परिषदेच्या उद्घाटनाच्या दिवशी जागतिक उद्योग क्षेत्रातील मान्यवरांच्या नेतृत्वाखाली झालेल्या तीन सत्रांमध्ये माध्यमकथाकथन आणि डिजिटल उत्पादनात कृत्रिम बुद्ध‍िमत्तेच्या गतिमान प्रवेशाचा वेध घेण्यात आला.

वेव्हज २०२५ ‘एआय’च्या नेतृत्वाखाली सर्जनशील परिवर्तनासाठी भक्कम पाया

सत्रांमधील चर्चेदरम्यान,  एआय हे सक्षमीकरणाचे साधन आहे. ते कोणाची जागा घेणार नाहीअसा एकंदर सूर उमटला. डिझाइनचित्रपटअ‍ॅनिमेशन किंवा कथाकथन असोजे मूलभूत गोष्टी समजून घेतीलनवीन साधनांचा जबाबदारीने वापर करतील आणि नीतिमत्तासर्जनशीलता आणि सर्वसमावेशकतेवर आधारित प्रणाली तयार करतील अशांचे भविष्य निश्चितच उज्ज्वल असेल. जागतिक स्तरावर सर्जनशील आणि तंत्रज्ञानाधारित परिसंस्थेमध्ये भारताच्या महत्त्वपूर्ण भूमिकेचा सबळ पुरावा म्हणजे वेव्हज २०२५ आहे.

"कृत्रिम बुद्ध‍िमत्तेच्या युगात संरचनामाध्यम आणि सर्जनशीलता" या विषयावर अ‍ॅडोबचे अध्यक्ष आणि मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी शंतनू नारायण विकसित होत असलेल्या सर्जनशील अर्थव्यवस्थेवर विस्तृत दृष्टिकोन मांडताना बोलत होते. ‘एआय’ संचालित चौकट तयार करण्यात भारताचे अद्वितीय स्थान अधोरेखित करताना अनुप्रयोगांपासून डेटा पायाभूत सुविधांपर्यंत श्री. नारायण यांनी चार-स्तरीय धोरणाची रूपरेषा मांडली.

एनव्हीडीओ इंडियाचे व्यवस्थापकीय संचालक विशाल म्हणाले की, "पीसी कार्यालयीन वेळेनंतर निद्रिस्त व्हायचे पण मानवाचे तसे नाही." एनव्हीआयडीआचा सुरुवातीचा दृष्टिकोन  पीसींना सर्जनशील साथीदार म्हणून कल्पना करणे हा आहे. आता कृत्रिम प्रज्ञा  समर्थित जगात याचा  प्रतिध्वनी कसा उमटतोयाबाबत त्यांनी त्यांचे विचार स्पष्ट केले.

एनव्हीआयडीआचे उपाध्यक्ष रिचर्ड केरिस यांनीजनरेटिव्ह एआय सहआपण संकल्पनेपासून निर्मितीकडे खूप वेगाने प्रगती करू शकतो. असे सांगताना त्यांनी मूलभूत गोष्टींशी संपर्क गमावण्याविरोधात सजग केले. आपल्या सर्वांच्या फोनवर कॅमेरा असल्याने आपण सर्वजण उत्तम छायाचित्रकार बनत नाही. एआय तुमच्या हातात विविध साधने देते. परंतु कलामूलभूत गोष्टी जाणून घेणे आजही तितकेच आवश्यक आहे. सर्जनशील लोक त्यांचे काम अक्षरशः जगतात. कृत्रिम बुद्ध‍िमत्ता त्याची जागा घेत नाही तर ते लोकांना अधिक सक्षम करत असल्याचे त्यांनी सांगितले.

तिसऱ्या सत्रातएनव्हीडीआचे सोल्युशन्स आर्किटेक्ट अनिश मुखर्जी यांनी "जनरेटिव्ह एआय सह गोष्टी सत्यात आणणे" हे सत्र हार्डवेअरच्या पलीकडे जाऊन परिवर्तनात्मक साधनांकडे वळण्याच्या एनव्हीडीआच्या दृष्टिकोनावर प्रकाश टाकते असे त्यांनी सांगितले. मुखर्जी यांनी एआय-द्वारे सक्षम उपायांचे प्रात्यक्षिक सादर केलेज्यामध्ये स्थिर प्रतिमा डिजिटल मानवांमध्ये रूपांतरित करणेबहुभाषिक व्हॉइस-ओव्हर आणि ऑडिओवर आधारित कॅरेक्टर अ‍ॅनिमेशन यांचा समावेश होता. एनव्हीआयडीआयएच्या फुगाटो मॉडेलचा वापर करूनत्यांनी एआयद्वारे जनरेट केलेले संगीत आणि डबिंगसाठी वास्तववादी लिप-सिंकिंग दाखवले. त्यांनी ओम्निव्हर्स प्लॅटफॉर्मद्वारे व्हिडिओ जनरेशन आणि सिम्युलेशनवर आधारित प्रशिक्षणासाठी मूलभूत मॉडेल्सचा संच 'कॉसमॉसदेखील सादर केला.

०००

Featured post

Lakshvedhi