सुनियोजित तैयारी और नागरिकों के सहयोग से भूमिगत मेट्रो परियोजना सफल
-प्रबंध निदेशक अश्विनी भिडे
• दिवंगत बी.जी. देशमुख व्याख्यानमाला में भूमिगत मेट्रो निर्माण की यात्रा का किया सविस्तर वर्णन
मुंबई, 27 नवंबर: मुंबई में सुगम और निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो और कोस्टल रोड जैसे बड़े बुनियादी प्रकल्पों का महत्व अत्यंत विशिष्ट है। इन परियोजनाओं के दौरान शुरुआती चरण में कानूनी व पर्यावरणीय अनुमतिया, तकनीकी कठिनाइयाँ और नागरिकों की विभिन्न चिंताए-इन सभी चुनौतियों का समाधान सुनियोजित तैयारी, पारदर्शी संवाद, विभिन्न विभागों के समन्वय और जनता की भागीदारी से हुआ, यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की अपर मुख्य सचिव तथा मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक अश्विनी भिडे ने दी।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की महाराष्ट्र शाखा द्वारा आयोजित दिवंगत बी.जी. देशमुख स्मृति व्याख्यानमाला में उन्होंने मेट्रो और कोस्टल रोड परियोजनाओं के पीछे की योजना और कार्यप्रक्रिया का विस्तृत वर्णन किया। सामान्य प्रशासन विभाग (प्रशासनिक नवाचार, उत्कृष्टता एवं सुशासन) के अपर मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य सचिव स्वाधीन क्षत्रिय, मानद सचिव विजय सतबीरसिंह और कोषाध्यक्ष विकास देवधर भी उपस्थित रहे।
अश्विनीभिडे ने भारत की पहली पूर्ण भूमिगत मेट्रो — लाइन 3 (कोलाबा से सीप्ज़) — की संपूर्ण जानकारी प्रस्तुति के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि पूर्ण
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