Saturday, 20 July 2024

चेतावणी

 *चेतावनी*


*एक 36 वर्षीय पुरुष को केन्सर हुआ था जो लास्ट स्टेज पर था। अपनी अब तक की उम्र में इन्होने कभी भी गुटका, सिगरेट और पान व शराब का सेवन नहीं किया था। समय पर काम पर जाना, परिवार के साथ खुश रहना, उसका जीवन था, ना कोई  बीमारी थी ना ही कोई चिन्ता।*

      *सिर्फ 2/3 दिन से पेट में दर्द शुरू होने के कारण डॉ. से सम्पर्क कर इलाज शुरू किया, परन्तु कोई फायदा ना होने के कारण बड़े डॉ. से मिले। वहां के डॉ. ने उनकी सभी रिपोर्ट निकलवाई तो पता चला कि पेट के आंतड़ियों में केन्सर हुआ है।*

     *डॉ. द्वारा इलाज की शुरूआत हुई, इलाज के दौरान पूरी जमा पूंजी के साथ घर-बार भी बिक गया, परन्तु परिणाम स्वरूप उनकी मौत हो गई। डॉ. ने परिवार से इनका अग्नि संस्कार ना करके, मानव सेवार्थ बोडी पर रिर्सच करने हेतु हॉस्पीटल में डोनेट करने की सलाह दी। परिवार में आपसी मंथन के बाद बॉडी को हॉस्पीटल में रिर्सच करने हेतु, डोनेट करने का निर्णय लेते हुए बॉडी को हॉस्पीटल में डोनेट की।*

     *रिर्सच के बाद पता चला कि प्लास्टिक में गरम खाना व प्लास्टिक की बॉटल में पानी पीने से, उसमें से निकलने वाले केमिकल के कारण इन्हें केन्सर हुआ था। तब डॉ. द्वारा परिवार व साथियों से सम्पर्क कर उनके खान-पान के बारे में जांच की, तो इस जांच से पता चला कि उन्हें चाय पीने की आदत थी। वे दिन में पाँच से छ: कप चाय पीते थे। यह भी पता चला कि जहाँ से चाय पीते थे वहाँ प्लास्टिक की थैली में चाय आती थी और प्लास्टिक के कप में चाय दी जाती थी।*

*अक्सर देखा गया है लोग प्लास्टिक की थैलियों में दुकान से गरम चाय गरम सब्जी या अन्य समान मंगवाते हैं और वो ही खा लेते हैं या पी लेते हैं। वो ही धीरे धीरे आपके शरीर में कैन्सर बनाता है।*

     *तब डॉ. द्वारा उनके साथ काम करने वाले साथियों का भी मेडिकल टेस्ट कराया तो पता चला कि उसके कई साथियों को कैन्सर का असर है। तब डॉ. ने उन्हें कैन्सर के इलाज की सलाह दी।*

     *हम सोचते हैं कि सरकार इतनी खराब वस्तु जो कि स्वास्थ्य के साथ- साथ, पर्यावरण के लिए भी खतरनाक ही नहीं घातक है, उसके निर्माण करने की इजाजत कैसे दे देती है।* 

     *सरकार प्लास्टिक का उपयोग ना करने के प्रचार पर भी करोडों रू खर्च कर हमें समझाती है, परन्तु हम भी कहाँ समझते हैं। हम स्वंय भी तो अपना व अपने चाहने वालों को मौत की ओर ढकेलने का कार्य निर्भीक होकर कर रहे हैं, ना अपनी और ना ही परिवार की हमें चिन्ता है, बस मौत के गले लगाने के लिए फैशन की अंधी दौड में भाग रहे हैं।*

     *अत: आप सभी से पुन: नम्र निवेदन है कि प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें, जहाँ तक हो सके प्लास्टिक के बर्तन में गरम खाना ना खायें, प्लास्टिक की बॉटल में पानी का उपयोग ना करें। विशेषकर गर्म चाय-कॉफी प्लास्टिक कप में ना पियें।*


    *किसी बाबा व अन्य फकीर-बाबा के नाम पोस्ट भेजने से चमत्कार नहीं होते  परन्तु ऐसे पोस्ट भेजने से कई चमत्कार हो सकते हैं जो प्रकृति के लिए व मानव जीवन के लिए बहुत बड़ा चमत्कार ही है।* 

🌹🌹🌹🌹

🙏🏻🙏🏻, आर के गोयल सर्राफ, सचिव, कैंसर एंड हार्ट केयर एसोसिएशन, गाजियाबाद।

 

*आगे बढ़ाते रहिए यह भी एक पुण्य कर्म है।*

*तुमचा जीवनसाथी कोण आहे?*

 *तुमचा जीवनसाथी कोण आहे?*


 *......श्री श्री रविशंकर सांगतात.*


*आई?*

*बाबा?*  

*नवरा ?* 

*बायको?* 

*मुलगा?*   

*मुलगी?*  

*मित्र?*  

*अजिबात नाही !*

*तुमचा खरा जीवनसाथी तुमचे शरीर आहे.  एकदा का तुमच्या शरीराचे प्रतिसाद देणे थांबले की तुमच्यासोबत कोणीही नसते.  तुम्ही आणि तुमचे शरीर जन्मापासून मरेपर्यंत एकत्र राहता.  तुम्ही तुमच्या शरीरासाठी काय करता ते तुमची जबाबदारी आहे आणि ती तुमच्याकडे परत येईल.*

   *तुम्ही तुमच्या शरीराची जितकी काळजी घ्याल तितके तुमचे शरीर ही तुमची काळजी घेईल.*

  *तुम्ही काय खाता, तंदुरुस्त* *राहण्यासाठी तुम्ही काय करता, तुम्ही तणावाचा सामना कसा करता, तुम्ही त्याला किती विश्रांती देता;  त्यावर तुमचे शरीर कसे प्रतिसाद देईल ते ठरवेल.*  

    *लक्षात ठेवा, तुमचे शरीर हा तुमचा एकमेव कायमचा पत्ता आहे जिथे तुम्ही राहता.* 

    *तुमचे शरीर ही तुमची मालमत्ता / दायित्व आहे, जी इतर कोणीही शेअर करू शकत नाही.  तुमचे शरीर ही तुमची जबाबदारी आहे.  कारण तुम्हीच खऱ्या आयुष्यातील जोडीदार आहात.*

    *तंदुरुस्त रहा. स्वतःची काळजी घ्या.  पैसा येतो आणि जातो.*  *नातेवाईक आणि मित्र हे कायमस्वरूपी नसतात.*

    *लक्षात ठेवा, तुमच्याशिवाय* *तुमच्या शरीराला कोणीही मदत करू शकत नाही.*  

*जन्माला येवून एवढच करा !फुफ्फुसांसाठी- प्राणायाम , मनासाठी- ध्यान*, 

*शरीरासाठी-योगा*,  

*हृदयासाठी- चालणे*,  

*आतड्यांसाठी-  चांगले अन्न*, 

*आत्म्यासाठी- चांगले विचार , आणि जगासाठी चांगले कर्म.*

   *‼️🙏🙏🙏🙏🙏‼️*

Sadu sadu खाऊ आता लाडू लाडू


 

विडा चे पान आरोग्याला छान


 

Zid हो जैसी


 

वय la का स्वीकारत नाहीं




स्पष्टवक्ते डॉक्टर

 स्पष्टवक्ते डॉक्टर


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