Monday, 7 October 2024

नई दिल्ली में वामपंथी विचारधारा से प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा, विकास को लेकर हुई पर समीक्षा बैठक माओवादियों की सप्लाई चेन तोड़ने में महाराष्ट्र को मिली है बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

 नई दिल्ली में वामपंथी विचारधारा से प्रभावित क्षेत्रों की

सुरक्षाविकास को लेकर हुई पर समीक्षा बैठक

माओवादियों की सप्लाई चेन तोड़ने में

महाराष्ट्र को मिली है बड़ी सफलता: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कबुनियादी सुविधाओंइंटरनेटउद्योगस्वास्थ्य और

शिक्षा क्षेत्र में प्रभावी विकास काम

 

नई दिल्लीदिनांक: 07 अक्टूबर:- राज्य में वामपंथी नक्सली कार्रवाइयों का मुकाबला करने के लिए और इसके साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों का विश्वास जीतने के लिए स्वास्थ्यशिक्षा और रोजगार योजनाओं को सफलतापूर्वक महाराष्ट्र सरकार ने लागू किया है। महाराष्ट्र ने माओवादियों की सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है और पहली बार उत्तरी गडचिरोली को सशस्त्र (हथियारबंद) माओवादियों से मुक्त करा लिया गया है। इसके परिणामस्वरुप इस क्षेत्र में भय और आतंक पर काबू पा लिया गया हैउक्त बातें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज कहीं हैं।

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वामपंथी विचारधारा से प्रभावित वाले क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी। इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि वर्ष 2014 से वर्ष 2024 तक के इन दस सालों में राज्य में माओवाद विरोधी अभियान अधिक तीव्र रहा है। वर्ष 2013 में सशस्त्र माओवादी कैडर की संख्या 550 थी। वर्ष 2024 में अब यह घटकर महज 56 रह गई है। पिछले छह वर्षों में 96 सशस्त्र माओवादी मारे गए161 पकड़े गए और 70 लोगों ने आत्मसमर्पण किया।

मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने माओवादियों की सप्लाई चेन को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है और पहली बार उत्तरी गडचिरोली को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त कराया गया है। अबुझमाड से एमएमसी जोन तक माओवादियों की विस्तार योजना को भी बड़ा झटका लगा है। इस कार्यकाल में एक भी व्यक्ति की माओवादी संगठन में नई भर्ती नहीं हुई है। सुरक्षा बलों का एक भी सदस्य शहीद नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले अबुझमाड से सटे भामरागड इलाके के कुल 19 गांवों ने माओवादियों के गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह हमारी विकास नीति की बड़ी सफलता है।

इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र सरकार माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की नीतियों का पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने के लिए स्वास्थ्यशिक्षा और रोजगार योजनाओं को लागू करके और वामपंथी नक्सली कार्रवाइयों का मुकाबला करके इस क्षेत्र में भय और आतंक को नियंत्रित करने में सफलता मिल रही हैं।

    गर्देवाडा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पहली बार एसटी बस सेवा शुरू हुई है। कुछ महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में गडचिरोली जिला में 71.88 फीसदी मतदान हुआ था। इसके साथ मतदान के मामले में गडचिरोली पूरे महाराष्ट्र में शीर्ष स्थान पर था। माओवादियों ने बड़े पैमाने पर बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों से मतदान न करने की अपील की थी। लेकिन लोगों ने उनके अपील को खारिज करते हुए बैनर-पोस्टर फाड़क जला दिए तथा लोकतंत्र में अपना विश्वास व्यक्त कियाऐसा भी इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा।

नक्सल प्रभावित भागों में सड़कबुनियादी सुविधाओं (इन्फ्रास्ट्रक्चर)इंटरनेट नेटवर्कउद्योगस्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावशाली विकास काम हुए हैं। गडचिरोली जिले के कोनसरी में लॉयड मेटल्स लिमिटेड के साथ 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सूरजागड इस्पात लिमिटेड 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से अहेरी तहसील में एकीकृत इस्पात प्लांट (संयंत्र) स्थापित करने जा रहा है। इसके कारण सात हजार स्थानीय लोगों को और भी रोजगार मिलेगा। सूरजगड खदान 10 मिलियन टन की वार्षिक क्षमता के साथ चालू है।

मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में छह और लौह अयस्क खदानों की नीलामी की है। आदिवासी युवाओं के बीच कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से गडचिरोलीमें अनुसंधान (रिसर्च)नवाचार (इनोवेशन) और प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र शुरू किया गया है। इसका उद्घाटन पिछले साल नवंबर में किया गया था। यह केंद्र प्रति वर्ष 4800 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

महाराष्ट्र को सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत वित्तीय सहायता और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अधिक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। नक्सल विरोधी अभियानों में महाराष्ट्र पुलिस के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और इन जिलों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती करने और नए पदों की आवश्यकता है। महाराष्ट्र को हमेशा से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सहयोग और स्पोर्ट (समर्थन) मिला है। इसी तरह से सहयोग आगे भी जारी रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक पूरे देश से माओवाद को खत्म करने की शपथ ली हैइसे पूरा करने में महाराष्ट्र का भी समर्थन मिलेगाऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा है।

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Review Meeting on Security and Development of

Left-Wing Extremism Affected Areas Held in New Delhi

Maharashtra Achieves Significant Success in

Disrupting Maoist Supply Chain: Chief Minister Eknath Shinde

Effective Development in Roads, Infrastructure, Internet, Industry, Health, and Education in Naxal-Affected Areas

 

          New Delhi, Oct 7: The Maharashtra government has successfully implemented health, education, and employment schemes to combat left-wing extremist (Naxal) activities in the state and gain the trust of local residents in Naxal-affected areas. Maharashtra has achieved significant success in breaking the Maoists’ supply chain, and for the first time, Northern Gadchiroli has been freed from armed Maoists, said Chief Minister Eknath Shinde today.

          A review meeting on the security and development of Left-Wing Extremism (LWE) affected areas was held in New Delhi under the chairmanship of Union Home Minister Amit Shah. During the meeting, Chief Minister Shinde provided details of the actions taken by the Maharashtra government to curb Naxalism. Between 2014 and 2024, anti-Maoist campaigns intensified in the state. The number of armed Maoist cadres, which was 550 in 2013, has reduced to just 56 in 2024. Over the past six years, 96 armed Maoists have been killed, 161 have been arrested, and 70 have surrendered, Chief Minister Shinde said.

          The Chief Minister added that Maharashtra has achieved significant success in disrupting the Maoist supply chain, and Northern Gadchiroli has been freed from armed Maoists for the first time. The Maoist expansion plans from Abujhmad to the MMC zone have also been dealt a significant blow. During this period, no new recruitments have been made to the Maoist organisations, and no security personnel have been martyred. In a major development, 19 villages in the Bhamragad area near Abujhmad, once a Maoist stronghold, have banned Maoists from entering their villages, a significant achievement of the government’s development policies, Mr Shinde said.

          The Maharashtra government will fully support the policies of the central government and neighboring state Chhattisgarh in the fight against Maoists, Mr Shinde assured. The Chief Minister emphasised that by implementing health, education, and employment schemes, the government has successfully countered left-wing extremist activities and curbed the fear and terror in these areas.

          For the first time, State Transport (ST) bus services have started in sensitive areas like Gardewada. In the recent Lok Sabha elections, Gadchiroli district recorded a 71.88% voter turnout, the highest in Maharashtra. Despite Maoist threats through banners and posters urging people not to vote, the public defied the calls, tore down the posters, and expressed their faith in democracy, Mr Shinde said.

          Mr Shinde added that significant development work has taken place in Naxal-affected areas in the fields of roads, infrastructure, internet networks, industries, health, and education. A Memorandum of Understanding (MoU) has been signed with Lloyd Metals Limited for an investment of Rs 20,000 crore in Konsari in Gadchiroli district, which will generate employment for around 10,000 people. Surajgad Ispat Limited is set to establish an integrated steel plant in Aheri tehsil with an investment of Rs 10,000 crore, providing jobs to an additional 7,000 locals. The Surajgad mine is operational with an annual capacity of 10 million tons.

          To boost investment and employment in Naxal-affected areas, the state government has auctioned six more iron ore mines. To promote skill development among tribal youth, a state-of-the-art center for research, innovation, and training has been established in Gadchiroli in collaboration with Tata Technologies. This center, inaugurated in November last year, will train 4,800 students annually, the Chief Minister informed.

          Maharashtra needs financial assistance under the Security Related Expenditure (SRE) scheme and support for establishing more Eklavya Model Residential Schools (EMRS) in Naxal-affected areas. Special training programs for Maharashtra Police involved in anti-Naxal operations and the deployment of additional Central Armed Police Forces (CAPF) in these districts are required. Maharashtra Chief Minister Eknath Shinde expressed confidence that the state will continue to receive unwavering support and cooperation from Prime Minister Narendra Modi and Union Home Minister Amit Shah. He emphasised that this ongoing partnership has been a key factor in the state's progress and will remain crucial for its future development. He also noted that Shah has vowed to eradicate Maoism from the country by March 2026, and Maharashtra will support this mission.

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डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर कृषी स्वावलंबन योजनेचे आर्थिक निकष वाढवले, अधिकाधिक शेतकऱ्यांना लाभ

 डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर कृषी स्वावलंबन योजनेचे

आर्थिक निकष वाढवले, अधिकाधिक शेतकऱ्यांना लाभ

अनुसूचित जाती व नवबौद्ध शेतकऱ्यांसाठी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कृषी स्वावलंबन योजनेचे आर्थिक निकष वाढवून अधिकाधिक शेतकऱ्यांना लाभ देण्याचा निर्णय नुकत्याच झालेल्या मंत्रिमंडळ बैठकीत घेण्यात आला आहे. या योजनेचा जास्तीत-जास्त शेतकऱ्यांनी लाभ घ्यावायासाठी या योजनेची माहिती देणारा हा लेख

नवीन  सिंचन विहीरीसाठी चार लाख रुपये अनुदान मर्यादा आहे.जुनी विहीर दुरूस्तीसाठी एक लाख रुपये अनुदान मर्यादा आहे. शेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरणासाठी अनुदान मर्यादा प्रचलित आर्थिक मापदंड व शेततळ्याचे आकारमानानुसार परिगणित होणाऱ्या रकमेच्या किंवा प्रत्यक्ष खर्चाच्या 90% किंवा रू.2 लाख यापैकी जे कमी असेल ते. इनवेल बोअरिंगसाठी चाळीस हजार रुपये अनुदान मर्यादा आहे.वीज जोडणी आकार 20,000 किंवा प्रत्यक्ष भरलेला आकार यापैकी जे कमी असेल ते. विद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिन (नवीन बाब) साठी 10 अश्वशक्ती क्षमतेपर्यंत पंपसंचाकरिता प्रचलित आर्थिक मापदंडाच्या किंवा प्रत्यक्ष होणाऱ्या खर्चाच्या 90% किंवा रू. 40,000 यापैकी जे कमी असेल ते. सोलार पंप (वीज जोडणी आकार व पंपसंच ऐवजी) प्रचलित आर्थिक मापदंडाच्या किंवा प्रत्यक्ष होणाऱ्या खर्चाच्या 90% किंवा रू. 50,000 यापैकी जे कमी असेल ते. एचडीपीई/ पीव्हीसी पाईप (नवीन बाब) प्रचलित आर्थिक मापदंडाच्या किंवा प्रत्यक्ष होणाऱ्या खर्चाच्या 100% किंवा रू. 50,000 यापैकी जे कमी असेल ते.

            सुक्ष्म सिंचन संच मध्ये तुषार सिंचन संचासाठी प्रचलित आर्थिक मापदंडाच्या किंवा प्रत्यक्ष खर्चाच्या 90% किंवा रू.47,000/- अनुदान यापैकी जे कमी असेल ती अनुदान मर्यादा आहे. ठिबक सिंचन संचासाठी प्रचलित आर्थिक मापदंडाच्या किंवा प्रत्यक्ष खर्चाच्या 90% किंवा रू.97,000/- अनुदान यापैकी जे कमी असेल ते. तुषार सिंचन संच पुरक अनुदान प्रति थेंब अधिक पीक योजनेंतर्गत (1) अल्प /अत्यल्प भूधारकांसाठी 55% + मुख्यमंत्री शाश्वत सिंचन योजनेतून 25% + डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजनेतून 10% तसेच  (2) बहू भूधारकांसाठी 45% + मुख्यमंत्री शाश्वत सिंचन योजनेतून 30% + डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजनेतून 15% किंवा रू.  47,000/- यापैकी जे कमी असेल ते (एकूण 90% अनुदान मर्यादेत).ठिबक सिंचन संच पुरक अनुदान प्रति थेंब अधिक पीक योजनेंतर्गत (1) अल्प /अत्यल्प भूधारकांसाठी 55% + मुख्यमंत्री शाश्वत सिंचन योजनेतून 25% + डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजनेतून 10% तसेच (2) बहू भूधारकांसाठी 45% + मुख्यमंत्री शाश्वत सिंचन योजनेतून 30% + डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजनेतून 15% किंवा रू.  97,000/- यापैकी जे कमी असेल ते (एकूण 90% अनुदान मर्यादेत). यंत्रसामुग्री (बैलचलित/ ट्रॅक्टर चलित अवजारे)(नवीन बाब) 50,000 रुपये आणि परसबाग (नवीन बाब) 5,000 रुपये असे आहे.

            या योजनेच्या प्रभावी अंमलबजावणीसाठी पुढीलप्रमाणे सुधारणा करण्यास मान्यता देण्यात आली आहे.नवीन विहीरीबाबत रू. 4 लाख अनुदान मर्यादेपर्यंत विहीरीची खोली असावी, 12 मीटर खोलीची अट रद्द करण्यात  आली आहे. महाराष्ट्र भूजल (पिण्याच्या पाण्यासाठी विनियमन) अधिनियम 1993 च्या कलम 3 नुसार अस्तित्वातील पेयजल स्त्रोताच्या 500 मीटर परिसरात नवीन विहिर घेण्यास प्रतिबंध घालण्यात आलेले आहेत. त्यामुळे अस्तित्वातील पेयजल स्त्रोताच्या 500 मीटर परिसरात सिंचन विहिर अनुज्ञेय करु नयेयास मान्यता देण्यात आली आहे. दोन सिंचन विहिरींमधील 500 फूट अंतराची अट रद्द करण्यात  आली आहे.नवीन विहीर या घटकाचा लाभ घेतलेल्या लाभार्थ्यास 20 वर्षानंतर जुनी विहीर दुरुस्ती या घटकाचा लाभ देण्यात यावा.

            शेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरण या घटकाचा लाभ मागेल त्याला शेततळे या योजनेबरोबरच इतर योजनेंतर्गत शेततळ्याचा लाभ घेण्यात आलेल्या तसेच स्वखर्चाने शेततळे केलेल्या शेतक-यांना देखील देण्याची तरतूद अनुज्ञेय करण्यात यावीयास मान्यता देण्यात आली आहे. लाभार्थ्याकडे जर काही घटक उपलब्ध असतील तर उर्वरीत आवश्यक घटकांचा लाभ विहीत मर्यादेत देण्यास मान्यता देण्यात आली आहे. (उदा. विहीर असल्यास वीज जोडणीसूक्ष्म सिंचन संचविहीर व पंपसंच असल्यास सूक्ष्म सिंचन संच इ.) उपरोक्त घटकांचा लाभ घेतल्यानंतरही लाभार्थ्यांने इनवेल बोअरींग व परसबाग या घटकांची मागणी केल्यास विहीत मर्यादेत सदर घटकांचा अतिरिक्त लाभ देण्यास मान्यता देण्यात आली आहे. नवीन विहीरजुनी विहीर दुरुस्तीशेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरण किंवा पाण्याचा स्रोत उपलब्ध असणाऱ्या लाभार्थ्याची या योजनेंतर्गत एखाद्या घटकासाठी निवड झाल्यास त्यास सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभागामार्फत राबविण्यात येणाऱ्या योजनेतून प्राथम्यक्रमाने पंपसंच मंजूर करण्यात येईल.

            विशेष घटक योजनेंतर्गत निवड झालेल्या लाभार्थ्यास पंपसंच देणे आवश्यक असल्यासपंपसंचाचा प्रस्तावकृषी विकास अधिकारी यांनी सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभागाची पंपसंचाची योजना राबविणाऱ्या यंत्रणेकडे पाठवून प्राथम्य क्रमाने पंपसंच मंजूर करून घेण्याची कार्यवाही करण्यास मान्यता देण्यात आली आहे. लाभार्थ्यास महावितरण कंपनीकडून सोलर पंप मंजूर झाला असेल तरपंपसंच व वीज जोडणीसाठी अनुज्ञेय अनुदानाच्या मर्यादेत (रु.50,०००) लाभार्थी हिस्सा सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभागाकडून राबविल्या जाणाऱ्या योजनेतून महावितरण कंपनीकडे भरण्यात येईल.

            त्याचप्रमाणे या योजनेंतर्गत लाभार्थ्यास अ) नवीन विहीरआ) जुनी विहीर दुरुस्तीइ) शेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरण यापैकी एकाच घटकाचा व त्यासोबतच्या पॅकेजचा लाभ देय राहीलयास मान्यता देण्यात आली आहे.

            अ) नवीन विहीर या घटकाचा लाभ घेणाऱ्या लाभार्थ्यास नवीन विहीरइनवेल बोअरिंगवीज जोडणी आकारविद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिनसोलर पंप (वीज जोडणी व पंपसंच ऐवजी)एचडीपीई/ पीव्हीसी पाईपसूक्ष्म सिंचन संचयंत्रसामुग्रीपरसबाग या घटकांसह एकूण रु. 6,42,००० किंवा रु. 6,92,००० एवढ्या मर्यादेत अनुदान देण्यात येईल. (विहीर- रु.4,००,०००+ इनवेल बोअरिंग-रु.40,000 + वीज जोडणी आकार-रु.20,000 + विद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिन- रु. 40,000 किंवा सोलर पंप (वीज जोडणी व पंपसंच ऐवजी)- रु.50,000 + एचडीपीई/पीव्हीसी पाईप- रु. 50,000 + तुषार सिंचन संच रु. 47,000/ठिबक सिंचन संच रु. 97,000 + यंत्रसामुग्री- रु.50,000+ परसबाग रु.5,000 = रु. 6,42,000/ किंवा रु. 6,92,000).

आ) जुनी विहीर दुरुस्ती या घटकाचा लाभ घेणाऱ्या लाभार्थ्यास जुनी विहीर दुरुस्तीइनवेल बोअरिंगवीज जोडणी आकारविद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिनसोलर पंप (वीज जोडणी व पंपसंच ऐवजी)एचडीपीई/पीव्हीसी पाईपसूक्ष्म सिंचन संचयंत्रसामुग्रीपरसबाग या घटकांसह एकूण रु. 3,42,000/किंवा

रु. 3,92,००० एवढ्या मर्यादेत अनुदान देण्यात येईल. (जूनी विहीर दुरुस्ती- रु.1,00,000+ इनवेल बोअरिंग-रु.40,000 + वीज जोडणी आकार-रु.20,000 + विद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिन- रु. 40,000 किंवा सोलर पंप (वीज जोडणी व पंपसंच ऐवजी)- रु.50,000 + एचडीपीई/पीव्हीसी पाईप- रु. 50,000 + तुषार सिंचन संच रु. 47,000/ठिबक सिंचन संच रु. 97,000 + यंत्रसामुग्री- रु.50,000+ परसबाग रु.5,000 = रु. 3,42,000/

किंवा रु. 3,92,000).

इ) शेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरण या घटकाचा लाभ घेणाऱ्या लाभार्थ्यास शेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरणवीज जोडणी आकारविद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिनसोलर पंप (वीज जोडणी व पंपसंच ऐवजी)एचडीपीई/पीव्हीसी पाईपसूक्ष्म सिंचन संचयंत्रसामुग्रीपरसबाग या घटकांसह एकूण रु. 4,02,000/किंवा रु. 4,52,000 एवढ्या मर्यादेत अनुदान देण्यात येईल. (शेततळ्याचे प्लॅस्टिक अस्तरीकरण - रु.2,00,000 + वीज जोडणी आकार-रु.20,000 + विद्युत पंपसंच/डिझेल इंजिन- रु. 40,000 किंवा सोलर पंप (वीज जोडणी व पंपसंच ऐवजी)- रु.50,000 + एचडीपीई/पीव्हीसी पाईप- रु. 50,000 + तुषार सिंचन संच रु. 47,000/ठिबक सिंचन संच रु. 97,000 + यंत्रसामुग्री- रु.50,000+ परसबाग रु.5,000 = रु. 4,02,000/ किंवा रु. 4,52,000).

डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजनेचा लाभ घेण्यासाठी लाभार्थी पात्रतेच्या अटी पुढीलप्रमाणे राहतील. लाभार्थी हा अनुसूचित जाती व नवबौध्द शेतकरी असला पाहिजे. शेतकऱ्याकडे सक्षम प्राधिकाऱ्याने दिलेले जात प्रमाणपत्र असणे आवश्यक आहे.शेतकऱ्याच्या नावे जमिन धारणेचा ७/१२ दाखला८-अ चा उतारा असणे आवश्यक आहे. लाभार्थ्याकडे आधार कार्ड असणे आवश्यक आहे. लाभार्थ्याचे बँक खाते असणे व हे बँक खाते आधार कार्डशी संलग्न असणे आवश्यक आहे. दारिद्रय रेषेखालील लाभार्थ्यास प्रथम प्राधान्य राहील.

            या योजनेच्या लाभार्थ्यांसाठी लागू असलेली रु.१,५०,००० वार्षिक उत्पन्न मर्यादेची अट रद्द करण्यात येत आहे. लाभार्थी शेतकऱ्याकडे किमान ०.४० हेक्टर व कमाल ६ हेक्टर एवढी शेत जमीन असणे आवश्यक असेल. मात्रलाभार्थ्यांची जमीन दुर्गम भागात व विखंडीत असल्याने ०.४० हे. पेक्षा कमी जमीन धारणा असलेले दोन किंवा अधिक लाभार्थी एकत्र आल्यास त्यांची एकत्रित जमीन किमान ०.४० हे. इतकी होत असल्यास त्यांनी करार लिहून दिल्यास त्यांना योजनेचा लाभ अनुज्ञेय राहील. त्याचप्रमाणे दारिद्रय रेषेखालील लाभार्थ्यांना कमाल ६.० हे. धारणक्षेत्राची अट लागू असणार नाही. एकदा संबंधित योजनेचा पूर्ण लाभ घेतल्यास पुढील पाच वर्ष त्याच लाभार्थ्यास किंवा कुटुंबास या योजनेचा लाभ देय होणार नाही.अशाच स्वरुपाच्या कृषी विषयक विकास योजनेकरता विशेष घटक योजनेतून तसेच केंद्र शासनाच्या एससीए (SCA) व घटनेच्या कलम २७५ (A) अंतर्गत उपलब्ध करुन दिलेल्या निधीतून राबविण्यात येणाऱ्या योजनेतून लाभ दिला असल्यास या योजनेंतर्गत देण्यात येणारा लाभ अनुज्ञेय असणार नाही. या योजनेचा लाभ घेतलेल्या लाभार्थ्यांच्या ७/१२ उताऱ्यावर त्याबाबतची नोंद घेण्यात येईल.

योजनेच्या अधिक माहितीसाठी सबंधित तालुका  कृषी  कार्यालयाशी संपर्क साधावा.

दत्तात्रय कोकरे,

विभागीय संपर्क अधिकारी,

माहिती व जनसंपर्क महासंचालनालय,

मंत्रालय, मुंबई

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नवी दिल्लीत डावी कडवी विचारसरणी प्रभावीत क्षेत्राची सुरक्षा, विकासाबाबत आढावा बैठक माओवाद्यांची पुरवठा साखळी तोडण्यात महाराष्ट्राला

 नवी दिल्लीत डावी कडवी विचारसरणी प्रभावीत क्षेत्राची सुरक्षाविकासाबाबत आढावा बैठक

माओवाद्यांची पुरवठा साखळी तोडण्यात महाराष्ट्राला मोठे यश : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

नक्षलग्रस्त भागात रस्तेपायाभूत सुविधाइंटरनेटउद्योगआरोग्य आणि

शिक्षण क्षेत्रांत प्रभावी विकास कामे

 

          नवी दिल्लीदि. 7 : राज्यात डाव्या विचारसरणीच्या नक्षलवादी कारवायांना तोंड देण्यासाठी तसेच नक्षलग्रस्त भागातील स्थानिक रहिवाशांचा विश्वास जिंकण्यासाठी आरोग्यशिक्षण आणि रोजगाराच्या योजनांची यशस्वी अंमलबजावणी महाराष्ट्र शासनाने केली आहे. माओवाद्यांची पुरवठा साखळी तोडण्यात महाराष्ट्राने मोठे यश मिळवले असून प्रथमच उत्तर गडचिरोली सशस्त्र माओवाद्यांपासून मुक्त झाले आहे. त्यामुळे याभागात भीती आणि दहशतीवर मात केल्याचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांनी आज सांगितले.

          नवी दिल्ली येथे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यांच्या अध्यक्षतेखाली डावी कडवी विचारसरणी प्रभावीत क्षेत्राच्या सुरक्षा व विकासाबाबत आढावा बैठक झाली. यावेळी  नक्षलवादाला आळा घालण्यासाठी महाराष्ट्र सरकारने केलेल्या कारवाईची माहिती यावेळी मुख्यमंत्र्यांनी दिली. राज्यात 2014 ते 2024 या दहा वर्षांत माओवादविरोधी अभियान अधिक तीव्र झाले आहे.  सशस्त्र माओवादी कॅडरची संख्या 2013 मध्ये 550 होतीती 2024 मध्ये अवघी 56 झाली आहे. गेल्या सहा वर्षात 96 सशस्त्र माओवादी मारले गेले, 161 पकडले गेले आणि 70 जणांनी आत्मसमर्पण केले,असे मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी यावेळी सांगितले.

          मुख्यमंत्री श्री. शिंदे म्हणाले की, माओवाद्यांची पुरवठा साखळी तोडण्यात महाराष्ट्राने शासनाने मोठे यश मिळवले असून प्रथमच उत्तर गडचिरोली सशस्त्र माओवाद्यांपासून मुक्त झाले आहे. अबुझमाड ते एमएमसी झोनपर्यंतच्या माओवाद्यांच्या विस्तार योजनेलाही मोठा धक्का बसला आहे. या कार्यकाळात एकाही व्यक्तीची माओवादी संघटनांमध्ये नव्याने भरती झालेली नाही. सुरक्षा दलाचा सदस्यही शहीद झाला नाही.  माओवाद्यांचा बालेकिल्ला मानल्या जाणाऱ्या अबुझमाडला लागून असलेल्या भामरागड परिसरातील एकूण 19 गावांनी माओवाद्यांना गावात येण्यास बंदी घातली आहे. हे आमच्या विकास धोरणाचे मोठे यश असल्याचेही त्यांनी सांगितले.

          माओवाद्यांविरुद्धच्या कारवाईत केंद्र सरकार आणि शेजारील राज्य छत्तीसगड यांच्या धोरणांना महाराष्ट्र शासनाचा संपूर्ण पाठिंबा असेलअशी ग्वाही देतानाच स्थानिकांचा विश्वास जिंकण्यासाठी आरोग्यशिक्षण आणि रोजगार योजना राबवून डाव्या विचारसरणीच्या नक्षलवादी कारवायांचा सामना करून याभागातील भीतीदहशतीवर नियंत्रण ठेवण्यात यश मिळत असल्याचे मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी सांगितले.

          गर्देवाडा सारख्या संवेदनशील भागात प्रथमच एसटी बस सेवा सुरू झाली.  काही महिन्यांपूर्वी झालेल्या लोकसभा निवडणुकीत गडचिरोली जिल्हा 71.88 मतदान टक्केवारीसह संपूर्ण महाराष्ट्रात अव्वल होता. माओवाद्यांनी मोठ्या प्रमाणावर बॅनर आणि पोस्टर्सद्वारे लोकांना मतदान न करण्याचे आवाहन केले होते. पण ते नाकारून लोकांनी बॅनर आणि पोस्टर्स फाडून ते जाळले आणि लोकशाहीवर आपला विश्वास व्यक्त केल्याचे मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी यावेळी सांगितले.

          नक्षलग्रस्त भागात रस्ते, पायाभूत सुविधाइंटरनेट नेटवर्कउद्योगआरोग्य आणि शिक्षण या क्षेत्रांमध्ये प्रभावी विकास कामे झाली आहेत. गडचिरोली जिल्ह्यातील कोनसरी येथे 20 हजार कोटी रुपयांच्या गुंतवणुकीसह लॉयड मेटल्स लिमिटेडसोबत सामंजस्य करार करण्यात आला आहे. यामुळे सुमारे 10 हजार लोकांना रोजगार मिळणार आहे. सूरजागड इस्पात लिमिटेड 10 हजार कोटी रुपये खर्चून अहेरी तहसीलमध्ये एकात्मिक स्टील प्लांटची स्थापना करणार आहे. यामुळे आणखी सात हजार स्थानिक लोकांना रोजगार मिळेल. सूरजगड खाण 10 दशलक्ष टन वार्षिक क्षमतेसह कार्यरत आहे.

          नक्षलग्रस्त भागात राज्य शासनाने गुंतवणूक आणि रोजगाराला चालना देण्यासाठी आणखी सहा लोह खाणींचा लिलाव केला आहे. आदिवासी तरुणांमधील कौशल्य विकासाला चालना मिळण्यासाठी टाटा टेक्नॉलॉजीच्या सहकार्याने गडचिरोलीमध्ये संशोधननवोपक्रम आणि प्रशिक्षण यासाठी एक अत्याधुनिक केंद्र सुरू करण्यात आले आहे. गेल्या वर्षी नोव्हेंबरमध्ये त्याचे उद्घाटन झाल्याचे मुख्यमंत्री श्री. शिंदे यांनी सांगितले. हे केंद्र वर्षाला 4800 विद्यार्थ्यांना प्रशिक्षण देणार आहे.

          महाराष्ट्राला सुरक्षा संबंधित खर्च (SRE) योजनेअंतर्गत आर्थिक सहाय्य आणि नक्षलग्रस्त भागात अधिक एकलव्य मॉडेल निवासी शाळा (EMRS) स्थापन करण्यासाठी आर्थिक सहाय्याची आवश्यकता आहे. नक्षलविरोधी कारवायांमध्ये महाराष्ट्र पोलिसांसाठी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आणि या जिल्ह्यांमध्ये केंद्रीय सशस्त्र पोलिस दल अतिरिक्त तैनात करणे आणि नवीन पदांची आवश्यकता आहे. महाराष्ट्राला पंतप्रधान नरेंद्र मोदी आणि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यांच्याकडून याकामी नेहमीच सहकार्य आणि पाठिंबा मिळत आहे. तो यापुढेही कायम राहीलकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यांनी मार्च 2026 पर्यंत संपूर्ण देशातून माओवाद संपवण्याची शपथ घेतली आहे, त्याला महाराष्ट्राची साथ असेल असेही मुख्यमंत्री यावेळी म्हणाले.

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अमरज्योत कौर अरोरा /वृ.क्र. 130,  दि.07.10.2024

महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगामार्फत १० ऑक्टोबर रोजी सुनावणी

 महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगामार्फत

१० ऑक्टोबर रोजी सुनावणी

 

          मुंबईदि. ७ : महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगामार्फत गुरुवार,  दि. १० ऑक्टोबर २०२४ रोजी सकाळी ११ वाजता महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोग, प्रशासकीय इमारत (डेअरी विभाग), पहिला मजला, अब्दुल गफारखान मार्ग, वरळी सी फेसमुंबई येथे सुनावणी होणार आहे. अनुसूचित जाती जमाती  प्रवर्गातील अर्जदारांच्या तक्रारींवर आयोगाचे उपाध्यक्ष धर्मपाल मेश्राम यांच्याकडे सुनावणी होणार आहे. संबंधित अर्जदार व संबंधित शासकीयनिमशासकीयजिल्हा परिषदमहानगरपालिका यांच्या बाबतीत तक्रारींच्या अनुषंगाने  सुनावण्यांचे आयोजन करण्यात आलेले आहेअसे महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगाचे सदस्य सचिव संजय कमलाकर यांनी कळविले आहे.

महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगाची बुधवारी बैठक

 महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगाची बुधवारी बैठक


 


           मुंबई, दि. ७ : महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती-जमाती आयोगाचे अध्यक्ष तथा माजी खासदार आनंदराव अडसूळ यांच्या अध्यक्षतेखाली बुधवार, ९ ऑक्टोबर २०२४ रोजी दुपारी १२ वाजता महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोग, प्रशासकीय इमारत (डेअरी विभाग), पहिला मजला, अब्दुल गफारखान मार्ग, वरळी सी फेस, मुंबई येथे बैठक आयोजित करण्यात आली आहे.


           या बैठकीस आयोगाचे उपाध्यक्ष धर्मपाल मेश्राम, सदस्य गोरक्ष लोखंडे, वैदेही वाढाण, सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभागाचे सचिव, आदिवासी विकास विभागाचे सचिव, पोलीस महासंचालक आदी उपस्थित असणार आहेत, असे महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाती जमाती आयोगाचे सदस्य सचिव संजय कमलाकर यांनी कळविले आहे.


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पाशा पटेल यांचा 'हरित नायक' पुरस्काराने सन्मान

 पाशा पटेल यांचा 'हरित नायकपुरस्काराने सन्मान

 

          मुंबई, दि. 7 : देशामधील बांबू आधारित  उत्पादकांना 'होमेथॉन-2024' व्यासपीठ देऊन पर्यावरण रक्षणासाठी बांबू लागवड आणि प्रक्रियेची चळवळ उभारणाऱ्या राज्य कृषी मूल्य आयोगाचे अध्यक्ष आणि मुख्यमंत्री पर्यावरण शाश्वत संतुलित विकास टास्क फोर्सचे कार्यकारी अध्यक्ष पाशा पटेल यांना यंदाचा 'हरित नायक' (Green Hero) पुरस्कार देऊन गौरवण्यात आले आहे.

          देशामध्ये वास्तु निर्माणाच्या क्षेत्रातील 'नरेडकोमहाराष्ट्राच्यावतीने होमेथॉन प्रॉपर्टी एक्स्पो 2024' या प्रदर्शनाचे आयोजन 4 ते 6 ऑक्टोबर 2024 दरम्यान मुंबईतील जिओ वर्ल्ड कन्वेशन सेंटर बीकेसी येथे करण्यात आले होते.

          काल झालेल्या पुरस्कार वितरण कार्यक्रमात नरेडकोचे उपाध्यक्ष राजन बांदेलकरनरेडको महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रशांत शर्मा आणि नरेडकोचे  सचिव राजेश दोशी उपस्थित होते.

          यावेळी बोलताना पाशा पटेल म्हणाले की, ' होमेथॉन प्रॉपर्टी एक्स्पो-2024' प्रदर्शनाच्या निमित्ताने पहिल्यांदाच बिल्डर आणि शेतकरी यांच्यात समन्वय झाला आहे. प्रॉपर्टी प्रदर्शनाच्या जोडीने बांबूआधारीत उत्पादने फर्निचर रिअल इस्टेट उद्योजक आणि ग्राहकांच्या पसंतीस पडले आहे.

           पाशा पटेल यांनी मानव जातीच्या रक्षणासाठी बांबू लागवड आणि बांबू आधारित उत्पादने वापरणे आवश्यक असल्याचे सांगितले. जवळपास बांधकाम क्षेत्राकडून 28% कार्बन उत्सर्जन होते. ‘घर बांधा पण झाड तोडू नका’ हे तत्व स्वीकारून यापुढील काळात सर्व बांधकाम क्षेत्रातील दरवाजे फर्निचरसह बांबूपासून बनवलेले फ्लोरिंग देखील वापरण्यावर बांधकाम व्यावसायिकांची सहमती झाली आहे.

          होमेथॉन एक्स्पो २०२४ चा प्रसार हा बॉलिवूड मधील प्रसिद्ध जोडी रितेश आणि जिनिलिया देशमुख यांनी केले होते. १००० हून अधिक असे महाराष्ट्रातील प्रथितयश व्यावसायिकांचे प्रकल्प सादर करण्यात आले. याशिवाय हे प्रकल्प परवडणाऱ्या घरांसह लक्झरी विभागात असून त्यांची किंमत रु १९ लाखांपासून ते रु ९ कोटींपर्यंतचे होते. या प्रदर्शनात काही सवलती जसे ‘नो स्टॅम्प ड्युटी’ किंवा रजिस्ट्रेशन चार्जेस सह प्रतिशय वित्तीय संस्थांकडून गृहकर्ज योजना सुध्दा सादर करण्यात आल्या. या एक्स्पोमध्ये मुंबई आणि एमएमआर रिजनसह ठाणेकल्याणनवी मुंबईपनवेलरायगडमिरारोडवसईविरार इत्यादीसह पुणेनाशिक आणि नागपूर येथील प्रकल्पही उपलब्ध आहेत.

सर्वस्पर्शी सरकार : दोन वर्ष महाराष्ट्राच्या सर्वांगीण विकासाची’ या प्रदर्शनाला मंत्री मंगल प्रभात लोढा यांची भेट

  

‘सर्वस्पर्शी सरकार : दोन वर्ष महाराष्ट्राच्या सर्वांगीण विकासाची’

या प्रदर्शनाला मंत्री मंगल प्रभात लोढा यांची भेट

 

          मुंबईदि. 7 : ‘सर्वस्पर्शी सरकार : दोन वर्ष महाराष्ट्राच्या सर्वांगीण विकासाची’ या शासनाच्या विविध योजनांची माहिती देणाऱ्या प्रदर्शनाला कौशल्य विकासरोजगारउद्योजकता व नाविन्यता मंत्री मंगल प्रभात लोढा यांनी भेट दिली.

          माहिती व जनसंपर्क विभागामार्फत गेल्या आठवड्यापासून सुरू असलेल्या प्रदर्शनाला यावेळी कौशल्य विकास विभागाचे सचिव गणेश पाटील, कौशल्य विकास आयुक्त प्रदीप डांगे यांनीही भेट दिली. यावेळी चित्रकार नरेंद्र बोरलेपवार उपस्थित होते.

          मंत्री श्री. लोढा यांनी प्रदर्शनात शासनाच्या विविध योजनांची माहिती घेतली तसेच कौशल्य विकास विभागाने गेल्या दोन वर्षात घेतलेल्या निर्णयांच्या दालनांबाबत समाधान व्यक्त केले. कौशल्य विकास विभागाच्या मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षणपुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर स्टार्टअप योजनाप्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल्य सन्मान योजनाआचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र योजनामहाराष्ट्र इंटरनॅशनलरोजगार मिळावेछत्रपती शाहू महाराज युवाशक्ती करिअर शिबिरमहाराष्ट्र राज्य नाविन्यपूर्ण स्टार्टअप धोरण 2018स्टार्टअप वीकराज्यात संत गाडगेबाबा स्वच्छता अकादमीच्या सहा ठिकाणी झालेल्या स्थापनेसह विविध महत्त्वपूर्ण निर्णयांची माहिती प्रदर्शनात लावली आहे अशी माहिती चित्रकार नरेंद्र बोरलेपवार यांनी मंत्री श्री. लोढा यांना दिली.

          राज्यात कौशल्य, रोजगार उद्योजकता व नाविन्यता विभागामार्फत अनेक महत्त्वपूर्ण योजना राबविण्यात येत आहेत. शासकीय योजनांच्या माध्यमातून जास्तीत जास्त रोजगाराच्या संधी निर्माण करण्यासाठी शासन प्रयत्नशील आहे, असेही मंत्री श्री.लोढा यावेळी म्हणाले.

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