Wednesday, 1 April 2026

नागपुर ग्रामीण में संक्रमण दर में उल्लेखनीय कमी

 नागपुर ग्रामीण में संक्रमण दर में उल्लेखनीय कमी

महाराष्ट्र के 18 जिलोंनागपुरचंद्रपुरभंडारावर्धागडचिरोलीअमरावतीअकोलालातूरधाराशिवसोलापुरजळगांवसिंधुदुर्गनांदेड़ठाणेपालघरनंदुरबारसोलापुर और यवतमाळमें इस रोग का प्रकोप है। फरवरी 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसारराज्य के कुल मामलों में से लगभग 75 प्रतिशत मामले केवल नागपुर विभाग में पाए जाते हैं। सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं: भंडाराचंद्रपुरनागपुरगडचिरोली और गोंदिया।

ट्रिपल ड्रग पॉलिसी’ (आईडीए) के प्रभाव से नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में सूक्ष्मजीव प्रसार दर (एमएफ रेट) वर्ष 2014 के 4.91 प्रतिशत से घटकर 2024 तक 1 प्रतिशत से भी कम हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसारआईडीए उपचार माइक्रोफिलेरिया (परजीवी) को कम करने में अधिक प्रभावी हैजिससे रोग का प्रसार तेजी से रोका जा सकता है। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में ही दवाएं लें। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना हत्तीरोग का उन्मूलन संभव नहीं है।

राज्य में 55 लाख नागरिकों को उपचार का लक्ष्य

 राज्य में 55 लाख नागरिकों को उपचार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से देश के 12 राज्यों में बड़े पैमाने पर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (एमडीए) अभियान चलाया जा रहा हैजिसमें महाराष्ट्र भी शामिल है। इस अभियान के तहत पात्र नागरिकों को हर वर्ष निवारक दवाएं दी जाती हैंजिससे रोग के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है।

राज्य के कुछ चयनित जिलों में पारंपरिक दो दवाओं के बजाय अधिक प्रभावी ट्रिपल ड्रग थेरेपी’ (आईडीए) का उपयोग किया जा रहा हैजिससे कम समय में बेहतर नियंत्रण संभव हो रहा है।

विदर्भ क्षेत्र में हत्तीरोग का प्रकोप अधिक है और गडचिरोलीभंडारा तथा चंद्रपुर जैसे जिलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्य में लगभग 55 लाख नागरिकों को इस उपचार का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

हत्तीरोग उन्मूलन के लिए ‘ट्रिपल ड्रग थेरेपी’ (आईडीए) अभियान को गति

 हत्तीरोग उन्मूलन के लिए ट्रिपल ड्रग थेरेपी’ (आईडीए) अभियान को गति

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबई, 31 मार्च: महाराष्ट्र सहित पूरे देश में हत्तीरोग के उन्मूलन के लिए ट्रिपल ड्रग थेरेपी’ (आईडीए) -अर्थात आइवरमेक्टिनडीईसी (डायइथाइलकार्बामाजीन) और एल्बेंडाजोल — के संयुक्त उपचार को तेज़ी दी जा रही है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2027 तक भारत से हत्तीरोग के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इस अभियान में महाराष्ट्र सरकार सक्रिय रूप से सहभागी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्तीरोग जैसे उपेक्षित रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विशेष पहल की है। वर्ष 2017 में महाराष्ट्र ने सबसे पहले विशेष रूप से विदर्भ के जिलों को इस उपचार के लिए प्राथमिकता देने का आग्रह केंद्र सरकार से किया था। इससे विदर्भ के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिली है। साथ हीप्रधानमंत्री के देश से हत्तीरोग उन्मूलन के संकल्प को पूरा करने में महाराष्ट्र सरकार पूर्ण सहयोग दे रही है।

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