Tuesday, 7 September 2021

 नमस्कार 


आज श्रावण महिन्याचा शेवटचा दिवस...पिठोरी अमावस्या. 

तसेच मातृत्वाचा गौरव करण्याचा दिवस म्हणजे पिठोरी अमावस्या. श्रावण अमावास्येला पिठोरी अमावास्या म्हणतात. चौसष्ट योगिनी या व्रताच्या देवता आहेत.


 पिठोरी अमावस्येचंच दुसरं नाव मातृ दिन. वंशवृद्धी तसेच मुलांच्या दीर्घायुष्यासाठी ही पूजा केली जाते. स्त्रीला सौभाग्य व तिच्या मुलांना दीर्घायुष्य, आरोग्य देणारी ही अमावस्या आहे.


ज्या स्त्रियांची मुले अल्पायुषी ठरतात किंवा ज्यांची मुले जगत नाहीत अशा फक्त सुवासिनी स्त्रिया पिठोरीचे व्रत ठेवतात. या दिवशी दिवसभर उपास करुन संध्याकाळी चौसष्ट योगिनींची पूजा करतात. पूर्वी पिठाच्या मूर्ती करायचे परंतु आता यांच्या चित्राच्या कागदाची पूजा केली जाते. या दिवशी नैवेद्याला सर्व पिठाचेच पदार्थ करतात,म्हणून या अमावस्येला पिठोरी अमावस्या म्हणतात. बेदाणे घातलेली भाताची खीर हा खास नैवेद्य असतो.


घरातील मुलांसाठी खीरपुरीचे किंवा पुरणपोळीचे जेवण तयार केलं करतात. पूजा करुन झाल्यावर पु्रणाची आरती केली जाते आणि खिरीच्या वाटीवर पुरी झाकून आई ते पक्क्वान आपल्या खांद्यावरुन मागे नेत विचारते, “अतीत कोण?” (किंवा अतिथी कोण?) तेव्हा घरातील मुले आपले नाव सांगुन नैवेद्य हातातून घेतात व अशा प्रकारे पूजा पूर्ण होते.


या दिवशी स्त्रिया पूजा करुन सौभाग्य व तिच्या मुलांना दीर्घायुष्य व आरोग्य मिळावं अशी प्रार्थना करतात. म्हणून स्त्रीला संतान सुख देणारी अमावस्या मातृदिन म्हणून ओळखली जाते. श्रावण वद्य अमावास्येलाच *दर्भग्रहणी* अमावस्या ही म्हणतात.


आपल्या संस्कृतीमध्ये आईला फार महत्व आहे कारण माता केवळ मुलांचीच नव्हे तर *त्यांच्या संस्कारांचीही जननी* आहे. वात्सल्याने भरलेल्या आईची तुलना देवाशी केली जाते. तिला देवतेऐवढे स्थान असल्यामुळेच प्रेमाने माऊली अशी हाक दिले जाते. त्याग, सेवा, समर्पण, प्रेमाची मूर्ती म्हणून मातृदिन उत्साहाने साजरा केला जातो.


तसेच शेतकऱ्यांसाठी हा सण महत्वाचा असतो....बैलपोळा , त्याच्या कुटुंबाचा घटक म्हणून, त्याचे मित्र म्हणून, सहकारी म्हणून वावरणाऱ्या 'जिवा-शिवाच्या' बैलजोडीला विश्रांती देण्याचा दिवस, त्यांच्याविषयी कृतज्ञता व्यक्त करण्याचा दिवस. बैलांना आंघोळ घालायची, शिंगांना रंग द्यायचा, सजवायचे, अंगावर झुल चढवायची आणि सायंकाळी सवाद्य मिरवणूक...गाव त्यानिमित्ताने एकत्र येतो. 


आता तयारी करायची   "बाप्पा" च्या आगमनाची. 

🙏🙏🙏

 भीड़ को आमंत्रित करने वाले सभी राजनीतिकधार्मिक आयोजनों को स्थगित करने के लिए

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी दलों व संगठनों से की अपील

·       जनता का स्वास्थ्य जरूरीत्योहार बाद भी मनाएं जा सकते हैं

·       कोरोना संक्रमण के बढ़ने से बिगड़ सकती हैं हालात

 

            मुंबईदि. 6 :  कोरोना संक्रमण में थोड़ी वृद्धि होती दिख रही है और पिछली लहर के अनुभव को देखते हुए मैं सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से आग्रह करता हूं कि वे भीड़-भाड़ वाले राजनीतिक कार्यक्रमोंसभामोर्चों को तुरंत स्थगित कर दें। आप अन्य कार्यक्रमों को कठोर नियमों के दायरे में रहकर मना सकते हैं। लेकिन अब हमें तीसरी लहर नहीं आने देनी है। लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें‌। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर यह अपील की है।

            राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सरकार को इस संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के स्पष्ट निर्देश दिए ही गए हैं। लेकिन मैं सत्ता और विपक्ष दोनों पार्टियों से अपील कर रहा हूं कि अब और सावधान रहें। भीड़भाड़ वाले आयोजनों से बचें। त्योहारउत्सव आ गए हैं,  उस पर कौन प्रतिबंध लगाना चाहेगालेकिन अंत में आपका स्वास्थ्यआपका जीवन मायने रखता है।  त्योहार बाद भी मना सकते हैं। इसलिए फिर से सख्त प्रतिबंध लगाने का समय नहीं आएगा।

            मुख्यमंत्री श्री ठाकरे ने आगे कहा कि 'इसे खोलोउसे खोलो की मांग ठीक हैलेकिन इससे खतरा बढ़ गया है। यदि सभी लोग नियमों और सीमाओं का पालन करते हैंतो फिर से सख्त प्रतिबंध लगाने का समय नहीं आएगा। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों से विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं कि हम सभी को समझदारी से काम लेना चाहिए और लोगों के जीवन की रक्षा करनी चाहिए। त्योहारउत्सव  तो आज नहीं तो कल आएंगे लेकिन घर के सभी सदस्य हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि लोगों के जीवन के व्यवधान से बचाना हैतो सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित स्वास्थ्य नियमों का कड़ाई से पालन करेंभीड़भाड़ न करें। सार्वजनिक आयोजनों से बचें। राजनीतिक सभाओंसम्मेलनों को प्रोत्साहित न करेंयही विघ्नहर्ता श्री गणेश की इच्छा होगी।

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बाढ़ पीड़ितोंकिसानों और बधितों को फिर से

खड़ा करने के लिए सर्वतोपरी प्रयास जारी

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

·       बाढ़ को लेकर स्थायी उपाययोजनाओं के भी प्रयास 

·       ‘स्वाभिमानी’ के किसान शिष्टमंडल के साथ हुई बैठक

            मुंबईदि. 6 : - राज्य में भारी बारिश के कारण बाधित हुये बाढ़ पीड़ित किसानों को वर्ष 2019 के नियमों के अनुसार मदद देने का निर्णय इसके पहले ही लिया है। इस निर्णय का क्रियान्वयन और केंद्र सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ितों को दी जानेवाली एनडीआरएफ की मदद के नियमों में वृद्धि की जाएइसके लिए विविध स्तर पर पहल हो रही है। इसके अलावा बाढ़ के हालात न बनेइसे लेकर भी स्थायी उपाययोजनाएं करने के संदर्भ में विशेषज्ञों से और यंत्रणा से समन्वय साधा जा रहा हैयह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। बाढ़ पीड़ितों कोकिसानोंबधितों को फिर से खड़ा करने के लिए सर्वतोपरी प्रयास किए जाएंगेयह ग्वाही भी उन्होंने में दी।

         इस बैठक में पश्चिम महाराष्ट्र में जुलाई माह में निर्माण हुए बाढ़ के हालातबाढ़ पीड़ितों को नुकसान के मुआवजे और उनका पुनर्वसन को लेकर श्री. शेट्टी और सांसद श्री. माने ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी।  जिस पर मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे ने कहा कि जुलाई माह में अचानक आयी बाढ़ की वजह से किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ऐसे किसानों को खरीप हंगाम की फसलों को लिए पीक कर्ज का पुनर्गठन करने को लेकर रिझर्व बैंक से चर्चा की जाएगी। साथ ही रोजगार हमी के माध्यम से इस परिसर में कामों को प्राथमिकता भी दी जाएगी। बाढ़ की अवधि में बढ़नेवाले बॅकवॉटर की वजह निर्माण होनेवाली बाढ़ के हालातों को लेकर जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल ने कर्नाटकआंध्रप्रदेश इन राज्यों से साथ इस विषय पर संवाद समन्वय साधा है।  इसके अलावा तालाबों के बॅकवॉटर को लेकर योग्य वह खबरदारी लेने की उपाययोजना भी जारी है और बाढ़ बाधित  क्षेत्र के लोगों का योग्य पुनर्वसन होइसके लिए भी प्रयास जारी है। इस पुनर्वसन नीति को लेकर सहयोग की अपील भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस दौरान किया। 

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"POSTPONE SOCIO-POLITICAL-RELIGIOUS CONGREGATIONS FOR NOW, ON PAIN OF PUBLIC HEALTH DISRUPTION. DON'T INVITE THIRD COVID-19 WAVE": MAHA CM'S HEARTFELT APPEAL TO POLITICAL PARTIES, RELIGIOUS ORGANIZATIONS

"DON'T WORSEN CORONA INFECTIONS RATE AT PUBLIC HEALTH COST. WE'LL ALL CELEBRATE FESTIVALS LATER, ":CHIEF MINISTER UDDHAV THACKERAY

 

      MUMBAI September 6, 2021: Maharashtra Chief Minister Shri Uddhav Thakre reached out to the organisers of religious, and political events again today and urged them to immediately put off any plans of holding public congregations, Morchas and other public gatherings in the wake of a marginally higher incidence of covid-19 infections being reported in the state. 

      "I request all political parties and religious organisations to immediately defer any such programs that induce crowding by people. Even permissible functions may only be held provided covid protocols are observed diligently. Today we must accord first priority to the health of the people and ensure that the third wave of the pandemic does not reach our shores, " the Chief Minister reiterated through a heart felt appeal.

      Mr. Uddhav Thakre added that as political head of the state, while strict instructions were already in place to ensure full preparedness to face the ongoing covid-19 pandemic challenges,  it was also incumbent upon not only the ruling parties but also opposition political formations to take the necessary additional precautions, in the wake of of the changing dynamics of the pandemic. "The season of festivals has also arrived and no one wants to put a dampner on such celebrations as they bind together the social fabric of society. But, finally it is a question of public health and the first priority must be accorded to saving lives.  Festivals can be celebrated even later," the Chief Minister said. 

So stringent lockdown does don't have to be reimposed:

      The Chief Minister further stated that it was one thing to raise demands for opening up of this (facility) and that but, this effectively resulted in an increasing threat of the covid-19 footprint's growth.  "If each and every one observed covid-19 protocols, then stringent curbs and restrictions would not be needed to be put in force. Hence I appeal to all political formations to exhibit wisdom and act wisely in the primary interest of maintaining good public health.  Even if we are unable to celebrate festivals today they will return again in the future but, it is of utmost priority to preserve and maintain the good health of our family members who are irreplaceable to us," Mr. Thackeray noted.

       If we have to avoid negative disruptions of public health, it is essential for all to observe stringently the various public advisories and health protocols issued from time to time by the state government.  Prevent crowding, avoid public gatherings, meetings and conferences.  Even Lord Ganesha, the 'Vignaharta' (resolver of all problems of the universe) would wish for us all to behave covid appropriately today," the Chief Minister said. 

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 पायाभूत निधी योजनेतून अल्पदरात कर्ज द्यावे

कृषीमंत्री दादाजी भुसे यांची केंद्र सरकारकडे मागणी

 

            मुंबईदि. 6 : शेतीसाठीच्या पायाभूत निधी योजनेतून शेतकऱ्यांना अतिशय अल्पदरातएक ते दोन टक्के दराने कर्ज उपलब्ध करुन देण्यासाठी केंद्र सरकारने योजना सुरु करावी. ही योजना स्वातंत्र्याच्या सुवर्ण महोत्सवी वर्षात शेतकऱ्यांसाठी अनोखी भेट असेलअसे राज्याचे कृषीमंत्री दादाजी भुसे यांनी आज सांगितले.

            केंद्रीय कृषी आणि शेतकरी कल्याण मंत्रालयामार्फत सीएम कॉन्फरन्स आयोजित करण्यात आली होती. दूरदृश्य प्रणालीद्वारे झालेल्या या कॉन्फरन्समध्ये सहभागी होताना श्री. भुसे यांनी ही मागणी केली. या कॉन्फरन्समध्ये नवी दिल्लीतून केंद्रीय कृषीमंत्री नरेंद्रसिंह तोमरकेंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयुष गोयलकृषी राज्यमंत्री कैलाश चौधरीविविध राज्याचे मुख्यमंत्रीकृषीमंत्रीकृषी सचिव आणि विविध अधिकारी सहभागी झाले होते.

            कृषीमंत्री श्री. भुसे यांनी सांगितले कीनाबार्डच्या माध्यमातून पायाभूत सुविधांचा विकास करण्यासाठी शेतकऱ्यांना कर्ज दिले जाते. हे कर्ज एक किंवा दोन टक्के दराने उपलब्ध करुन द्यावे. असे केल्यास स्वातंत्र्याच्या सुवर्ण महोत्सवी वर्षात शेतकऱ्यांना मोलाची भेट ठरेल. पायाभुत सुविधांचा विकास करणेशेतीच्या विकासासाठी अतिशय महत्त्वाचा आहे. त्यामुळे ही योजना राबवण्यावर भर द्यावा.

           सध्या विविध राष्ट्रीयकृत बँकांचे एकमेकांत विलीनीकरण होत आहे. त्यामुळे बँकांच्या शाखांचे आयएफएससी बदलत आहेत. परिणामी शेतकऱ्यांच्या खात्यात पीएम किसान निधी योजनेचे पैसे जमा होण्यास अडथळा येत आहे. त्यामुळे यावर तोडगा काढला जावाअशी सूचना श्री. भुसे यांनी केली.

            महाराष्ट्र शासनानेही कृषीसाठीच्या अनेक योजना ऑनलाईन केल्या आहेत. विविध योजनांसाठी एकच अर्ज करावा लागत आहे. महाराष्ट्र शासन कृषी क्षेत्रात ई-गव्हर्नन्स प्रोजेक्ट राबवत आहे. त्यासाठी आवश्यक निधी मंजूर करावाअशी मागणी श्री. भुसे यांनी केली.

             केंद्र सरकारने तेल बियांच्या उत्पादनात आत्मनिर्भर होण्याचा निर्णय घेतला आहे. या पावलावर पाऊल ठेवत राज्य शासनाने करडईकारळेजवस या तेलबियांचे उत्पादन वाढावे यासाठी पीक पद्धतीत काही बदल सुचवले आहेत. तेलबियांच्या उत्पादनात वाढ होण्यासाठी शेतकरी या पिकाकडे वळावा यासाठी बी-बियाणे यांना अनुदान द्यायला हवाअसे श्री. भुसे यांनी सांगितले.

 सुविधा आहेत पण ऑक्सिजनची मर्यादा लक्षात घ्या!

कोरोनाच्या संकटातून पूर्णपणे बाहेर येण्यासाठी सर्वांनीच

जबाबदारीने वागण्याची गरज

माझा डॉक्टर’ वैद्यकीय परिषदेत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांचे आवाहन

 

        मुंबईदि. : कोरोनाच्या संभाव्य तिसऱ्या लाटेला रोखून विषाणूंविरुद्धचे हे युद्ध जिंकण्यासाठी आणि कोरोनाच्या संकटातून पूर्णपणे बाहेर येण्यासाठी राज्य शासनाने वेगाने आरोग्य सुविधांमध्ये वाढ केलेली आहेअसे असले तरी ऑक्सिजनची मर्यादा लक्षात घेता सर्वांनीच जबाबदारीने वागण्याचे आवाहन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी आज केले.

            कोविडच्या संभाव्य तिसऱ्या लाटेला रोखण्याच्या उपाययोजनांबाबत कोविड राज्य कृतीदलाने आयोजित केलेल्या माझा डॉक्टर’ या ऑनलाईन वैद्यकीय परिषदेचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांच्या हस्ते आज उद्घाटन झालेत्याप्रसंगी मुख्यमंत्री बोलत होते. या परिषदेस आरोग्यमंत्री राजेश टोपेवैद्यकीय शिक्षण मंत्री, अमित देशमुखमुख्य सचिव सीताराम कुंटेआरोग्य विभागाचे अपर मुख्य सचिव प्रदीप व्यासवैद्यकीय शिक्षण विभागाचे सचिव सौरभ विजयराज्य कोविड कृतीदलाचे अध्यक्ष डॉ. संजय ओकसदस्य सर्वश्रीडॉ. शशांक जोशीडॉ. राहुल पंडितडॉ. अजित देसाईबालकांसाठीच्या राज्य कृतीदलाचे अध्यक्ष डॉ. सुहास प्रभुअमेरिकेतील डॉ. मेहुल मेहता यांच्यासह राज्यभरातील डॉक्टर्सनागरिक आणि या क्षेत्रातील मान्यवर उपस्थित होते.

            आज कोरोनाची परिस्थिती नियंत्रणात मग आज ही चर्चा कशासाठीतर कारण स्पष्ट आहे. जगभरातील  देशात तिसऱ्या लाटेचा अनुभव कटु आहेआकडे ही स्थिती स्पष्ट करतात. जर तिसरी लाट अपरिहार्य असेलती येऊ नये अशी आपली प्रार्थना आहे. पण प्रार्थनेच्या पुढे एक पाऊल टाकले पाहिजे आणि त्यासाठी प्रयत्न करणे आवश्यक असून ही परिषद त्या प्रयत्नांचाच एक भाग असल्याचे मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे यांनी यावेळी सांगितले. 

            तिसरी लाट येऊ नये आणि आलीच तर घातकता कमी करण्याची गरज आहे. कोरोनाविरुद्धचे  जर हे युद्ध आहे असं आपण मानतो तर आपली सगळी शस्त्रे परजवून ठेवण्याची गरज आहे. मग आपली शस्त्रे काय आहेत,  तर डॉक्टरनर्सेसपोलीसअग्निशमनदल कर्मचारी सगळेच कोरोना योद्धे आहेतत्याचबरोबर रुग्णालय व्यवस्थायंत्रसामग्रीऔषध उपलब्धता या सगळ्या गोष्टीही महत्त्वाच्या आहेत. अजून राज्यात दुसरी लाट कायम आहे आणि तिसऱ्या लाटेची शक्यता सांगितली जात आहे मग त्याचा बंदोबस्त करण्याची गरज आहे त्यासाठी आपणही सज्ज राहण्याची आवश्यकता मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी यावेळी व्यक्त केली. 

रुग्णालयांनी ऑडिट करून घेण्याचे आवाहन

            आपला शत्रू अजून पूर्णपणे पराभूत नाही. त्याचा बंदोबस्त करण्यासाठी आपण सर्वांनी सज्ज राहणे आवश्यक आहे. आरोग्य सुविधा मग ते ऑक्सिजनरुग्णशय्याऔषधेव्हेंटिलेटर्स असो की अन्य इलेक्ट्रिक यंत्रसामग्री या सगळ्याच गोष्टी सतत वापरात असल्याने त्यांची काळजी घेणे अत्यावश्यक आहे. त्यामुळे सर्व रुग्णालयांनी या गोष्टींचे ऑडिट करून घेण्याचे आवाहनही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी यावेळी केले. 

 

प्रत्येक पाऊल सावधानतेनेमात्र अनेकांना सगळ्या गोष्टी उघडण्याची  घाई

            आजच्या शिक्षणदिनी शिक्षण क्षेत्राला दिशा देणाऱ्या डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन यांना अभिवादन करून कोरोनाने आपल्याला जे धडे शिकवले त्यातून आपण काय शिकलो याचा विचार करून या संकटाचा बिमोड करायचा आहे. प्रत्येक पाऊल सावधानतेने आपण टाकतो आहे. ही सगळी काळजी घेतांना अनेकांना सगळ्या गोष्टी उघडण्याची  घाई आहे. पण आपण ज्या गोष्टी उघडत आहोत त्या पुन्हा बंद होऊ नयेत याची काळजी घेण्याचीही गरज आहे. ती घेतली नाही तर आपण या  कोरोनाच्या संकटातून  कधीच बाहेरच पडणार नाही. यामुळे कोरोना सदैव आपल्यासोबत राहण्याची शक्यता वाढू शकते. तसे होऊ नये म्हणून काळजी घेण्याची गरजही मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी व्यक्त केली. 

तीन हजार मेट्रिक टन ऑक्सिजन निर्मितीचे उद्दिष्ट

            महाराष्ट्राने ज्या वेगाने आरोग्य सुविधांमध्ये वाढ केली तेवढी क्वचितच एखाद्या राज्याने केली असावी. पण आजही ऑक्सिजनची आपल्याकडे कमी आहे आपण रोज ३ हजार मे.टन ऑक्सिजन निर्मितीचे उद्दिष्ट ठेवले आहे. पण या क्षमतेपर्यंत पोहोचण्यासाठी काही कालावधी लागणार आहे. काही यंत्रसामग्री बाहेरून आणावी लागत आहेत्यात काही वेळ जाणार आहे असे सांगून आपण आरोग्य सुविधांमध्ये मोठी वाढ केली आहेसव्वा लाख  ऑक्सिजन बेड वाढवले म्हणजे आपण  या सगळ्या रुग्णांना ऑक्सिजन देऊ शकतो का याचा विचार करण्याची आवश्यकताही मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे यांनी यावेळी बोलून दाखवली.

ऑक्सिजनच्या क्षमतेतच उपाययोजना करण्याची गरज

            गेल्या अनुभवातून आपण काय शिकलो हे महत्त्वाचे. पहिल्या लाटेपेक्षा कोरोनाची दुसरी लाट आपल्यासाठी अधिक अडचणीची ठरली. आपली ऑक्सिजनची गरज अचानक वाढली. राज्याची ऑक्सिजनचे उत्पादन दररोज १२०० ते १३०० मे.टन असून ही गरज मागच्यावेळी १७०० ते १८०० मे.टन एवढी वाढली. इतर राज्यातून हजारो कि.मी. वरुन ऑक्सिजन आणावा लागलात्यातून आपण ऑक्सिजनची गरज भागवली. पण त्या राज्यात कोरोना रुग्णसंख्या वाढल्यास आपल्याला त्या राज्यातून ऑक्सिजन मिळत नाहीतो ऑक्सिजन ते राज्य त्यांच्या राज्यातील रुग्णांसाठी वापरतात ही वस्तुस्थिती आहे अशावेळी आपल्या ऑक्सिजनच्या क्षमतेतच उपाययोजना करण्याची गरज आहे. 

राज्यात १४०० मेट्रिक टन ऑक्सिजनचे उत्पादन

            आज १४०० मे.टन ऑक्सिजनचे उत्पादन राज्यात होत आहे. त्यात स्टील आणि लघु उद्योगासाठी ऑक्सिजन वापरतात. औषध क्षेत्रातलस तयार करण्यासाठी ऑक्सिजनची गरज असते. मागच्यावेळी  सर्वच आपण ऑक्सिजन मेडिकल कारणासाठी वापरला म्हणजे इतर गोष्टींसाठी लागणारा ऑक्सिजन आपण बंद केला. आजही १४००  मे.टन ऑक्सिजन पैकी ३०० ते ३५० मे. टन ऑक्सिजन आपण रुग्णांसाठी वापरत आहोत. इतर राज्यातून ऑक्सिजन आणण्याची वेळ येऊ नये हा आपला प्रयत्न असल्याचेही मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे यांनी सांगितले. 

डेंग्यूमलेरियाच्या रुग्णांची काळजी घेण्याचे आवाहन

            माणूस आजारी पडला की सर्वप्रथम आपल्या फॅमिली डॉक्टरकडे माझा डॉक्टर’ या भावनेतून जातो. कारण त्यांचा या माझा डॉक्टरवर विश्वास असतो.  पावसाळा सुरु आहे. डेंग्युमलेरिया चा प्रादुर्भाव वाढत आहेत्याकडेही लक्ष देण्याची गरज असून कोविड नसला तरी डेंग्युमलेरियाच्या रुग्णांची काळजी घेण्याचे आवाहन मुख्यमंत्र्यांनी यावेळी केले. लसीचे दोन्ही डोस घ्यापण लस घेतली तरी सार्वजनिक ठिकाणीचारचौघात वावरतांना काळजी घ्यामास्क नक्की लावा. डॉक्टरांनीही आपल्याकडे येणाऱ्या रुग्णांना यासंबंधी सांगून जनजागृती करण्याचे आवाहन त्यांनी यावेळी केले. 

कोरोनाविरुद्ध आंदोलन करण्याचे आवाहन

            राज्यात अनेकजण घाईने अनेक गोष्टी उघडण्यासाठी आग्रह धरत आहेत. पण ही घाई सर्वसामान्य जनतेच्या अडचणी वाढवणारीत्यांचे आरोग्य धोक्यात आणणारी तर नाही नायाचा विचार सर्वांनीच करायला हवा. अगदी राजकारण्यांनीहीआम्हीही हा विचार करायला हवा. राजकारण आपल्या सर्वांचं होतं पण जीव जनतेचा जातो. जनतेच्या जीवाशी खेळू नका. आंदोलन करायचे तर ते कोरोनाविरुद्ध करण्याचे आवाहनही यावेळी मुख्यमंत्र्यांनी राजकीय पक्षांना केले.

माझे गावमाझी जबाबदारी’ ओळखून कोरोनामुक्त गाव करा

            कोरोनामुक्त गावाची संकल्पना शासनाने राबविली. मला खुप अभिमान आहे की महाराष्ट्रातील अनेक गावांनी यात सहभागी होऊन आपल्या गावाला कोरोनामुक्त केले. माझे कुटुंब माझी जबाबदारी’ ही जशी महत्त्वाची गोष्ट आहे तशीच माझे गाव माझी जबाबदारी’ ही गोष्ट ही महत्त्वाची आहे ही बाब लक्षात घेऊन गाव कोरोनामुक्त करण्याचे आवाहनही मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे यांनी यावेळी केले. 

विक्रमी लसीकरणाबद्दल आरोग्य यंत्रणेचे कौतुक

            कोरोना प्रतिबंधात्मक लसीकरण मोहिमेत काल एकाच दिवसात १२ लाख नागरिकांचे लसीकरण करून महाराष्ट्राने नवा विक्रम केला असून त्याबद्दल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी आरोग्य विभागाच्या यंत्रणेचे कौतुक केले. जसजशी लस उपलब्ध होईल तसे लसीकरण गतीने करण्यात येणार असल्याचेही मुख्यमंत्री श्री. ठाकरे यांनी यावेळी सांगितले. 

गर्दी होणार नाही याची दक्षता घेण्याचे आवाहन

            आता सणवाराचे दिवस आहेतगेल्यावर्षीच्या तुलनेत आता अनेक गोष्टी आपण खुल्या केल्या आहेत. गेल्यावर्षी सणवारानंतरगणेशोत्सवानंतर दुसरी जोरदार लाट आली. यावर्षी रुग्णसंख्या याआधीच वाढतांना दिसत आहे त्यामुळे गर्दी होणार नाही याची काळजी आपण सर्वांनी घेतली पाहिजे. आपल्याला तिसरी लाट येऊ द्यायची नाहीच. ती थोपवायची आहे. राज्यातील नागरिकांनी ही लाट थोपवायची की तिला निमंत्रण द्यायचे हे ठरवावे हे सांगतानाच  नागरिकांनी कोरोना प्रतिबंधक लसीचे दोन्ही डोस घेण्याचे आवाहन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यांनी यावेळी केले.

संभाव्य लाटेच्या मुकाबल्यासाठी शासनाची सर्वतोपरी तयारी- मुख्य सचिव

            प्रास्ताविकात मुख्य सचिव सीताराम कुंटे यांनी या वैद्यकीय परिषदेच्या आयोजनामागची भूमिका स्पष्ट करून संभाव्य तिसऱ्या लाटेचा मुकाबला करण्यासाठी राज्य शासनाने सर्वतोपरी तयारी केली असल्याचे सांगितले. राज्यातील सर्व शासकीय रुग्णालयांमध्ये साडेचारशेपेक्षा अधिक ऑक्सिजन प्लान्ट उभारण्यात आले असून अनेक जिल्ह्यांमध्ये ऑक्सिजनचा साठा करण्याची क्षमता वाढवत आहोतप्रत्येक जिल्ह्यात तीन ते चार दिवस पुरेल इतका ऑक्सिजनचा साठा करण्यावर भर देण्यात येत असल्याचेही मुख्य सचिवांनी सांगितले. गरज पडल्यास इतर राज्यांमधून ऑक्सिजनची वाहतूक करण्यासाठी वाहतूकव्यवस्था बळकट करण्याचे प्रयत्न सुरु असले तरीही बाहेरून ऑक्सिजन मागविण्याची वेळ येऊ नये यावर भर देण्यात येत असल्याचेही श्री. कुंटे यांनी यावेळी सांगितले. 

            केंद्र सरकारने निश्चित करून दिलेल्या उपचार मानकानुसार औषधांचा पुरेसा साठा ठेवण्यासाठी आरोग्यवैद्यकीय शिक्षण विभाग आणि हाफ़किनला सूचना दिल्या असून कोविड चाचण्यांची क्षमता प्रतिदिन ३ लाखांवर गेली आहेत्यात आरटीपीसीआर दोन लाख तर एक लाख ॲटिजेन चाचण्यांचा समावेश आहे. या चाचण्यांसठी ४१० शासकीय आणि २०२ खाजगी प्रयोगशाळा कार्यन्वित असून रुग्णांसाठी ४ लाख ८० हजार खाटा वाढविण्यात आल्या आहेत. १ लाख २० हजार ऑक्सिजनयुक्त खाटा३६ हजार आयसीयू आणि १४ हजार व्हेंटिलेटर्स बेड्सची तयारी प्रशासनाने केली आहे. राज्यात लसीकरणाची कामगिरी अतिशय उत्तम असून काल एकाच दिवशी १२ लाख लसींच्या मात्रा देऊन देशात महाराष्ट्र प्रथम क्रमांकावर आहे. संभाव्य तिसऱ्या लाटेच्या अनुषंगाने सर्व उपस्थित फॅमिली डॉक्टरांनी आपल्या रुग्णांची तसेच नागरिकांची योग्य तपासणी करावी आणि त्या अनुषंगाने तिसरी लाट रोखण्यासाठी प्रयत्न करण्याचे आवाहन मुख्य सचिव श्री. सीताराम कुंटे यांनी केले. 

Monday, 6 September 2021

 महाराष्ट्र मानसिक आरोग्य संस्थेस

एम.फील पदव्युत्तर पदवी सुरु करण्यास मान्यता

 

            मुंबई दि. 6 पुणे येथील महाराष्ट्र मानसिक आरोग्य संस्थेस एम. फील (क्लिनिकल सायकॉलॉजी) पदव्युत्तर पदवी अभ्यासक्रम सुरु करण्यास वैद्यकीय शिक्षण व औषधी द्रव्ये विभागामार्फत मान्यता देण्यात आली आहे.

            भारतीय पुनर्वास परिषद यांनी दिलेल्या परवानगी विचारात घेऊन पुण्याच्या ससून सर्वोपचार रुग्णालय परिसर येथील महाराष्ट्र मानसिक आरोग्य संस्थेस एम. फील (क्लिनिकल सायकॉलॉजी) पदव्युत्तर पदवी अभ्यासक्रम सुरु करण्यास मान्यता देण्यात आली आहे. सन 2021-22 या शैक्षणिक वर्षापासून 4 प्रवेश क्षमतेसह हा अभ्यासक्रम सुरु करण्यास अटी व शर्तीच्या अधीन राहून मान्यता देण्यात आली आहे.

            मा. सर्वोच्च न्यायालयकेंद्र शासनमा. उच्च न्यायालय आणि राज्य शासन यांनी वेळोवेळी दिलेल्या आदेशानुसार या अभ्यासक्रमाच्या प्रवेशाकरिता निश्चित करण्यात आलेल्या कार्यपद्धती अवलंबिण्यात येणे आवश्यक आहे. राज्य शासनभारतीय पुनर्वास परिषद तसेच विद्यापीठाने एफ.फील(क्लिनिकल सायकॉलॉजी) या अभ्यासक्रमाबाबत वेळोवेळी विहित केलेल्या नियमांचे व मानकांचे पालन करणे संस्थेवर बंधनकारक राहील. संस्थेने महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठाकडून संलग्नता प्राप्त झाल्यानंतर विद्यार्थी प्रवेशित करणे अनिवार्य असेल.

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 कामगार विकास आयुक्तांमार्फत असंघटित कामगारांना

ई-श्रम पोर्टलवर नोंदणी करण्याचे आवाहन

 

            मुंबईदि. 6 राज्यभरात 26 ऑगस्ट 2021 पासून ई-श्रम पोर्टलवर असंघटित कामगारांची नोंदणी सुरु करण्यात आली आहे. नोंदणी करण्यात येणाऱ्या कामगारांना ई-श्रमित कार्ड मिळणार आहे. राष्ट्रीय स्तरावर असंघटित कामगारांचा डेटाबेस तयार होण्याच्या उद्देशाने केंद्र शासनामार्फत नोंदणी करण्यात येत आहे. राज्यातील अंदाजे 3.65 कोटी असंघटित कामगारांना ई- श्रम पोर्टलवर नोंदणी करण्याचे आवाहन  कामगार विकास आयुक्त डॉ.आश्विनी जोशी यांनी केले आहे.

नोंदणीकरीता पात्रता :- असंघटित क्षेत्रामध्ये काम करणारा वय वर्ष 16 ते 59 दरम्यानचा कामगार,      आयकर भरणारा नसावा, कर्मचारी भविष्य निर्वाह निधी आणि कर्मचारी राज्य विमा योजनेचा सभासद नसावा.

नोंदणी कोठे करावी :- स्वत:, नागरी सुविधा केंद्र (CSC), कामगार सुविधा केंद्र, eSHRAM Portal URL :  eshram.gov.in, नॅशनल हेल्पलाईन नंबर – 14434, टोल फ्री नंबर - 18001374150

            वरीलप्रमाणे नमूद करण्यात आलेले निकष पूर्ण करण्यात आल्यानंतर नोंदणी प्रक्रिया पूर्ण होते. या नोंदणीकरीता नागरी सुविधा केंद्र / कामगार सुविधा केंद्रामार्फत कोणतेही शुल्क आकारले जात नाही.

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 कोकणात जाणाऱ्या गणेशभक्तांच्या वाहनांना पथकरातून सवलत

सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री एकनाथ शिंदे यांची घोषणा

·       गणेशोत्सवासाठी कोकणात जाणाऱ्या भाविकांच्या सोयी-सुविधांचा घेतला आढावा

 

          मुंबईदि. 6 : गणेशोत्सवासाठी कोकणात जाणाऱ्या गणेशभक्तांची गैरसोय होऊ नये यासाठी सर्व आवश्यक ती खबरदारी घेण्यात आली असून कोकणात जाणाऱ्या भाविकांच्या वाहनांना पथकरातून सवलत देण्यात येत असल्याची घोषणा सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री एकनाथ शिंदे यांनी केली. या पथकर सवलतीसाठी गणेशभक्तांच्या वाहनांना स्टीकर्स तातडीने उपलब्ध करुन देण्याच्या सूचनाही श्री. शिंदे यांनी दिल्या आहेत.

            आगामी गणेशोत्सव कालावधीत कोकणात जाणाऱ्या भाविकांच्या दृष्टीने आवश्यक त्या सोयीसुविधा उपलब्ध करून देण्यासाठी सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री एकनाथ शिंदे यांच्या अध्यक्षतेखाली दूरदृश्यप्रणालीद्वारे बैठकीचे आयोजन करण्यात आले होते. बैठकीस गृहमंत्री दिलीप वळसे-पाटीलगृहराज्यमंत्री (ग्रामीण) शंभुराज देसाई, नगरविकास विभागाचे प्रधान सचिव भूषण गगराणीमहाराष्ट्र रस्ते विकास महामंडळाचे उपाध्यक्ष तथा व्यवस्थापकीय संचालक राधेश्याम मोपलवारअपर पोलीस महासंचालक (महामार्ग वाहतूक) डॉ. भूषणकुमार उपाध्यायसार्वजनिक बांधकाम विभागाचे सचिव श्री. देबडवार आदी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते.

            कोकणात गणेशोत्सवासाठी जाणाऱ्या भाविकांची गैरसोय होऊ नये म्हणून कोकणात जाणारे सर्व रस्तेमहामार्ग सुस्थितीत असणे गरजेचे आहेत. भाविकांचा प्रवास सुलभ व्हावा यासाठी पनवेलपेणमहाड रस्ता,  साताराभुईंज, शेंद्रे तसेच कराड-पाटण चिपळूणमार्गे कोकणात जाणारा महामार्गमुंबई-गोवा महामार्गवाकण-पाली-खोपोली मार्गसिंधुदुर्गातील वागदे-कुडाळ मार्गआंबेनळी घाटताम्हिणी घाटरत्नागिरी-सावर्डे रस्त्यांवरील खड्डे बुजविण्याची उर्वरित कामे दोन दिवसांत युद्धपातळीवर पूर्ण करण्याचे निर्देशही मंत्री श्री. एकनाथ शिंदे यांनी दिले.

            दरवर्षीप्रमाणे यंदाही कोकणात जाणाऱ्या गणेशभक्तांच्या वाहनांना पथकरात सवलत देण्याची घोषणा करतानाच या वाहनांसाठी स्टीकर्स तातडीने उपलब्ध करुन देण्याचे निर्देशही यावेळी श्री. शिंदे यांनी दिले.  मुंबई-पुणेपुणे-सातारामुंबई-गोवा या महामार्गावरील पथकर नाक्यांवर अधिकचे मनुष्यबळ नेमणूक करुन गणेशभक्तांच्या वाहनांसाठी स्वतंत्र मार्गिका ठेवल्यास वाहतूक कोंडी कमी होईल.सार्वजनिक बांधकाम विभागरस्ते विकास महामंडळराष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण यांनी समन्वयाने पथकर नाक्यांवर भाविकांची गैरसोय होणार नाही यासाठी विशेष लक्ष ठेवण्याच्या सूचनाही त्यांनी दिल्या.

            पथकर नाक्यांवर गणेशभक्तांशी वाद घालू नकापथकर सवलतीचे स्टीकर्स उपलब्ध करुन देण्याबरोबर पथकर नाक्यांवर रुग्णवाहिकाजलद प्रतिसाद वाहनेजेसीबीबरोबरच पुरेसे पोलीस बंदोबस्तासाठी तैनात करा. कोविडचे संकट पाहता भाविकांना कोणताही त्रास होणार नाही याची दक्षता घेण्याच्या सूचनाही श्री. शिंदे यांनी यावेळी दिल्या.

कोकणात जाणाऱ्या मार्गावर पोलीस तैनात- गृहमंत्री दिलीप वळसे-पाटील

            कोकणात जाणाऱ्या मार्गावर स्थानिक पोलीसांबरोबरच महामार्ग वाहतूक पोलीस तैनात करण्यात आले असून भाविकांना कोणतीही अडचण येऊ नयेवाहतूक खोळंबू नये यासाठी सर्व आवश्यक त्या उपाययोजना करण्यात आल्याचे गृहमंत्री दिलीप वळसे-पाटील यांनी सांगितले.

            या बैठकीस ठाणेरायगडरत्नागिरीपुणेसिंधुदुर्गसाताराकोल्हापूर या जिल्ह्यांचे जिल्हाधिकारीजिल्हा पोलीस अधिक्षकसार्वजनिक बांधकाम विभागराष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरणपरिवहनएसटी महामंडळमहाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ आदींचे वरिष्ठ अधिकारी तसेच पथकर कंपन्यांचे प्रतिनिधी उपस्थित होतेत्यांनी आपल्या कार्यक्षेत्रात केलेल्या कामांची आणि सुविधांची माहिती यावेळी दिली.

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