Tuesday, 8 November 2022

सुदिन

 *वक्त,*

*ख्वाहिशें,*

*सपने...।*

*हाथ में बंधी घङी की,*

*तरह होते हैं...।*


*जिसे हम उतार कर,*

*रख भी दें तो भी,*

*उनका चलना रुकता नहीं...।*


   *🌞🌺🌸 सुदिनम् 🌸🌺🌞*

🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁

   *🍁•┈✤शुभ सकाळ✤┈•🍁*

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