पर्याप्त आवास उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउसिंग स्टॉक’ का निर्माण
— उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की विधानमंडल में घोषणा
नागपुर, 13 दिसंबर : पुराने पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराने तथा नए परियोजनाओं के लिए पर्याप्त संख्या में घर उपलब्ध हो सकें, इसके उद्देश्य से राज्य स्तर पर ‘हाउसिंग स्टॉक’ (आवास भंडार) का निर्माण करने की घोषणा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज विधान परिषद में की।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में वन क्षेत्र, मैंग्रोव (कांदळवन), सीआरज़ेड (तटीय विनियमन क्षेत्र) आदि स्थानों पर मूल स्थल पर पुनर्विकास संभव नहीं है। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण, मेट्रो, जल आपूर्ति तथा मल-निस्सारण जैसी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (पीएपी) के पुनर्वास हेतु आवास की आवश्यकता होती है।
इसी प्रकार समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों—जैसे गिरणी कामगार, डब्बेवाले, माथाड़ी कामगार आदि—को आवास उपलब्ध कराने की नीति राज्य सरकार ने अपनाई है। इन सभी वर्गों को समय पर घर उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर हाउसिंग स्टॉक की आवश्यकता होगी, और इसी दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है, ऐसा उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया।
उन्होंने कहा कि इन सभी वर्गों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध होने वाले हाउसिंग स्टॉक को एकत्रित कर, सुनियोजित एवं प्राथमिकता के आधार पर उसका वितरण करने की नीति तय की गई है। इस हाउसिंग स्टॉक में मुंबई की धारा 33(7), 33(9), 33(12)(बी) सहित विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ राज्य स्तर की ‘इन्क्लूसिव हाउसिंग’, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)’ जैसी योजनाओं को शामिल करने का सरकार का इरादा है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने यह भी कहा कि मैंग्रोव भूमि पर अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं। मैंग्रोव क्षेत्र संरक्षित रहना चाहिए और उसका संरक्षण आवश्यक है, इसे ध्यान में रखते हुए ‘ग्रीन टीडीआर’ देने के संबंध में भी विचार किया जाएगा,
No comments:
Post a Comment