Sunday, 6 April 2025

A New Dawn of Positivity in Prisoners’ Lives The Bhagavad Gita Brings a Fresh Perspective on Life in Jails

 A New Dawn of Positivity in Prisoners’ Lives

The Bhagavad Gita Brings a Fresh Perspective on Life in Jails

 

Mumbai, April 5 : Crimes often stem from anger, hatred, and unfavorable circumstances. However, if the Bhagavad Gita is introduced into the lives of such offenders, it can bring about a new dawn of positivity. This is currently evident in Maharashtra’s prisons, where 190 prisoners are engaging in spiritual practice through the Gita. Under the initiative of Chief Minister Devendra Fadnavis, the recitation of Bhagavad Gita shlokas is now resonating in jails.

For the past year, online Bhagavad Gita classes have been conducted in Maharashtra’s central prisons through the Gita Parivar organization. Volunteers from Gita Parivar, an organization established by Swami Shri Govind Dev Giri Ji Maharaj, serve as instructors in this initiative. So far, Gita Parivar has provided online training to 1.2 million seekers. These classes, offered completely free of cost, are conducted in 13 languages across 21 time slots from Monday to Friday. Each session lasts 40 minutes, during which participants learn the correct pronunciation of the Gita shlokas. Efforts are being made to expand this initiative on a larger scale across the state.

Prison administrators and staff are assisting in setting up the technical requirements for these online classes. The first session began in December 2023 at Chhatrapati Sambhajinagar prison. Gradually, the initiative extended to central prisons in Kolhapur, Nashik, Thane, and Taloja. The participation numbers include 25 prisoners from Chhatrapati Sambhajinagar, 35 from Thane, 45 from Kolhapur, 40 from Nashik, 35 from Taloja, and 10 from Yerwada, totaling around 190 inmates reciting Gita shlokas.

Each chapter's meaning is also explained through online classes. Currently, the third phase of training is nearing completion in the prisons of Thane, Nashik, Kolhapur, and Taloja, covering a total of 12 chapters. Gita Parivar provides readable copies of the Gita to all participating inmates. Both prison officials and the prisoners themselves are satisfied with this initiative. Additionally, direct classes have been conducted at Yerwada Women’s Prison, and motivational lectures are held for male prisoners on Sundays.

On Saturdays and Sundays, interpretations of the learned shlokas are provided, and inmates’ doubts are clarified. The Gita Parivar classes are conducted in four phases, each called a level. The first level covers two chapters, the second level covers four, and the third and fourth levels cover six chapters each.

This initiative is showing positive effects on prisoners' lives. It is proving to be a successful effort in guiding them towards a new path in life. Prison authorities believe that such programs will help inmates reintegrate into their families and lead a better life upon release.


India Wins the PD Champions Trophy 2025 – Sports Minister Felicitates the National Differently-Abled Cricket Team

 India Wins the PD Champions Trophy 2025 – Sports Minister Felicitates the National Differently-Abled Cricket Team

 

Government to Provide Full Support for the Progress of Differently-Abled Cricket: Sports Minister Dattatray Bharne

 

Mumbai, April 5: Maharashtra’s Minister for Sports and Youth Welfare, Dattatray Bharne, congratulated the Indian Differently-Abled Cricket Team for winning the PD Champions Trophy 2025 held in Colombo, Sri Lanka. He assured that the government will extend all necessary support and assistance for the growth of differently-abled cricket in the country.

The Indian team emerged victorious by defeating England in the final match. The team was recently felicitated at the state ministry premises, where the Minister appreciated their commendable performance.

Minister Bharne praised the players for their determination, passion for cricket, and their grit in overcoming adversities. He stated that this victory marks a historic milestone for Indian differently-abled athletes and will serve as an inspiration for many young aspiring players.

The winning team was led by Captain Vikrant Keni, with Ravindra Sante as the Vice-Captain. Key players included all-rounder Akash Patil and batsman Kunal Phanse.

The felicitation ceremony was also attended by Kalpesh Pundalik Gaikar (DCCI Committee Member), Vishwanath Gurav (President, Wheelchair Sports Association), Rahul Ramugade (Captain, Mumbai Wheelchair Cricket Team), and Prashant Vishnu Nerpagare (Para Shooter and Wheelchair Basketball Player).

 

अंतरराष्ट्रीय पीडी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम को खेल मंत्री ने दी बधाई

 अंतरराष्ट्रीय पीडी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता

भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम को खेल मंत्री ने दी बधाई

 

दिव्यांग क्रिकेट की प्रगति के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग

 — खेल मंत्री दत्तात्रय भरणे

 

मुंबई, 5 अप्रैलकोलंबोश्रीलंका में आयोजित पीडी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में इंग्लैंड को हराकर विजेता बनी भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम को महाराष्ट्र के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

हाल ही में मंत्रालय में विजेता खिलाड़ियों का सत्कार किया गयाजहां श्री भरणे ने खिलाड़ियों की जिदखेल के प्रति समर्पण और कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत न केवल टीम के लिए बल्कि देशभर के युवा दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत साबित होगी।

इस विजयी टीम की कप्तानी विक्रांत केणी ने कीजबकि रवींद्र संते उपकप्तान रहे। टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में अखिल भारतीय ऑलराउंडर आकाश पाटील और प्रमुख बल्लेबाज कुणाल फानसे शामिल थे।

इस अभिनंदन समारोह में डीसीसीआई समिति सदस्य श्री कल्पेश पुंडलिक गायकरव्हीलचेयर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वनाथ गुरवमुंबई व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान राहुल रामुगडेऔर पैरा शूटर एवं व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांत विष्णू नेरपगारे भी मौजूद थे।

आंतरराष्ट्रीय पीडी चॅम्पियन्स ट्रॉफी 2025 विजेत्या भारतीय दिव्यांग क्रिकेट संघाचे केले अभिनंदन क्रीडा

 आंतरराष्ट्रीय पीडी चॅम्पियन्स ट्रॉफी 2025  विजेत्या

 

भारतीय  दिव्यांग क्रिकेट संघाचे केले अभिनंदन क्रीडा




मंत्री यांच्याकडून अभिनंदन

 

दिव्यांग क्रिकेट संघाच्या प्रगतीसाठी शासनातर्फे सर्वोतोपरी सहकार्य - क्रीडा मंत्री दत्तात्रय भरणे

 

मुंबई, 5 :  क्रीडा व युवक कल्याण मंत्री  दत्तात्रय भरणे यांनी कोलंबोश्रीलंका येथे झालेल्या पीडी चॅम्पियन्स ट्रॉफी 2025 जिंकणाऱ्या भारतीय दिव्यांग क्रिकेट संघाचे अभिनंदन केलेदिव्यांग क्रिकेटच्या प्रगतीसाठी शासनातर्फे आवश्यक सर्व मदत आणि पाठिंबा असल्याचे त्यांनी यावेळी सांगितले.

भारतीय संघाने अंतिम सामन्यात इंग्लंडचा पराभव करून विजेतेपद मिळवलेया भारतीय दिव्यांग क्रिकेट  संघाच्या खेळाडूंचा सत्कार नुकताच मंत्रालयात करण्यात आला होतायावेळी ते बोलत होते.

श्रीदत्तात्रय भरणे यांनी संघातील खेळाडूंच्या जिद्दीचेक्रिकेटप्रती असलेल्या उत्कट प्रेमाचे आणि कठीण परिस्थितीतही उभे राहण्याच्या जिगरदार वृत्तीचे कौतुक केलेया स्पर्धेतील विजय हा भारतीय दिव्यांग खेळाडूंसाठी एक ऐतिहासिक टप्पा असूनअनेक युवा खेळाडूंना प्रेरणा देणारा असल्याचे त्यांनी यावेळी सांगितले.

या विजयी संघाचे नेतृत्व कर्णधार विक्रांत केणी यांनी केलेतर उपकर्णधार रवींद्र संते होतेसंघातील प्रमुख खेळाडूंमध्ये अष्टपैलू खेळाडू आकाश पाटील आणि फलंदाज कुणाल फानसे यांचा समावेश होताया अभिनंदन समारंभास श्री. कल्पेश पुंडलिक गायकर, (डीसीसीआय समिती सदस्य), विश्वनाथ गुरव, (अध्यक्षव्हीलचेअर स्पोर्ट्स असोसिएशन), राहुल रामुगडे, (कर्णधारमुंबई व्हीलचेअर क्रिकेट संघ) , प्रशांत विष्णू नेरपगारे, (पॅरा शूटर आणि व्हीलचेअर बास्केटबॉल खेळाडू. ) आदि उपस्थित होते.

 

प्रभु श्रीराम द्वारा बताए गए मूल्यों का संरक्षण करें: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 प्रभु श्रीराम द्वारा बताए गए मूल्यों का संरक्षण करें: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबई, 5 अप्रैल: प्रभु श्रीराम हमारे राष्ट्रपुरुष हैं और वे मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। जीवन के आदर्श और मूल्यों का सर्वोच्च उदाहरण उनका जीवन है। उन्होंने जो जीवन मूल्य बताए हैंउनका संरक्षण और पालन किया जाना चाहिए। यह विचार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री श्री फडणवीस मानखुर्द स्थित संजोग देवस्थान की प्राणप्रतिष्ठा और लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर विधानपरिषद सदस्य प्रवीण दरेकरदैनिक तरुण भारत के संपादक किरण शेलारसंजोग सोसायटी के अध्यक्ष नवनाथ बन सहित बड़ी संख्या में सोसायटी के निवासी और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हम प्रभु श्रीराम के संपूर्ण जीवन पर नजर डालेंतो उन्हें युगपुरुष कहा जाता है। उन्होंने एक युग की रचना की है। हम मानते हैं कि उनमें ईश्वर का अंश था। यदि वे चाहते तो रावण से चमत्कारिक रूप से भी युद्ध कर सकते थेलेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने समाज के लोगों को एकत्र कियाउनमें विजय की भावना जगाईआत्मगौरव और आत्मसम्मान को प्रेरित कियाजिससे वे आसुरी शक्तियों का पराभव कर सके।

उन्होंने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति भी जब सत्य के मार्ग पर चलता हैतब चाहे असत्य कितना भी बलशाली और आसुरी होवह उसका नाश कर सकता है। इसलिए हमें प्रभु श्रीराम द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने संजोग सोसायटी के निवासियों को शुभकामनाएं दीं।

 




प्रभू श्रीरामांनी सांगितलेल्या मूल्यांची जोपासना करावी




 प्रभू श्रीरामांनी सांगितलेल्या मूल्यांची जोपासना करावी

-: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबईदि. 5 : प्रभू श्रीराम हे आपले राष्ट्रपुरुष असून ते मर्यादा पुरुषोत्तम आहेतजीवनाची मूल्ये काय असावीतयाचा सर्वोच्च बिंदू म्हणजे प्रभू श्रीरामांचे जीवन आहेप्रभू श्रीराम यांनी जी मूल्ये सांगितलेली आहेतत्या मूल्यांची जोपासना करावीअसे प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी केले.

मानखुर्द येथील संजोग देवस्थान प्राणप्रतिष्ठा आणि लोकार्पण कार्यक्रम प्रसंगी मुख्यमंत्री श्रीफडणवीस बोलत होतेयावेळी विधानपरिषदेचे सदस्य प्रवीण दरेकरदैनिक तरुण भारतचे संपादक किरण शेलारसंजोग सोसायटीचे अध्यक्ष नवनाथ बन यांच्यासह सोसायटीमधील रहिवासी व नागरिक मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस म्हणालेप्रभू श्रीरामांचे एकूण जीवन बघितले तर आपण त्यांना युगपुरुष म्हणतोएक युग प्रवर्तीत करण्याचे काम त्यांनी केले आहेप्रभू श्रीराम यांच्यामध्ये देवाचा अंश आपण मानतोमग ते देव होतेतर कदाचित रावणाशी चमत्काराने देखील लढू शकले असतेपण त्यांनी तसे न करता समाजातील लोकांना एकत्रित करून त्यांच्यामध्ये विजयी वृत्ती तयार केलीजेणेकरून त्यांचा अभिमानआत्माभिमान जागृत झाला  त्यामुळे आसुरी शक्तीला परास्त करू शकले. सामान्य माणूस देखील ज्यावेळेस सत्याच्या मार्गाने चालतोत्यावेळी असत्य कितीही मोठे व आसुरी असलेतरी त्या आसुरी शक्तीचा निपात तो करू शकतोत्यामुळे प्रभू श्रीराम यांनी दाखवलेल्या सत्याच्या मार्गावर चालण्याचा आपण प्रयत्न करावा, असे सांगून संजोग सोसायटीच्या रहिवाश्यांना मुख्यमंत्री यांनी  शुभेच्छा दिल्या.

 

तुळजापूरच्या विकास आराखड्यासंदर्भात उच्चस्तरीय समितीची बैठक*

 विकास आराखड्यासंदर्भात उच्चस्तरीय समितीची बैठक*

तुळजापूर पुनर्विकास आराखड्यामुळे मंदिर परिसराच्या विकासाबरोबरच संपूर्ण धाराशिव जिल्ह्यातील धार्मिक पर्यटनाला गती मिळेल. तुळजापूर-पंढरपूर-अक्कलकोट-गाणगापूर धार्मिक कॉरिडॉर उभारल्यास भाविकांना अधिक चांगल्या सोयी उपलब्ध होतील आणि या तीर्थस्थळांना राष्ट्रीय तसेच आंतरराष्ट्रीय स्तरावर महत्त्व मिळेलअसेही उपसभापती डॉ. नीलम गोऱ्हे यांनी नमूद केले.

आमदार राणा जगजितसिंह पाटील यांनी विकास आराखड्याची माहिती देताना सांगितले कीमुख्य सचिवांच्या अध्यक्षतेखालील उच्चस्तरीय समितीमध्ये या आराखड्याचे सादरीकरण झाले असूनलवकरच मुख्यमंत्री यांच्या अध्यक्षतेखाली बैठक होईल. स्थानिक नागरिक आणि पुजारी मंडळाच्या सहकार्याने हा आराखडा प्रभावीपणे राबविण्यात येणार असल्याचे त्यांनी स्पष्ट केले.

*पुरातत्व विभागाच्यावतीने विकासकामांना गती*

तुळजापूर मंदिर परिसराच्या संवर्धनासाठी ५८ कोटी ११ लाख रुपयांची विकासकामे सुरू असल्याचे पुरातत्व विभागाचे संचालक डॉ. तेजस गर्गे यांनी सांगितले. पुढील टप्प्यात मंदिर परिसरातील अनधिकृत बांधकामे हटवूनकुंडांचे सौंदर्यीकरण आणि मंदिर संवर्धनाची कामे करण्यात येणार आहेत.

तुळजापूर मंदिर व परिसराच्या पुनर्विकासासाठी ३५० कोटी रुपये भूसंपादनासाठी लागणार आहेत. नवरात्र आणि कोजागिरी पौर्णिमेनंतर प्रत्यक्ष कामाला सुरुवात होईल आणि दोन वर्षांत संपूर्ण विकास आराखड्याची पूर्तता होईलअशी माहिती बैठकीत देण्यात आली.

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