Saturday, 5 July 2025

भारत की जीडीपी में एमएसएमई विभाग का महत्वपूर्ण योगदान

 भारत की जीडीपी में एमएसएमई विभाग का महत्वपूर्ण योगदान

– केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

मुंबई, 4 जुलाई : भारत विश्व की चौथी विकसित अर्थव्यवस्था है। देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सूक्ष्मलघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र का 30.1 टक्केउत्पादन क्षेत्र का 35.4 टक्के और वस्तुओं के निर्यात में 45.73 टक्के योगदान है। वर्ष 2029 तक भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। यह जानकारी केंद्रीय सूक्ष्मलघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी।

केंद्रीय मंत्री श्री मांझी ने बताया कि एमएसएमई विभाग बड़े उद्योगों की तुलना में कम निवेश वाले उद्यमियों को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह विभाग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के नवउद्यमियों को प्रशिक्षण देकरबैंक गारंटी दिलाकर ऋण प्राप्त कराने का कार्य कर रहा है। इस वर्ष खादी एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार और बिक्री कर 170 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया गया है।

एमएसएमई विभाग के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे नवउद्यमियों का पंजीकरण उद्यम पोर्टल’ पर किया जा रहा है। उद्यम असिस्ट’ के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षणबैंक ऋण और व्यवसाय शुरू करने में सहायता दी जा रही है। अब तक देश के 34 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध

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