सिंधुदुर्ग के सुपुत्र सदानंद करंदीकर का अनुकरणीय दान
मुख्यमंत्री को सौंपे बीस लाख रुपये के चेक
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सहायता कोष में दिया योगदान
मुंबई, दिनांक 22 : डोंबिवली से लोकल ट्रेन द्वारा और फिर बस से यात्रा करते हुए वे मंत्रालय पहुँचे... और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस को दस-दस लाख रुपये के दो चेक सौंपे। उन्होंने प्रधानमंत्री सहायता कोष और मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए कुल बीस लाख रुपये की राशि समर्पित की। इस दानवीर का नाम है श्री सदानंद विष्णु करंदीकर, जो मूलतः सिंधुदुर्ग जिले के आचरा गांव के निवासी हैं।
अपनी पूरी उम्र की कमाई समाज को समर्पित करते हुए श्री करंदीकर ने न तो कोई प्रचार किया, न ही कोई अपेक्षा रखी। उनके इस उदार कार्य की सराहना मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने की। मुख्यमंत्री ने कृतज्ञता के साथ चेक स्वीकार किए और श्री करंदीकर की संवेदनशीलता और दानशीलता को नमन किया।
श्री करंदीकर एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी श्रीमती सुमती करंदीकर सरकारी सेवा से रिटायर हुई थीं। दोनों ने नेरुल के आनंद वृद्धाश्रम में निवास किया। पिछले वर्ष अगस्त में श्रीमती सुमती करंदीकर का निधन कैंसर के कारण हुआ। श्री करंदीकर ने कैंसर पीड़ितों के परिजनों की भागदौड़ और आर्थिक कठिनाइयों को नजदीक से देखा, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने अपनी पत्नी की स्मृति में अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा समाज को लौटाने का निर्णय लिया।
धर्म और खेती में रुचि रखने वाले श्री करंदीकर ने मंत्रालय जाकर मुख्यमंत्री सहायता कोष हेतु 10 लाख और प्रधानमंत्री सहायता कोष हेतु 10 लाख रुपये की राशि के चेक मुख्यमंत्री श्री फडणवीस को सौंपे।
वर्तमान में 82 वर्षीय श्री करंदीकर अपनी बहन प्रभा श्रीराम शितूत के पास रह रहे हैं। वृद्धाश्रम और कैंसर पीड़ित परिवारों के अनुभव से गुजर चुके सिंधुदुर्ग के इस सुपुत्र ने अपने इस उदार कार्य से यह सिद्ध कर दिया है कि सागर के समान उनका दान भी असीमित है। कई लोगों ने उनके इस कार्य की सराहना करते हुए यह भाव व्यक्त किया।
No comments:
Post a Comment