Tuesday, 18 March 2025

राज्य के बस स्टैंडों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा

 राज्य के बस स्टैंडों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा

– परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

 

मुंबई18: राज्य में बस स्टैंडों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए "निर्माणसंचालन और हस्तांतरण (BOT)" मॉडल के तहत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहतसिंधुदुर्ग जिले के दोडामार्गसावंतवाड़ी और अंबोली बस स्टैंडों का विकास किया जाएगाछत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए सड़क उपलब्ध कराई जाएगीऔर जळगाव जिले के चोपडा बस स्टैंड को अत्याधुनिक बसपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगीऐसा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा।

 

विधान भवन में राज्य परिवहन विभाग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर बैठक आयोजित की गईजिसमें मंत्री प्रताप सरनाईक ने संबोधित किया। इस बैठक में पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तारपूर्व मंत्री दीपक केसरकरविधायक चंद्रकांत सोनवानेएसटी महामंडल के निर्माण महाप्रबंधक दिनेश महाजन और मुख्य लेखाधिकारी एवं आर्थिक सलाहकार गिरीश देशमुख उपस्थित थे।

 

मंत्री सरनाईक ने कहा कि शहरोंतालुका और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए "निर्माणसंचालन और हस्तांतरण" मॉडल पर आधारित बस स्टैंड विकसित किए जाएंगे। इस योजना के तहत सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ीदोडामार्ग और अंबोली बस स्टैंडों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। पूर्व मंत्री दीपक केसरकर ने सुझाव दिया कि अंबोलीजो एक प्रमुख पर्यटन स्थल हैवहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया बस स्टैंड बनाया जाना चाहिए।

 

इसके अलावापूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड बस स्टैंड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं का जिक्र किया और यात्रियों की सुरक्षा के लिए वहां सड़क उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई। इस पर मंत्री सरनाईक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस बस स्टैंड के लिए वैकल्पिक सड़क की व्यवस्था की जाएगी।

 

जळगाव जिले के चोपडा बस स्टैंड के अत्याधुनिकीकरण के संदर्भ मेंस्थानीय विधायक चंद्रकांत सोनवाने ने सुझाव दिया कि चोपडा तालुकाजो मध्य प्रदेश की सीमा से सटा हुआ आदिवासी बहुल क्षेत्र हैवहां के प्रमुख बस स्टैंड को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। इस संदर्भ मेंमंत्री सरनाईक ने अधिकारियों को "निर्माणसंचालन और हस्तांतरण" मॉडल के तहत इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

0000

 


--

शहरी क्षेत्रों के बच्चों के पोषण के लिए नागरी बाल विकास केंद्र उपयोगी

 शहरी क्षेत्रों के बच्चों के पोषण के लिए नागरी बाल विकास केंद्र उपयोगी – मंत्री अदिति तटकरे

सुपोषित मुंबई अभियान और नागरी बाल विकास केंद्र योजना का शुभारंभ

 

मुंबई, 18: शहरी क्षेत्रों के कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए सुपोषित मुंबई अभियान और नागरी बाल विकास केंद्र शुरू किए गए हैं। ये केंद्र गर्भावस्था से लेकर पहले 1,000 दिनों तक बच्चों को उचित पोषण सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगेऐसा महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा।

 

सुपोषित मुंबई अभियान और नागरी बाल विकास केंद्र योजना का शुभारंभ मंत्री अदिति तटकरे के हाथों अंगणवाड़ी क्र. 51, कोलाबा में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने माता और शिशु के उचित पोषण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) आयुक्त कैलास पगारेदक्षिण मुंबई बाल विकास परियोजना अधिकारी नितिन मस्केमहिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारीआंगनवाड़ी सेविकाएंसहायिकाएंमाताएं और बच्चे उपस्थित थे।

 

मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि 2018 से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में "ग्राम बाल विकास केंद्र योजना" लागू की गई हैजिसका उद्देश्य कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाना है। इस योजना का बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और इससे उन्हें सही उम्र में पोषण आहार प्राप्त करने में मदद मिली है। इसी तर्ज परअब मुंबई और उपनगरों में कुपोषण की दर को कम करने के लिए "सुपोषित मुंबई अभियान" और "नागरी बाल विकास केंद्र योजना" लागू की जा रही है।

 

उन्होंने आगे कहा कि गर्भावस्था से लेकर पहले 1,000 दिन (जन्म से दो साल तक) बच्चे के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिएइस अवधि में माता और शिशु को उचित पोषण मिलना आवश्यक है। नागरी बाल विकास केंद्रों के माध्यम से बच्चों में कुपोषण के साथ-साथ मोटापे की समस्या को दूर करने के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

 

मंत्री अदिति तटकरे ने यह भी कहा कि शहरी आबादी के अनुपात में आंगनवाड़ियों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि "सुपोषित मुंबई अभियान" और "नागरी बाल विकास केंद्र योजना" के लाभ से कोई भी शहरी बच्चा वंचित न रहेइसके लिए सही योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाए।

 

इस अवसर पर ICDS आयुक्त कैलास पगारे ने गर्भावस्था और जन्म के बाद पहले दो वर्षों में माता और शिशु के आहार की देखभाल और कुपोषण को कम करने की योजना की जानकारी दी।

0000


 

Urban Child Development Centers are Beneficial for

 Urban Child Development Centers are Beneficial for

the Nutrition of Children in Urban Areas – Minister Aditi Tatkare

Launch of 'Suposhit Mumbai Abhiyan' and 'Urban Child Development Center Scheme'

 

Mumbai, 18th: To bring malnourished children in urban areas into the normal category, the Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Centers have been launched. These centers will be highly beneficial in ensuring proper nutrition for children from the time of pregnancy up to the first 1,000 days of life, stated Minister of Women and Child Development, Aditi Tatkare.

The Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Center Scheme were inaugurated by Minister Aditi Tatkare at Anganwadi No. 51, Colaba. While addressing the gathering, she emphasized the importance of proper nutrition for mothers and children. The event was attended by Integrated Child Development Services (ICDS) Commissioner Kailas Pagare, South Mumbai Child Development Project Officer Nitin Maske, officials from the Women and Child Development Department, Anganwadi workers, helpers, mothers, and children.

Minister Aditi Tatkare stated that since 2018, the Village Child Development Center Scheme has been implemented in rural and tribal Anganwadi centers to bring malnourished children into the normal category. This scheme has shown a positive impact on children's health by providing them with proper nutrition at the right age. Based on this successful model, the Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Center Scheme are being implemented to reduce the malnutrition rate among children in Mumbai and suburban areas.

She further highlighted that the first 1,000 days, from pregnancy to two years after birth, are crucial for the physical and intellectual development of a child. Therefore, it is essential that mothers and children receive proper nutrition during this period. Through these Urban Child Development Centers, guidance will also be provided to address both malnutrition and obesity among children, she added.

Minister Tatkare also stressed the need to increase the number of Anganwadis in urban areas according to the growing population, ensuring that no child in urban regions is deprived of the benefits of the Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Center Scheme. She directed the concerned officials to ensure proper planning and implementation of these initiatives.

During the event, ICDS Commissioner Kailas Pagare provided details on the plan to reduce malnutrition among children and ensure proper diet for mothers and children during pregnancy and the first two years of life.

0000

the Nutrition of Children in Urban Areas – Minister Aditi Tatkare

Launch of 'Suposhit Mumbai Abhiyan' and 'Urban Child Development Center Scheme'

 

Mumbai, 18th: To bring malnourished children in urban areas into the normal category, the Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Centers have been launched. These centers will be highly beneficial in ensuring proper nutrition for children from the time of pregnancy up to the first 1,000 days of life, stated Minister of Women and Child Development, Aditi Tatkare.

The Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Center Scheme were inaugurated by Minister Aditi Tatkare at Anganwadi No. 51, Colaba. While addressing the gathering, she emphasized the importance of proper nutrition for mothers and children. The event was attended by Integrated Child Development Services (ICDS) Commissioner Kailas Pagare, South Mumbai Child Development Project Officer Nitin Maske, officials from the Women and Child Development Department, Anganwadi workers, helpers, mothers, and children.

Minister Aditi Tatkare stated that since 2018, the Village Child Development Center Scheme has been implemented in rural and tribal Anganwadi centers to bring malnourished children into the normal category. This scheme has shown a positive impact on children's health by providing them with proper nutrition at the right age. Based on this successful model, the Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Center Scheme are being implemented to reduce the malnutrition rate among children in Mumbai and suburban areas.

She further highlighted that the first 1,000 days, from pregnancy to two years after birth, are crucial for the physical and intellectual development of a child. Therefore, it is essential that mothers and children receive proper nutrition during this period. Through these Urban Child Development Centers, guidance will also be provided to address both malnutrition and obesity among children, she added.

Minister Tatkare also stressed the need to increase the number of Anganwadis in urban areas according to the growing population, ensuring that no child in urban regions is deprived of the benefits of the Suposhit Mumbai Abhiyan and Urban Child Development Center Scheme. She directed the concerned officials to ensure proper planning and implementation of these initiatives.

During the event, ICDS Commissioner Kailas Pagare provided details on the plan to reduce malnutrition among children and ensure proper diet for mothers and children during pregnancy and the first two years of life.

0000


नागरी भागातील बालाकांच्या सुपोषणासाठी नागरी बाल विकास केंद्र उपयुक्त

 नागरी भागातील बालाकांच्या सुपोषणासाठी नागरी बाल विकास केंद्र उपयुक्त

- मंत्री आदिती तटकरे

सुपोषित मुंबई अभियान व नागरी बाल विकास केंद्र योजनेचा शुभारंभ

 

           मुंबईदि. १८ : नागरी क्षेत्रातील कुपोषित बालकांना सर्वसाधारण श्रेणीत आणण्यासाठी सुपोषित मुंबई अभियान व अंगणवाडी मध्ये नागरी बाल विकास केंद्र सुरू करण्यात आले आहेत. गरोदर मातांना गर्भधारणेपासून पहिल्या एक हजार दिवसांसाठी बालकांना योग्य पोषण मिळण्याच्या दृष्टिने नागरी बाल विकास केंद्र अतिशय उपयुक्त ठरणार आहेतअसे प्रतिपादन महिला व बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे यांनी केले.

            कुलाबाअंगणवाडी क्र. ५१ येथे सुपोषित अभियान व नागरी बाल विकास केंद्र योजनेचा शुभारंभ मंत्री आदिती तटकरे यांच्या हस्ते करण्यात आला. या कार्यक्रम प्रसंगी त्या बोलत होत्या. या कार्यक्रमास  एकात्मिक बाल विकास सेवा योजनेचे आयुक्त कैलास पगारेदक्षिण मुंबई बाल विकास प्रकल्प अधिकारी नितीन मस्केमाहिला बाल विकास विभागाचे संबंधित अधिकारीअंगणवाडी सेविकामदतनीस यांच्यासह माता व बालके उपस्थित होते.

            मंत्री आदिती तटकरे म्हणाल्या कीएकात्मिक बाल विकास सेवा ग्रामीण प्रकल्पातील कुपोषित बालकांना सर्व साधारण श्रेणीत आणण्यासाठी ग्रामीण तसेच आदिवासी क्षेत्रातील अंगणवाडी केंद्रामध्ये ग्राम बाल विकास केंद्र योजना २०१८ पासून कार्यान्वित करण्यात आली आहे. या योजनेचा चांगला परिणाम बालकांच्या आरोग्यावर होत असून त्यांना योग्य वयात पोषण आहार मिळण्यास मदत होत आहे. याच धर्तीवर नागरी भागातील कुपोषित बालकांना सर्व साधारण श्रेणीत आणण्यासाठी तसेच मुंबई व मुंबई उपनगर जिल्ह्यातील बालकांचे कुपोषणाचे प्रमाण कमी करण्यासाठी सुपोषित मुंबई अभियान व नागरी बाल विकास केंद्र योजना राबविण्यात येत आहे. महिलेच्या गर्भधारणेपासून पहिल्या एक हजार दिवसांच्या कालावधीत माता व बालकांना योग्य पोषण आहार मिळणे आवश्यक असते. याच दृष्टिने नागरी भागातील या केंद्रांच्या मार्फत बालकांच्या कुपोषणासोबतच त्यांच्यातील लठ्ठपणा कमी करण्यासाठी देखील मार्गदर्शन करण्यात येणार असल्याचेही यावेळी मंत्री आदिती तटकरे यांनी सांगितले.

            प्रत्येक बालकाचा बौद्धीक व शारीरिक विकास हा महिलेच्या गर्भधारणेपासून एक हजार दिवसांच्या कालावधीत होत असते. त्यामुळे या काळात माता व बालकांचे योग्य पोषण होण्यासाठी नागरी भागातील लोकसंख्येच्या प्रमाणात अंगणवाडींची संख्या वाढविण्यासाठी विभागामार्फत प्रयत्न करण्यात येत आहेत. शासनामार्फत राबविण्यात येणाऱ्या सुपोषित मुंबई अभियान व नागरी बाल विकास केंद्र योजनेच्या लाभापासून नागरी क्षेत्रातील एकही बालक वंचित राहणार नाहीयासाठी संबंधित सर्व अधिकारी यांनी नियोजन करून अंमलबजावणी करावीअशा सूचनाही यावेळी मंत्री आदिती तटकरे यांनी दिल्या.

            बालकांमधील कुपोषण कमी करणे व गर्भधारणेपासून पहिले दोन वर्ष माता व बालकांच्या आहाराची काळजी कशी घ्यावी. याबाबत करण्यात आलेल्या नियोजनाची माहिती विभागाचे आयुक्त कैलास पगारे यांनी प्रास्ताविकात दिली.

0000

राज्यातील बसस्थानक अत्याधुनिक सेवासुविधायुक्त करणार

 राज्यातील बसस्थानक अत्याधुनिक सेवासुविधायुक्त करणार

- परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

 

             मुंबई, दि. १८ : राज्यातील बसस्थानक अत्याधुनिक सेवासुविधायुक्त करण्यासाठी " बांधा, वापरा आणि हस्तांतरित करा " या तत्वावर विकसित करण्यावर भर देण्यात येत आहे. सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील दोडामार्ग सावंतवाडी व अंबोलीछत्रपती संभाजीनगर जिल्ह्यातील सिल्लोड बसस्थानकाला प्रवाशांसाठी रस्ता  उपलब्ध करून देण्यात यावा तसेच जळगाव जिल्ह्यातील चोपडा बसस्थानक अत्याधुनिक बसपोर्ट  उभारण्याबाबत तात्काळ कार्यवाही करण्यात यावी अशा सूचना परिवहनमंत्री प्रताप सरनाईक यांनी दिल्या.

 

            विधानभवन येथे राज्य परिवहन विभागाच्या विविध विषयाच्या अनुषंगाने बैठक आयोजित करण्यात आली होती. या बैठकीत परिवहन मंत्री श्री.सरनाईक बोलत होते. यावेळी माजी मंत्री अब्दुल सत्तार, माजी मंत्री दीपक केसरकर, आमदार चंद्रकांत सोनावणेएसटी महामंडळाचे बांधकाम महाव्यवस्थापक दिनेश महाजनमुख्य लेखाधिकारी तथा आर्थिक सल्लागार गिरीश देशमुख यावेळी उपस्थित होते.

 

              मंत्री श्री. सरनाईक म्हणाले कीशहर, तालुका व ग्रामीण भागातील परिवहन व्यवस्था बळकटीकरणासाठी " बांधा, वापरा आणि हस्तांतरित करा " या तत्वावर सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील सावंतवाडीदोडामार्ग व अंबोली ही बसस्थानक विकसित करण्यात येतील. यावेळी माजी मंत्री दीपक केसरकर यांनी अंबोली येथील बसस्थानक पर्यटन दृष्ट्या महत्त्वाचे असून तेथे सर्व सुविधायुक्त नवीन बसस्थानक बांधण्यात यावे अशा सूचना केली. छत्रपती संभाजीनगर जिल्ह्यातील सिल्लोड बसस्थानक येथे वारंवार होत असलेले अपघात लक्षात घेता या बसस्थानक परिसरात  रस्ता  उपलब्ध करून देण्यात यावा अशी  येथील स्थानिकांची मागणी विचारात घेतली जावी अशी सूचना माजी मंत्री अब्दुल सत्तार यांनी केली. परिवहन मंत्री सरनाईक यांनी याबाबत लवकरच निर्णय घेऊन बसस्थानकात पर्यायी रस्ता उपलब्ध करून देण्यात येईल असे आश्वासन दिले.

 

          जळगाव जिल्ह्यातील चोपडा बसस्थानकाचे अत्याधुनिकीकरण करण्यात यावे याबाबतीत स्थानिक आमदार चंद्रकांत सोनावणे यांनी  सूचना केल्या. मध्यप्रदेश राज्याच्या सीमावर्ती भागामध्ये असलेला आदिवासीबहुल तालुका म्हणून चोपडा तालुका ओळखला जातो. या तालुक्यातील महत्त्वाचे बसस्थानक म्हणून चोपडा बसस्थानक अत्याधुनिक सोयी युक्त बनविण्यात यावे अशी मागणी केली. याबाबतीत लवकरच निविदा प्रक्रिया राबवून बांधा वापरा व हस्तांतरित करा या तत्त्वावर चोपडा बसस्थानक विकसित करण्याच्या सूचना मंत्री श्री. सरनाईक यांनी संबंधित अधिकाऱ्यांना दिल्या.

*****

शांतता व संयम पाळत धार्मिक सण साजरे करावेत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचे जनतेला आवाहन

 शांतता व संयम पाळत धार्मिक सण साजरे करावेत

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचे जनतेला आवाहन

कायदा हातात घेणाऱ्यांवर, पोलिसांना मारहाण करणाऱ्यांवर कठोर कारवाईचा इशारा

 

मुंबईदि. १८ : महाराष्ट्र हे ‘प्रगतिशील राज्य’ असून या ठिकाणी जातीभेदाला थारा नाही. नागपूर शहरांमध्ये १७ मार्च रोजी राज्याची सामाजिक घडी विस्कटणारी घटना घडली. या घटनेमुळे राज्याच्या शांततेला धक्का बसला. सध्या सर्वधर्मीयांचे सण सुरू आहेत. नागरिकांनी संयम बाळगून शांतता राखत हे सण साजरे करावेतअसे आवाहन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी विधानसभेत नागपूर घटनेवर आधारित निवेदनाद्वारे केले.

नागपूर येथील प्रकरणात पोलीस शांतता प्रस्थापित करण्यासाठी गेले होते. त्यांच्यावरही जमावाने हल्ला केला. अशा परिस्थितीत कायदा व सुव्यवस्था हातात घेणाऱ्या आणि पोलिसांना मारहाण करणाऱ्या कुणालाही सोडले जाणार नाही. त्याच्यावर कठोर कायदेशीर कारवाई करण्यात येईलअशा स्पष्ट शब्दात मुख्यमंत्री फडणवीस यांनी इशाराही दिला.

मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस म्हणालेनागपूर शहरात १७ मार्च रोजी सकाळी ११.३० वाजता महाल परिसरात औरंगजेबाची कबर हटविण्याच्या मागणीसाठी काही संघटनांनी गवताच्या पेंड्यांची प्रतीकात्मक कबर काढून आंदोलन केले. याबाबत गणेश पेठ पोलिसांनी गुन्हे दाखल केले. मात्र या आंदोलनाबाबत अफवा पसरली व काही समाज घटकांनी हंसापुरी भागात जमाव करीत हिंसक आंदोलन केले. या भागात १२ दुचाकी जाळण्यात आल्या. तसेच भालदापूर भागात दोन जेसीबीक्रेन आणि चारचाकी वाहनांची जाळपोळ करण्यात आली. येथे दगडफेकही करण्यात आली. या संपूर्ण घटनांमध्ये ३३ पोलीस जखमी झाले असून पाच नागरिक जखमी झाले आहेत. यापैकी तीन नागरिकांना उपचाराअंती सोडण्यात आलेतर दोन नागरिकांवर उपचार सुरू आहेत. तसेच पोलिस उपायुक्त दर्जाचे  तीन अधिकारीही जखमी झाले आहेत. यामध्ये एका अधिकाऱ्यावर कुऱ्हाडीने मारहाण झाल्याचे दिसून येत आहे.

जमावाला शांत करण्यासाठी पोलिसांना अश्रुधुरांचा वापर करावा लागला. तसेच सौम्य बळाचा वापर करीत शांतता प्रस्थापित करावी लागली. याप्रकरणी गणेशपेठ पोलीस ठाण्यात तीन गुन्हे दाखल करण्यात आले असून तहसील पोलीस ठाण्यात दोन गुन्हे दाखल करण्याची प्रक्रिया सुरू आहे. नागपूर शहरातील ११ पोलीस ठाणे अंतर्गत संचारबंदी लागू करण्यात आली आहे.  राज्य राखीव पोलीस दलाच्या पाच तुकड्या तैनात करण्यात आल्या आहेत. तसेच या भागात प्रवेश स्तरावर तपासणी नाके उभारण्यात आले आहेअशी माहिती मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी दिली.

घटनास्थळावरून ट्रॉली भरून दगड मिळाले आहेत. घरांवर दगड जमवून ठेवण्यात आल्याचे निदर्शनास आले असून शस्त्रे जप्त करण्यात आली आहेत. हा हल्ला सुनियोजित पॅटर्न असल्याचे दिसून येते. राज्यातील कायदा व सुव्यवस्था अबाधित ठेवण्यासाठी शासन सर्वतोपरी प्रयत्न करीत आहेअसेही मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी यावेळी सांगितले.

नागरिकांनी एकमेकांचा आदरभाव करीत आपले सण साजरे करावे. शांतता राखावी,  कायदा व व्यवस्था टिकवण्यासाठी शासनाला सहकार्य करावेअसे आवाहन करीत दंगा करणाऱ्यांबाबत कुठल्याही जाती धर्माचा विचार न करता कडक कारवाईच्या इशाऱ्याचा पुनरुचारही मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी केला.

0000

मुलाचे करिअर कौन्सिल तर पहा आणि कोणता carrer निवडायचे शॉर्टकट pl share


 

Featured post

Lakshvedhi