Thursday, 13 November 2025

संवेदनशील या गोपनीय दस्तावेज़ ऑनलाइन टूल्स में अपलोड करने से पहले सतर्क

 प्रधान सचिव सिंह ने यह भी कहा कि संवेदनशील या गोपनीय दस्तावेज़ ऑनलाइन टूल्स में अपलोड करने से पहले सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पूछे गए प्रश्नअपलोड की गई सामग्री और खोज इतिहास ट्रेस किए जा सकते हैं और कानूनी जांच में प्राप्त किए जा सकते हैं। इसलिए गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की समझ जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि एआई कभी-कभी झूठे संदर्भ भी तैयार कर सकता हैइसलिए वैज्ञानिक या कानूनी विषयों में उस पर पूर्ण रूप से निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। डीपफेक बनाना अब आसान हो गया हैपरंतु उसकी पहचान दिन-ब-दिन कठिन होती जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एआई जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्किंग जैसी नियामक प्रणालियाँ लागू की जा रही हैं।

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