Thursday, 10 July 2025

कर्नाक पुल का 'सिंदूर' नामकरण कर इतिहास के काले अध्याय को मिटाया गया

 कर्नाक पुल का 'सिंदूर' नामकरण कर इतिहास के काले अध्याय को मिटाया गया

– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों ऐतिहासिक सिंदूर (पूर्व में कर्नाक) पुल का लोकार्पण

 

मुंबई, 10 जुलाई – लगभग डेढ़ शताब्दी से ‘कर्नाक ब्रिज’ के नाम से प्रसिद्ध इस ऐतिहासिक पुल का अब नाम बदलकर ‘सिंदूर पुल’ रखा गया है। इसका उद्घाटन आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “कर्नाक” नाम उस ब्रिटिश गवर्नर से जुड़ा था, जिसने भारतीयों पर अन्याय और अत्याचार किए। इसलिए इस पुल का नाम बदलकर 'सिंदूर' रखा गया है ताकि उस काले अतीत की निशानियों को मिटाया जा सके।

मशीद बंदर रेलवे स्टेशन के पास, पी. डी’ मेलो मार्ग से जुड़ने वाले इस नए सिंदूर रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री बोले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव' के दौरान इतिहास के काले अध्यायों को समाप्त करने का आह्वान किया था, उसी के अनुरूप यह नामकरण किया गया है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि “पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। यह भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है। इस शौर्य को सम्मान देने के लिए मनपा ने इस पुल को 'सिंदूर' नाम दिया है, यह मेरे लिए गर्व का विषय है।”

342 मीटर लंबे इस पुल में से 70 मीटर भाग रेलवे क्षेत्र में आता है और यह मुंबई की यातायात व्यवस्था को काफी राहत देने वाला है। मुख्यमंत्री ने पुल का निर्माण चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद कम समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए मुंबई महानगरपालिका की टीम को बधाई दी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पुल दोपहर 3:00 बजे से वाहनों के लिए खुला रहेगा।

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