संघर्ष से निकले युवा समाज के रोल मॉडल बनें
“हम जो कुछ भी प्राप्त करते हैं, वह समाज द्वारा बनाई गई व्यवस्था से संभव होता है — विद्यालय, संस्थाएँ, शासन और उद्योग सब मिलकर हमें अवसर देते हैं। इसलिए समाज को कुछ लौटाना हमारा कर्तव्य है। संघर्ष से आगे बढ़े ये युवा समाज में रोल मॉडल बनें, मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा। “जहां पहुँचे हैं, वहीं न रुकें। आपका संघर्ष समाजसेवा की प्रेरणा बने। स्थिरता के बाद भी समाज के लिए कुछ करने की भावना बनाए रखें।”मनुष्य का कार्य ही उसे अमर बनाता है। कार्य के माध्यम से ही व्यक्ति जीवित रहता है। अपना कार्य ही अपनी पहचान बनाएं,” कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवाओं का मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा सत्कार भी किया गया।
इस अवसर पर विनायक विश्वकर्मा नामक युवक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावनात्मक कविता प्रस्तुत की:
“आज कुछ लेने नहीं, देने आया हूँ सर,
आपने आरक्षण दिया, गरीबी से ऊपर आया हूँ,
आप मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के,
पर हम आपको ‘देवा भाऊ’ ही कहेंगे।” से निकले युवा समाज के रोल मॉडल बनें
“हम जो कुछ भी प्राप्त करते हैं, वह समाज द्वारा बनाई गई व्यवस्था से संभव होता है — विद्यालय, संस्थाएँ, शासन और उद्योग सब मिलकर हमें अवसर देते हैं। इसलिए समाज को कुछ लौटाना हमारा कर्तव्य है। संघर्ष से आगे बढ़े ये युवा समाज में रोल मॉडल बनें, मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा। “जहां पहुँचे हैं, वहीं न रुकें। आपका संघर्ष समाजसेवा की प्रेरणा बने। स्थिरता के बाद भी समाज के लिए कुछ करने की भावना बनाए रखें।”मनुष्य का कार्य ही उसे अमर बनाता है। कार्य के माध्यम से ही व्यक्ति जीवित रहता है। अपना कार्य ही अपनी पहचान बनाएं,” कार्यक्रम में उपस्थित सभी युवाओं का मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा सत्कार भी किया गया।
इस अवसर पर विनायक विश्वकर्मा नामक युवक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावनात्मक कविता प्रस्तुत की:
“आज कुछ लेने नहीं, देने आया हूँ सर,
आपने आरक्षण दिया, गरीबी से ऊपर आया हूँ,
आप मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के,
पर हम आपको ‘देवा भाऊ’ ही कहेंगे।”
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