बाढग्रस्तों के साथ सरकार
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
अकाल के समय जैसी सभी रियायतें और उपाय लागू;
जीवनावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को प्राथमिकता
आपदा प्रभावितों से वसूली नहीं की जाएगी; बैंकों को मुख्यमंत्री के निर्देश
मुंबई, 30 सितंबर : राज्य सरकार बाढग्रस्त लोगों के साथ पूरी तरह सक्षता से खडी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि मंत्रिमंडल ने किसानों और आपदा प्रभावित नागरिकों के लिए अकाल निवारण के समय जैसी सभी रियायतें और उपाय लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वर्तमान में किसान वर्ग कठिनाई में है। इसे ध्यान में रखते हुए बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वसूली रोक दी जाए।
इसके साथ ही, प्रभावित परिवारों को गेहूं, चावल, दाल और आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है। कुओं का ढहना, खेतों का कट जाना आदि नुकसान पर भी राज्य सरकार केंद्र सरकार के मानदंडों से बाहर जाकर स्वतंत्र सहायता प्रदान करेगी। नुकसान का पंचनामा अगले दो-तीन दिनों में पूरा हो जाएगा और अगले सप्ताह केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। हालांकि, केंद्र की सहायता का इंतजार किए बिना राज्य सरकार की अपनी निधि से सहायता शुरू कर दी गई है। केंद्र से यह राशि बाद में ‘रीइंबर्समेंट’ के रूप में प्राप्त होगी, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया।
हालांकि राज्य में स्थानीय सूखा घोषित करने की मांग की जा रही है, पर आपदा प्रबंधन नियमावली में ऐसी परिभाषा शामिल नहीं है। फिर भी, मंत्रिमंडल ने अकाल निवारण के समय के मानदंडों के अनुसार सभी रियायतें और उपाय लागू करने का निर्णय लिया है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया।
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