गुटखा बंदी को और कठोर बनाने के लिए कानून में संशोधन किया जाएगा
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
नागपुर, 9 दिसंबर: गुटखा बेचने वालों पर मकोका लागू करने का प्रस्ताव विधि एवं न्याय विभाग को भेजा गया था, लेकिन वर्तमान कानून के अनुसार “हर्म और हर्ट” (हानि और चोट) ये दोनों घटक न होने के कारण मकोका लागू नहीं होता। इसलिए कानून में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे ताकि गुटखा कारोबार में शामिल व्यक्तियों पर भी मकोका लागू किया जा सके। कानून को और कठोर बनाया जाएगा, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में दी।
विधानसभा सदस्य प्रशांत ठाकुर, अस्लम शेख, अभिमन्यु पवार, रईस शेख और अमीन पटेल ने स्कूल और कॉलेज परिसरों में अवैध गुटखा बिक्री और परिवहन के मुद्दों पर प्रश्न उठाया था। उसी का उत्तर देते समय मुख्यमंत्री फडणवीस बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गुटखा पर पूर्ण प्रतिबंध है। गुटखा बिक्री और परिवहन के संदर्भ में राज्यभर में पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है और विभिन्न जिलों में सैकड़ों अपराध दर्ज किए गए हैं। बड़े स्तर पर चलाए गए अभियान में नवी मुंबई में 1,144, अहमदनगर में 185, जालना 90, अकोला 35, नासिक 131, चंद्रपुर 230, सोलापुर 108, बुलढाणा 664 तथा नागपुर और यवतमाल जिलों में कुल 1,706 मामले दर्ज किए गए हैं, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी।
उन्होंने बताया कि स्कूल या कॉलेज के 100 मीटर के दायरे में गुटखा बिक्री पाए जाने पर वहां की टपरियों या दुकानों पर संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं। यह कार्रवाई स्थानीय स्वराज संस्थाओं के समन्वय से की जाएगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा कि ड्रग्स की लत में फंसे लोगों के लिए पुनर्वास केंद्रों की आवश्यकता है। मुंबई महानगर में गुणवत्तापूर्ण पुनर्वसन केंद्रों की कमी है, और इस दिशा में राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
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