नागपुर ग्रामीण में संक्रमण दर में उल्लेखनीय कमी
महाराष्ट्र के 18 जिलों—नागपुर, चंद्रपुर, भंडारा, वर्धा, गडचिरोली, अमरावती, अकोला, लातूर, धाराशिव, सोलापुर, जळगांव, सिंधुदुर्ग, नांदेड़, ठाणे, पालघर, नंदुरबार, सोलापुर और यवतमाळ—में इस रोग का प्रकोप है। फरवरी 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल मामलों में से लगभग 75 प्रतिशत मामले केवल नागपुर विभाग में पाए जाते हैं। सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं: भंडारा, चंद्रपुर, नागपुर, गडचिरोली और गोंदिया।
‘ट्रिपल ड्रग पॉलिसी’ (आईडीए) के प्रभाव से नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में सूक्ष्मजीव प्रसार दर (एमएफ रेट) वर्ष 2014 के 4.91 प्रतिशत से घटकर 2024 तक 1 प्रतिशत से भी कम हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईडीए उपचार माइक्रोफिलेरिया (परजीवी) को कम करने में अधिक प्रभावी है, जिससे रोग का प्रसार तेजी से रोका जा सकता है। राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में ही दवाएं लें। विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना हत्तीरोग का उन्मूलन संभव नहीं है।