इस विशेष अभियान के अंतर्गत सभी विभागों के प्रचलित मानकों में वृद्धि करते हुए संचालनालय के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी से सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अतिरिक्त कार्य कराया गया, साथ ही सरकारी अवकाश के दिनों में भी काम कर लंबित मामलों का निपटारा किया गया। जहाँ उपलब्ध मानव संसाधन के साथ न्यूनतम 2 लाख से 2 लाख 15 हजार मामलों के निपटारे की क्षमता थी, वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देशानुसार 3 लाख 96 हजार 879 मामलों का निपटारा किया गया। इस प्रकार लंबित मामलों में से 1 लाख 02 हजार 413 अतिरिक्त मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा संभव हुआ।
दिसंबर 2025 के अंत तक लंबित मामलों में से ‘कन्वेंशनल फॉरेंसिक’ विभाग ने 3 लाख 96 हजार 275 मामलों का निपटारा किया। इस विभाग में वर्तमान में 27 हजार 524 नए मामले प्राप्त हुए हैं। फरवरी 2026 से जिस दिन मामला प्राप्त होगा, उसी दिन विश्लेषण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इससे मामलों के लंबित रहने की स्थिति समाप्त होकर पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। कंप्यूटर अपराध विभाग, साइबर, ध्वनि एवं ऑडियो-वीडियो विभागों में भी लंबित मामलों का निपटारा तेज़ी से किया जा रहा है।
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