नुकसानग्रस्त किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये का राहत पैकेज
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
किसानों के लिए अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक सहायता
मुंबई, दिनांक 7 अक्टूबर : इस वर्ष राज्य में हुई भीषण अतिवृष्टि के कारण व्यापक स्तर पर फसलों का नुकसान हुआ है। इस आपदा से 29 जिले प्रभावित हुए हैं, जिनमें 253 तालुके और 2,059 मंडल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। किसानों को त्वरित राहत देने के लिए सरकार ने 65 मिमी वर्षा की शर्त हटाते हुए सभी प्रभावित किसानों को सामूहिक रूप से मुआवजा देने का निर्णय लिया है, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के नुकसानग्रस्त किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये का राहत पैकेज तैयार किया गया है। इस पैकेज के अंतर्गत असिंचित खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 18,500 रुपये, मौसमी सिंचित फसलों के लिए 27,000 रुपये, तथा सिंचित फसलों के लिए 32,500 रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों के लिए सहायता दीवाली से पहले वितरित करने का प्रयास रहेगा, और यह अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक मदद है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंत्रालय में आयोजित पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने किसानों के लिए की गई सहायता की सविस्तर जानकारी दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, इतर मागास बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, मदद एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद जाधव पाटील, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, लोकनिर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह भोसले, मुख्य सचिव राजेशकुमार, तथा वित्त, कृषि और पुनर्वसन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण फसलें, पशुधन, घर, दुकानें और खेती को भारी नुकसान हुआ है तथा कई लोगों की मृत्यु भी हुई है। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर 10,000 रुपये की तात्कालिक मदद और खाद्यान्न सामग्री (गेहूं, चावल आदि) उपलब्ध कराई। इसके लिए 2,200 करोड़ रुपये का पहला हप्ता तत्काल मंजूर किया गया है।
बीमित किसानों को शीघ्र सहायता दिलाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं प्रयासरत हैं। साथ ही अबीमित किसानों को भी प्रति हेक्टेयर 17,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। इस मुआवजे के लिए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 1.43 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की गई, जिसमें से 68.67 लाख हेक्टेयर क्षेत्र अतिवृष्टि से प्रभावित हुआ है।
No comments:
Post a Comment