कृषि महामंडल के 22 हजार कर्मचारियों को म्हाडा से घर मिलेगा;
500करोड़ रुपये की आय प्राप्ति का लक्ष्य
मुंबई, 26 अप्रैल: कृषि महामंडल के लगभग 22 हजार कर्मचारियों ने महामंडल को विकसित करने में अपना योगदान दिया है। उनके काम की सराहना करते हुए उन्हें रहने के लिए उचित आवास म्हाडा के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्णय राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने लिया है।
महाराष्ट्र राज्य कृषि महामंडल के निदेशक मंडल की 327 वीं बैठक मंत्रालय में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के कक्ष में आयोजित की गई थी। बैठक में राजस्व राज्य मंत्री योगेश कदम, महाराष्ट्र राज्य कृषि महामंडल के अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा कि कृषि महामंडल के 14 शेतमलों (कृषि फार्म) पर 2966 आवास हैं। इनमें से 1786 आवासों को रहने के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया है। इस कारण यह आवास खाली करने का प्रस्ताव महामंडल ने बैठक के लिए रखा था। इस पर चर्चा करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कृषि महामंडल के सभी लगभग 22 हजार कर्मचारियों को म्हाडा के माध्यम से अच्छे आवास उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जैसे मिल मजदूरों को अच्छे घर मिलते हैं, वैसे ही इन कर्मचारियों को भी अच्छे घर मिलना चाहिए। इस पर राजस्व राज्य मंत्री योगेश कदम ने भी समर्थन दिया।
महाराष्ट्र राज्य कृषि महामंडल को आय बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य बैठक में निर्धारित किया गया है। महामंडल के पास लगभग 30 हजार एकड़ भूमि है, उस पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए राजस्व मंत्री ने निर्देश दिए। इसके साथ ही कृषि निगम की किसी भी भूमि को निःशुल्क उपयोग हेतु उपलब्ध न कराने का निर्णय भी लिया गया।
कृषि महामंडल के फार्म पर सेवानिवृत्त, इस्तीफा देनेवाले और मृतक कर्मचारियों को बोनस वितरण की मंजूरी दी गई। साथ ही कृषि महामंडल की जमीन पर संयुक्त कृषि पद्धति से फसल योजना लागू करने के लिए बिजली और सौर पंप की कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा सौर ऊर्जा परियोजना के लिए ऊर्जा विभाग की मौजूदा पट्टे प्रणाली के तहत भूमि देने के लिए बैठक में निर्देश दिए गए। इसके अलावा, कई अन्य निर्णय भी बैठक में मंजूर किए गए।
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